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पटाखों पर प्रतिबंध, फिर भी खुलेआम बिक रहे
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पटाखों पर प्रतिबंध, फिर भी खुलेआम बिक रहे
मुजफ्फरनगर। एनसीआर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के पटाखा बिक्री पर कड़े प्रतिबंध के बावजूद जनपद में खुलेआम पटाखों की बिक्री की जा रही है। प्रशासनिक ऊहापोह के चलते गली-मोहल्लों में घनी आबादी के बीच चल रही इस बिक्री पर किसी तरह की रोक नहीं लग पाई है, जिससे पर्यावरण क्षरण के साथ ही बड़ा हादसा भी हो सकता है।
दरअसल, सोमवार को जनपद में पटाखों की बिक्री होने देने संबंधी आदेश दिए गए, जबकि महज 24 घंटे बाद ही मंगलवार को बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके चलते अफसर पटाखों की खरीद-फरोख्त पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में असफल रहे। नतीजतन, जिले में बड़े स्तर पर भले ही पटाखों की बिक्री पर रोक लग गई हो, लेकिन गली-मोहल्लों में घनी आबादी के बीच धड़ल्ले से पटाखों की बिक्री की जा रही है। इससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचने के साथ ही बड़े हादसे की भी आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
सीएफओ रमा शंकर तिवारी का कहना है कि उनके द्वारा सभी पांचों कारोबारियों के गोदामों का निरीक्षण कर उन्हें केवल ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है। गली-मोहल्लों में होने वाली अवैध बिक्री पर रोक उनके स्तर से मुमकिन नहीं है।
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जिले में पांच कारोबारी हैं अधिकृत
मुजफ्फरनगर। जनपद में अधिकारिक तौर पर केवल पांच पटाखा विक्रेता ही हैं, जिनमें से एक शहर कोतवाली व चार नई मंडी क्षेत्र में है। इन सभी को भी केवल ग्रीन पटाखों की ही खरीद-फरोख्त की अनुमति दी गई है। इस संबंध में अफसरों द्वारा सभी पांचों कारोबारियों के प्रतिष्ठान व गोदामों की भी जांच की जा चुकी है, लेकिन गली-मोहल्लों में बिक रहे अवैध पटाखों की बिक्री बंद नहीं हो पाई है। संवाद
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मुजफ्फरनगर। एनसीआर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के पटाखा बिक्री पर कड़े प्रतिबंध के बावजूद जनपद में खुलेआम पटाखों की बिक्री की जा रही है। प्रशासनिक ऊहापोह के चलते गली-मोहल्लों में घनी आबादी के बीच चल रही इस बिक्री पर किसी तरह की रोक नहीं लग पाई है, जिससे पर्यावरण क्षरण के साथ ही बड़ा हादसा भी हो सकता है।
दरअसल, सोमवार को जनपद में पटाखों की बिक्री होने देने संबंधी आदेश दिए गए, जबकि महज 24 घंटे बाद ही मंगलवार को बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके चलते अफसर पटाखों की खरीद-फरोख्त पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में असफल रहे। नतीजतन, जिले में बड़े स्तर पर भले ही पटाखों की बिक्री पर रोक लग गई हो, लेकिन गली-मोहल्लों में घनी आबादी के बीच धड़ल्ले से पटाखों की बिक्री की जा रही है। इससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचने के साथ ही बड़े हादसे की भी आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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सीएफओ रमा शंकर तिवारी का कहना है कि उनके द्वारा सभी पांचों कारोबारियों के गोदामों का निरीक्षण कर उन्हें केवल ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है। गली-मोहल्लों में होने वाली अवैध बिक्री पर रोक उनके स्तर से मुमकिन नहीं है।
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जिले में पांच कारोबारी हैं अधिकृत
मुजफ्फरनगर। जनपद में अधिकारिक तौर पर केवल पांच पटाखा विक्रेता ही हैं, जिनमें से एक शहर कोतवाली व चार नई मंडी क्षेत्र में है। इन सभी को भी केवल ग्रीन पटाखों की ही खरीद-फरोख्त की अनुमति दी गई है। इस संबंध में अफसरों द्वारा सभी पांचों कारोबारियों के प्रतिष्ठान व गोदामों की भी जांच की जा चुकी है, लेकिन गली-मोहल्लों में बिक रहे अवैध पटाखों की बिक्री बंद नहीं हो पाई है। संवाद