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चुनाव का बिगुल बजा, जिले में 11 फरवरी को मतदान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 05 Jan 2017 01:09 AM IST
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शहर में गश्त करते अर्द्ध सैनिक बल के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा 2017 के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। तिथियां घोषित होते ही सियासी दलों में हलचल मच गई है। आदर्श आचार संहिता लागू होने पर प्रशासन ने तत्काल शहर के सार्वजनिक स्थलों पर लगे होर्डिंग्स हटवा दिए हैं। 17 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है, प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है। संवेदनशील केंद्रों की सूची तैयार की जा रही है। उधर, अभी तक सपा और बसपा को छोड़कर बाकी दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।
विधानसभा 2017 के लिए बुधवार को चुनाव आयोग ने तिथियों की घोषणा कर दी। हालांकि सभी दल मैदान में नहीं आए हैं, सिर्फ बसपा और सपा ने अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। बसपा ने सभी छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। बसपा ने शहर सीट से राकेश शर्मा, पुरकाजी सुरक्षित से अनिल कुमार, मीरापुर से नवाजिश आलम, खतौली ने शिवान सैनी और बुढ़ाना से सईदा बेगम बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। सपा की सूची घोषित हो गई है, लेकिन अभी भी चाचा-भतीजे के विवाद में कुछ सीटों पर गफलत की स्थिति बनी हुई है।
बुढ़ाना सीट पर कंवर हसन पहले से प्रत्याशी घोषित हैं। शिवपाल यादव की सूची में यहां से आशु मलिक के भाई गुलफाम मलिक का नाम घोषित किया गया था। खतौली से चंदन सिंह चौहान मैदान में हैं, यहां पहले बच्ची सैनी को टिकट दिया गया था। इसी तरह पुरकाजी पर पहले उमा किरण की जगह दीप्ति पाल प्रत्याशी घोषित की गई। चरथावल में भी सपा ने मुकेश चौधरी को प्रत्याशी घोषित कर रखा है। सपा में अभी कुछ सीटों पर बदलाव की संभावना बनी हुई है।
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भाजपा, कांग्रेस और रालोद ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इन दलों द्वारा भी जल्द ही प्रत्याशियों की सूची घोषित करने की संभावना है। हालांकि गठबंधन को लेकर भी अभी पसोपेश की स्थिति बनी हुई है। सपा और कांग्रेस में गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में कुछ सीटों पर फेरदबल तय है। रालोद भी गठबंधन की कोशिशों में जुटा है, अगर इसमें कामयाबी मिली तो भी कई सीटों पर बदलाव हो सकता है। मुजफ्फरनगर में प्रथम चरण में ही मतदान होना है।
इसके लिए 17 से 27 जनवरी तक नामांकन प्रक्रिया होनी है। जिला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है। निर्वाचन कार्यालय ने भी अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विधानसभावार सहायक पर्यवेक्षकों की भी तैनाती कर दी गई है। यह अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों पर प्रत्याशियों के खर्च और अन्य गतिविधियों पर नजर रखेंगे। आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन ने शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगे सियासी पार्टियों के होर्डिंग्स को हटवा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में पैरामिलिट्री फोर्स द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया है।
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विधानसभा 2017 के लिए बुधवार को चुनाव आयोग ने तिथियों की घोषणा कर दी। हालांकि सभी दल मैदान में नहीं आए हैं, सिर्फ बसपा और सपा ने अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। बसपा ने सभी छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। बसपा ने शहर सीट से राकेश शर्मा, पुरकाजी सुरक्षित से अनिल कुमार, मीरापुर से नवाजिश आलम, खतौली ने शिवान सैनी और बुढ़ाना से सईदा बेगम बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। सपा की सूची घोषित हो गई है, लेकिन अभी भी चाचा-भतीजे के विवाद में कुछ सीटों पर गफलत की स्थिति बनी हुई है।
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बुढ़ाना सीट पर कंवर हसन पहले से प्रत्याशी घोषित हैं। शिवपाल यादव की सूची में यहां से आशु मलिक के भाई गुलफाम मलिक का नाम घोषित किया गया था। खतौली से चंदन सिंह चौहान मैदान में हैं, यहां पहले बच्ची सैनी को टिकट दिया गया था। इसी तरह पुरकाजी पर पहले उमा किरण की जगह दीप्ति पाल प्रत्याशी घोषित की गई। चरथावल में भी सपा ने मुकेश चौधरी को प्रत्याशी घोषित कर रखा है। सपा में अभी कुछ सीटों पर बदलाव की संभावना बनी हुई है।
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भाजपा, कांग्रेस और रालोद ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इन दलों द्वारा भी जल्द ही प्रत्याशियों की सूची घोषित करने की संभावना है। हालांकि गठबंधन को लेकर भी अभी पसोपेश की स्थिति बनी हुई है। सपा और कांग्रेस में गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में कुछ सीटों पर फेरदबल तय है। रालोद भी गठबंधन की कोशिशों में जुटा है, अगर इसमें कामयाबी मिली तो भी कई सीटों पर बदलाव हो सकता है। मुजफ्फरनगर में प्रथम चरण में ही मतदान होना है।
इसके लिए 17 से 27 जनवरी तक नामांकन प्रक्रिया होनी है। जिला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है। निर्वाचन कार्यालय ने भी अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विधानसभावार सहायक पर्यवेक्षकों की भी तैनाती कर दी गई है। यह अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों पर प्रत्याशियों के खर्च और अन्य गतिविधियों पर नजर रखेंगे। आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन ने शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगे सियासी पार्टियों के होर्डिंग्स को हटवा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में पैरामिलिट्री फोर्स द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया है।