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हत्या के मामले में पिता-पुत्रों को उम्रकैद
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हत्या के मामले में पिता-पुत्रों को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने हत्या के मुकदमे में गवाही देने वाले गवाह की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। उम्रकैद की सजा पाने वालों में पिता और उसके दो पुत्र शामिल हैं।
सिविल लाईन थाना क्षेत्र के मोहल्ला महमूदनगर निवासी इरशाद ने 15 दिसंबर 2007 को सिविल लाइन थाने में अपने पिता सगीर की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि उसके पिता सगीर नामजद आरोपी इदरीश उर्फ छांगा के खिलाफ कत्ल के मुकदमे में गवाह थे। आरोपी इदरीश उर्फ छांगा गवाही देने के लिए मना करता था और गवाही देने पर जान से मारने की धमकी भी देता था। घटना के दिन सुबह लगभग 4:30 बजे उसके पिता सगीर अपनी लकड़ी की दुकान पर सो रहे थे। तभी इदरीश उर्फ छांगा अपने दो पुत्रों भूरा व हाकम के साथ आया और सगीर के साथ मारपीट कर गोली मार कर हत्या कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि इस मुकदमे में इदरीश उर्फ छांगा, भूरा, हाकम निवासी महमूदनगर को आरोपी बनाया गया था। मगर पुलिस विवेचक ने इन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न देकर शाहनवाज उर्फ प्लास्टिक, नसीर कारी, साजिद और जाकिर सभासद के नाम आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या-11 में हुई। कोर्ट में वादी मुकदमे में दर्ज आरोपी इदरीश उर्फ छांगा उसके दोनों बेटों भूरा व हाकम को तबल कराया। एडीजीसी कमल कुमार ने दस गवाह पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए विवेचक के आरोपित दो अभियुक्तों शाहनवाज उर्फ प्लास्टिक व नसीर कारी को इस केस से बरी करते हुए मुकदमे में दर्ज आरोपी अभियुक्त इदरीश उर्फ छांगा और उसके बेटों भूरा व हाकम को सगीर की हत्या करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और इस हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। विवेचक द्वारा दर्शाए दो अन्य आरोपियों जाकिर व साजिद की मौत हो चुकी है।
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मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने हत्या के मुकदमे में गवाही देने वाले गवाह की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। उम्रकैद की सजा पाने वालों में पिता और उसके दो पुत्र शामिल हैं।
सिविल लाईन थाना क्षेत्र के मोहल्ला महमूदनगर निवासी इरशाद ने 15 दिसंबर 2007 को सिविल लाइन थाने में अपने पिता सगीर की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि उसके पिता सगीर नामजद आरोपी इदरीश उर्फ छांगा के खिलाफ कत्ल के मुकदमे में गवाह थे। आरोपी इदरीश उर्फ छांगा गवाही देने के लिए मना करता था और गवाही देने पर जान से मारने की धमकी भी देता था। घटना के दिन सुबह लगभग 4:30 बजे उसके पिता सगीर अपनी लकड़ी की दुकान पर सो रहे थे। तभी इदरीश उर्फ छांगा अपने दो पुत्रों भूरा व हाकम के साथ आया और सगीर के साथ मारपीट कर गोली मार कर हत्या कर दी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि इस मुकदमे में इदरीश उर्फ छांगा, भूरा, हाकम निवासी महमूदनगर को आरोपी बनाया गया था। मगर पुलिस विवेचक ने इन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न देकर शाहनवाज उर्फ प्लास्टिक, नसीर कारी, साजिद और जाकिर सभासद के नाम आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या-11 में हुई। कोर्ट में वादी मुकदमे में दर्ज आरोपी इदरीश उर्फ छांगा उसके दोनों बेटों भूरा व हाकम को तबल कराया। एडीजीसी कमल कुमार ने दस गवाह पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए विवेचक के आरोपित दो अभियुक्तों शाहनवाज उर्फ प्लास्टिक व नसीर कारी को इस केस से बरी करते हुए मुकदमे में दर्ज आरोपी अभियुक्त इदरीश उर्फ छांगा और उसके बेटों भूरा व हाकम को सगीर की हत्या करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और इस हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। विवेचक द्वारा दर्शाए दो अन्य आरोपियों जाकिर व साजिद की मौत हो चुकी है।