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Muzaffarnagar News: बुढ़ाना - जमीन का मुआवजा न मिलने से किसान परेशान
Wed, 03 Apr 2024 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:08 AM IST
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। जमीन का बकाया मुआवजा न मिलने से करौदा महाजन व लांक गांव के किसान परेशान हैं। किसानों का करौदा महाजन गांव के पास अनिश्चितकालीन धरना छठे दिन भी जारी रहा। किसानों ने निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर निर्माण कार्य रुकवा दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें मुआवजा नही मिलेगा उनका धरना जारी रहेगा।
किसान राजेंद्र सिंह का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जमीन देने के बाद भी किसानों को उसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। अपने पैसे के लिए ही किसान को डीएम कार्यालय व न्यायालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मजबूरी में किसान को अपने पैसों की मांग के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। पूर्व चेयरमैन नरेंद्र मलिक का कहना है कि एनएचएआई के अधिकारियों ने किसानों को अंतिम दो किस्तों का भुगतान नियमानुसार कर दिया है। पहली किस्त का आधा भुगतान बकाया है। जिलाधिकारी के आदेशों को भी एनएचएआई के अधिकारी चुनौती दे रहे है। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
प्रकाश सिंह का कहना है कि जमीन के बकाया मुआवजे की मांग को लेकर किसान अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत भेजी गई है। किसानों की बात कोई अधिकारी व मंत्री नही सुनता है। देवेंद्र सिंह करौदा महाजन गांव के किसानों का पांच करोड़ बकाया है। अपने पैसे के लिए किसान को अब मजबूरी में न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा। किसान अपनी जमीन का नियमानुसार मुआवजा लेकर रहेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। जमीन का बकाया मुआवजा न मिलने से करौदा महाजन व लांक गांव के किसान परेशान हैं। किसानों का करौदा महाजन गांव के पास अनिश्चितकालीन धरना छठे दिन भी जारी रहा। किसानों ने निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर निर्माण कार्य रुकवा दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें मुआवजा नही मिलेगा उनका धरना जारी रहेगा।
किसान राजेंद्र सिंह का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जमीन देने के बाद भी किसानों को उसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। अपने पैसे के लिए ही किसान को डीएम कार्यालय व न्यायालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मजबूरी में किसान को अपने पैसों की मांग के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। पूर्व चेयरमैन नरेंद्र मलिक का कहना है कि एनएचएआई के अधिकारियों ने किसानों को अंतिम दो किस्तों का भुगतान नियमानुसार कर दिया है। पहली किस्त का आधा भुगतान बकाया है। जिलाधिकारी के आदेशों को भी एनएचएआई के अधिकारी चुनौती दे रहे है। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
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प्रकाश सिंह का कहना है कि जमीन के बकाया मुआवजे की मांग को लेकर किसान अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत भेजी गई है। किसानों की बात कोई अधिकारी व मंत्री नही सुनता है। देवेंद्र सिंह करौदा महाजन गांव के किसानों का पांच करोड़ बकाया है। अपने पैसे के लिए किसान को अब मजबूरी में न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा। किसान अपनी जमीन का नियमानुसार मुआवजा लेकर रहेंगे।
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