{"_id":"a9bbe07fbeaefcecb32816ac3777bb8c","slug":"farmers-get-off-morna-made-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने बंद कराई मोरना मिल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने बंद कराई मोरना मिल
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 04 Jan 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरना। बिजनौर गंगा खादर में अवैध रूप से खरीदे जा रहे गन्ने के ट्रालों से मोरना चीनी मिल में सप्लाई को लेकर आक्रोशित किसानों ने भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में गन्ना तोल और चेन बंद कराकर अधिकारियों को बंधक बना लिया गया।
समस्या समाधान के आश्वासन पर किसान माने। मांगे नहीं माने जाने पर 21 जनवरी को महापंचायत की घोषणा कर बेमियादी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
मोरना चीनी मिल द्वारा किसानों को गन्ना सट्टे की सप्लाई और गेहूं की बुवाई समय से नहीं होने से परेशान किसानों ने रविवार को भाकियू के बैनर तले मिल प्रांगण कैन यार्ड में जोरदार नारेबाजी की। गन्ना तौल बंद कराकर धरने पर बैठ गए।
मौके पर पहुंचे चंद्रपाल फौजी ने कहा कि किसानों का मोरना गन्ना मिल पर वाजिब हक बनता है, लेकिन गन्ना मिल प्रबंधक भोलाराम यादव और सीसीओ राधेश्याम पासवान गन्ना माफियाओं से साठगांठ कर बिजनौर गंगा खादर के गन्ने को ट्रॉलो द्वारा मिल में सप्लाई किया जा रहा है। जिसका असर क्षेत्र की गेहूं बुवाई पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
गन्ना सप्लाई सट्टे की पर्ची किसानों को बहुत कम मिलना इसका मुख्य कारण है। राजीव कुमार और विकास डायरेक्टर ने कहा कि 280 रुपये से किसानों को गन्ने का भुगतान तुरंत कराया जाए।
प्रधान संगठन अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना माफिया की कमीशनखोरी से किसानों के साथ छल कपट कर ठगने का खेल खेला गया है, जिसके लिए मिल प्रबंधन जिम्मेदार है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सीसीओ राधेश्याम पासवान, चीफ इंजीनियर बीरसिंह राठी, सीडीआई बलराम को घंटों तक बंधक बनाए रखा।
गन्ना भुगतान, गन्ना सटटे की सप्लाई को बढ़ाने और अवैध रूप से ट्रॉलों द्वारा लाए जाने को बंद कराए जाने के आश्वासन के बाद किसानों ने दोबारा मिल चलाने पर राजी हुए। चेतावनी दी कि जल्द मांगें नहीं माने जाने पर किसान 21 जनवरी को महापंचायत करने की घोषणा की।
संचालन अनुज पहलवान और अध्यक्षता सोमपाल राठी ने की। इस दौरान मुख्य रूप से संजीव डायरेक्टर, मदनपाल चेयरमैन, जितेंद्र दीवान, रामपाल, नवीन सहरावत, राज सिंह, ओम सिंह, नरेशपाल बाबा, उदयवीर राठी, मनोज लंबरदार, जितेंद्र भड़ाना, कुलबीर सिंह, देवव्रत चौधरी, संसार सिंह प्रधान आदि किसान मौके मौजूद रहे।
विज्ञापन
समस्या समाधान के आश्वासन पर किसान माने। मांगे नहीं माने जाने पर 21 जनवरी को महापंचायत की घोषणा कर बेमियादी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
मोरना चीनी मिल द्वारा किसानों को गन्ना सट्टे की सप्लाई और गेहूं की बुवाई समय से नहीं होने से परेशान किसानों ने रविवार को भाकियू के बैनर तले मिल प्रांगण कैन यार्ड में जोरदार नारेबाजी की। गन्ना तौल बंद कराकर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे चंद्रपाल फौजी ने कहा कि किसानों का मोरना गन्ना मिल पर वाजिब हक बनता है, लेकिन गन्ना मिल प्रबंधक भोलाराम यादव और सीसीओ राधेश्याम पासवान गन्ना माफियाओं से साठगांठ कर बिजनौर गंगा खादर के गन्ने को ट्रॉलो द्वारा मिल में सप्लाई किया जा रहा है। जिसका असर क्षेत्र की गेहूं बुवाई पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
गन्ना सप्लाई सट्टे की पर्ची किसानों को बहुत कम मिलना इसका मुख्य कारण है। राजीव कुमार और विकास डायरेक्टर ने कहा कि 280 रुपये से किसानों को गन्ने का भुगतान तुरंत कराया जाए।
प्रधान संगठन अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना माफिया की कमीशनखोरी से किसानों के साथ छल कपट कर ठगने का खेल खेला गया है, जिसके लिए मिल प्रबंधन जिम्मेदार है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सीसीओ राधेश्याम पासवान, चीफ इंजीनियर बीरसिंह राठी, सीडीआई बलराम को घंटों तक बंधक बनाए रखा।
गन्ना भुगतान, गन्ना सटटे की सप्लाई को बढ़ाने और अवैध रूप से ट्रॉलों द्वारा लाए जाने को बंद कराए जाने के आश्वासन के बाद किसानों ने दोबारा मिल चलाने पर राजी हुए। चेतावनी दी कि जल्द मांगें नहीं माने जाने पर किसान 21 जनवरी को महापंचायत करने की घोषणा की।
संचालन अनुज पहलवान और अध्यक्षता सोमपाल राठी ने की। इस दौरान मुख्य रूप से संजीव डायरेक्टर, मदनपाल चेयरमैन, जितेंद्र दीवान, रामपाल, नवीन सहरावत, राज सिंह, ओम सिंह, नरेशपाल बाबा, उदयवीर राठी, मनोज लंबरदार, जितेंद्र भड़ाना, कुलबीर सिंह, देवव्रत चौधरी, संसार सिंह प्रधान आदि किसान मौके मौजूद रहे।