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बाजार में लुट रहा धान किसान, 1300 के मिल रहे दाम
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नवीन मंडी स्थल पर धान को एकत्र करती महिला।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बाजार में लुट रहा किसान, 1300 में बिक रहा धान
मुजफ्फरनगर। बाजार में धान किसान लुट रहा है। बाजार में धान 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल ही बिक पा रहा है। जबकि सरकार ने 1940 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसान को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। जिस कारण जिले के नौ सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक केवल 37 किसान ही धान की बिक्री कर पाए हैं।
जटिल है सरकारी क्रय केंद्र की प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने इस बार धान खरीद इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज यानी ई-पॉप से शुरू की है। किसान के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही उससे धान की खरीद की जा रही है। एक किसान से केवल 50 क्विंटल तक धान की खरीद होगी, यदि उसके पास इससे अधिक धान है तो तहसील में एसडीएम के माध्यम से उसकी जांच होगी उसके पास इतना धान है कि नहीं। धान बिक्री के लिए किसान को सबसे पहले ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आधार कार्ड में दिए गए मोबाईल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसके बाद आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता आदि के साथ जमीन का रिकार्ड और उसमें होने वाली फसल की जानकारी देनी होगी। इसके बाद टोकन जारी होगा। जिले में धान खरीद के नौ क्रय केंद्र बनाए गए हैं, इनमें खाद्य विभाग के छह और पीसीएफ के तीन क्रय केंद्र हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 4200 मिट्रिक टन रखा गया है। अब तक 441 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और 37 किसानों से ही 128 मिट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।
व्यापारी उठा रहे फायदा
विभाग की कठिन प्रक्रिया का असर यह है किसान बाजार में लुट रहा है। बाजार में धान का मूल्य 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल पा रहा है। गंगा खादर के किसान करतार सिंह का कहना है कि उसने 1300 रुपये में मजबूरी में धान बेचा है। साधारण किसान दो-चार क्विंटल धान बेचने के लिए इतनी लंबी प्रक्रिया से क्यों गुजरेगा।
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इन स्थानों पर लगे हैं सेंटर
जिले में खाद्य विभाग के संटर मोरना, खतौली, जानसठ, चरथावल, पुरकाजी और मुजफ्फरनगर में है। पीसीएफ ने अपने क्रय केंद्र शेरपुर, सिखरेडा और हुसैनपुर में बनाए हैं।
बासमती बिक रही 2700 प्रति क्विंटल
बाजार में मोटा धान जहां कम मूल्य पर बिक रहा है वहीं बासमती 2700 रूपए क्विंटल बिक रही है। कुछ किसान हरियाणा के करनाल में तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बेच रहे हैं।
वर्जन....
किसान ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन कराकर टोकन लेना होगा। जिस दिन का टोकन मिलेगा उस दिन चार बजे तक क्रय केंद्र पर रिपोर्ट करनी होगी। नहीं पहुंचते है तो एक सप्ताह बाद का दूसरा टोकन इसी केंद्र का मिलेगा। प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसानों का तहसील से सत्यापन कराया जा रहा है। - कमलेश सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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मुजफ्फरनगर। बाजार में धान किसान लुट रहा है। बाजार में धान 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल ही बिक पा रहा है। जबकि सरकार ने 1940 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसान को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। जिस कारण जिले के नौ सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक केवल 37 किसान ही धान की बिक्री कर पाए हैं।
जटिल है सरकारी क्रय केंद्र की प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने इस बार धान खरीद इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज यानी ई-पॉप से शुरू की है। किसान के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही उससे धान की खरीद की जा रही है। एक किसान से केवल 50 क्विंटल तक धान की खरीद होगी, यदि उसके पास इससे अधिक धान है तो तहसील में एसडीएम के माध्यम से उसकी जांच होगी उसके पास इतना धान है कि नहीं। धान बिक्री के लिए किसान को सबसे पहले ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आधार कार्ड में दिए गए मोबाईल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसके बाद आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता आदि के साथ जमीन का रिकार्ड और उसमें होने वाली फसल की जानकारी देनी होगी। इसके बाद टोकन जारी होगा। जिले में धान खरीद के नौ क्रय केंद्र बनाए गए हैं, इनमें खाद्य विभाग के छह और पीसीएफ के तीन क्रय केंद्र हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 4200 मिट्रिक टन रखा गया है। अब तक 441 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और 37 किसानों से ही 128 मिट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।
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व्यापारी उठा रहे फायदा
विभाग की कठिन प्रक्रिया का असर यह है किसान बाजार में लुट रहा है। बाजार में धान का मूल्य 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल पा रहा है। गंगा खादर के किसान करतार सिंह का कहना है कि उसने 1300 रुपये में मजबूरी में धान बेचा है। साधारण किसान दो-चार क्विंटल धान बेचने के लिए इतनी लंबी प्रक्रिया से क्यों गुजरेगा।
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इन स्थानों पर लगे हैं सेंटर
जिले में खाद्य विभाग के संटर मोरना, खतौली, जानसठ, चरथावल, पुरकाजी और मुजफ्फरनगर में है। पीसीएफ ने अपने क्रय केंद्र शेरपुर, सिखरेडा और हुसैनपुर में बनाए हैं।
बासमती बिक रही 2700 प्रति क्विंटल
बाजार में मोटा धान जहां कम मूल्य पर बिक रहा है वहीं बासमती 2700 रूपए क्विंटल बिक रही है। कुछ किसान हरियाणा के करनाल में तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बेच रहे हैं।
वर्जन....
किसान ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन कराकर टोकन लेना होगा। जिस दिन का टोकन मिलेगा उस दिन चार बजे तक क्रय केंद्र पर रिपोर्ट करनी होगी। नहीं पहुंचते है तो एक सप्ताह बाद का दूसरा टोकन इसी केंद्र का मिलेगा। प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसानों का तहसील से सत्यापन कराया जा रहा है। - कमलेश सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी

नवीन मंडी स्थल पर सरकारी धान क्रय केद्र ।- फोटो : MUZAFFARNAGAR