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संकट के सिपाही: परिवार बीमार, खुद का स्वास्थ्य खराब, फिर भी डटे हैं सीना ताने
Tue, 11 May 2021 05:23 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 May 2021 05:23 PM IST
सार
‘औरों का गम देखा तो मैं अपना गम भूल गया’ एक गाने की यह पंक्तियां भोपा और ककरौली थाने के तैनात मुंशियों पर सटीक बैठ रही है। कोई खुद बीमार तो किसी की पत्नी-बच्चे, मां-बाप बीमार हैं।
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संकट के सिपाही।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
‘औरों का गम देखा तो मैं अपना गम भूल गया’ एक गाने की यह पंक्तियां भोपा और ककरौली थाने के तैनात मुंशियों (कांस्टेबल क्लर्क) पर सटीक बैठ रही है। कोई खुद बीमार तो किसी की पत्नी-बच्चे, मां-बाप बीमार हैं। इसके बावजूद भी दोनों थाने के मुंशी कोरोना की इस जंग में पूरी तरह से डटे हुए हैं। कोई ढाई माह से तो कोई तीन माह से अवकाश पर भी नहीं गया है।
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मुजफ्फरनगर के ककरौली थाने के मुंशी सद्दीम अहमद पिछले ढाई माह से अवकाश पर नहीं गए। उनका कहना है कि पिछले दो सप्ताह से उनकी माता-पिता, पत्नी व दो माह की बच्ची का स्वास्थ्य खराब चल रहा है। वह खुद भी पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं है। आज देश के जन-जन सहित पूरे वतन पर संकट का साया है। इस संकट की घड़ी में हम सब का कर्तव्य बनता है कि अपनी जिम्मेदारी का बेहतर तरीके से निर्वाह करे।
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भोपा थाने के कार्यालय में तैनात मुंशी कुलदीप कुमार का जहां पिछले दिनों स्वास्थ्य काफी खराब रहा है इसके बावजूद भी वह अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम देते चले आ रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले सप्ताह उनकी माता की भी तबीयत काफी बिगड़ गई थी। एक मोबाइल कॉल के माध्यम से ही वह जहां अपनी माता को पूर्ण रूप से अपने स्वास्थ्य के प्रति संतुष्ट कर रहे थे। वहीं प्रतिदिन मां का भी हाल जानने के साथ उसकी हिम्मत वह हौसला बढ़ाते रहते थे। संकट की इस घड़ी में वह हर दुख को भूलकर अपने दायित्व को निभा रहे हैं।
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तीन माह से अवकाश पर नहीं गए
भोपा में ही तैनात डाक मुंशी ध्यान सिंह लगभग पिछले तीन माह से अवकाश पर नहीं गए। इतना ही नहीं दो सप्ताह तक उनका स्वास्थ्य भी काफी खराब रहा है, इसके बावजूद भी कोरोना की इस संकट की घड़ी में वह अपनी व परिवार की चिंता करे बिना ही अपने कार्यों को बखूबी से अंजाम दे रहे है। आज भी वैसे तो उनका स्वास्थ्य पूर्ण रूप से ठीक नहीं है लेकिन फिर भी वह हिम्मत के साथ डटे हुए हैं।
पत्नी कोविड में रही, फिर भी ड्यूटी करते रहे अर्जुन
मोरना सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह पिछले छह माह से अवकाश पर नहीं गए। इतना ही नहीं पत्नी का स्वास्थ्य बेहद खराब होने के बाद भी अपनी ड्यूटी पर डटे रहें। पत्नी कोरोना संक्रमण की चपेट में गई थी जो स्वास्थ विभाग से जुड़ी हुई है। स्वास्थ्य लाभ मिलते ही वह भी अपनी ड्यूटी पर लौट आई है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वह कोरोना महामारी से बचने के हर संभव प्रयास करें और समय पर जांच कराएं। आज समय है कि हम सुरक्षित रहेंगे तो देश सुरक्षित रहेगा।
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