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अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े हुए इंतजाम
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जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
15 फरवरी से प्रवेशपत्र दिखाने पर मिलेगी कोर्ट परिसर में एंट्री
मुजफ्फरनगर। अब जनपद न्यायालय परिसर में आई कार्ड के जरिये ही प्रवेश किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के आदेश पर परिचयपत्र बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 15 फरवरी से यह नियम लागू हो जाएंगे। पहले मुजफ्फरनगर और अब बिजनौर में कोर्ट रुम में हुई हत्या की घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से यह नियम लागू किए गए है।
पांच साल पहले मुजफ्फरनगर में 16 फरवरी 2015 को गैंगस्टर विक्की त्यागी की कोर्ट रूम में हत्या कर दी गई थी। गत 17 दिसंबर को बिजनौर में हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज की इसी तरह न्यायालय में हत्या हुई है। इन घटनाओं को हाईकोर्ट इलाहाबाद ने गंभीरता से लेते हुए न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के आदेश दिए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता दुष्यंत त्यागी ने बताया कि इसके लिए उच्च न्यायालय ने अदालत में वकालत करने वाले सभी अधिवक्ता , अधिवक्ताओं के कर्मचारी मुंशी आदि अदालत में कार्य करने वाले कर्मचारी व सरकारी अधिवक्ताओं के साथ पेशी पर आने वाले वादी तथा प्रतिवादियों को प्रवेश पास जारी करने के आदेश दिए है। डीजीसी दुष्यंत त्यागी ने बताया कि परिचय पत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को फार्म जमा करने की अंतिम तिथि थी। 15 फरवरी से इस नियम को लागू कर दिया जाएगा। बिना परिचय पत्र के कोर्ट परिसर में किसी को भी नहीं जाने दिया जाएगा।
मुवक्किलों को अधिवक्ता देंगे पास
मुजफ्फररनगर। अदालत में पेशी पर आने वाले अपने मुवक्किलों को अधिवक्ता अपने लेटर पर लिख कर देंगे, जिसे दिखाकर कोर्ट परिसर के गेट पर बने बैग स्कैनर मशीन रूम में तैनात कर्मचारी कंम्प्यूटर से उसका पास बना कर देंगे, जो कि एक दिन के लिए वैध होगा।
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मुजफ्फरनगर। अब जनपद न्यायालय परिसर में आई कार्ड के जरिये ही प्रवेश किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के आदेश पर परिचयपत्र बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 15 फरवरी से यह नियम लागू हो जाएंगे। पहले मुजफ्फरनगर और अब बिजनौर में कोर्ट रुम में हुई हत्या की घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से यह नियम लागू किए गए है।
पांच साल पहले मुजफ्फरनगर में 16 फरवरी 2015 को गैंगस्टर विक्की त्यागी की कोर्ट रूम में हत्या कर दी गई थी। गत 17 दिसंबर को बिजनौर में हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज की इसी तरह न्यायालय में हत्या हुई है। इन घटनाओं को हाईकोर्ट इलाहाबाद ने गंभीरता से लेते हुए न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के आदेश दिए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता दुष्यंत त्यागी ने बताया कि इसके लिए उच्च न्यायालय ने अदालत में वकालत करने वाले सभी अधिवक्ता , अधिवक्ताओं के कर्मचारी मुंशी आदि अदालत में कार्य करने वाले कर्मचारी व सरकारी अधिवक्ताओं के साथ पेशी पर आने वाले वादी तथा प्रतिवादियों को प्रवेश पास जारी करने के आदेश दिए है। डीजीसी दुष्यंत त्यागी ने बताया कि परिचय पत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को फार्म जमा करने की अंतिम तिथि थी। 15 फरवरी से इस नियम को लागू कर दिया जाएगा। बिना परिचय पत्र के कोर्ट परिसर में किसी को भी नहीं जाने दिया जाएगा।
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मुवक्किलों को अधिवक्ता देंगे पास
मुजफ्फररनगर। अदालत में पेशी पर आने वाले अपने मुवक्किलों को अधिवक्ता अपने लेटर पर लिख कर देंगे, जिसे दिखाकर कोर्ट परिसर के गेट पर बने बैग स्कैनर मशीन रूम में तैनात कर्मचारी कंम्प्यूटर से उसका पास बना कर देंगे, जो कि एक दिन के लिए वैध होगा।
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