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मुजफ्फरनगर दंगे के आठ साल : सेशन कोर्ट में 119 मुकदमे लंबित

Tue, 07 Sep 2021 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 12:15 AM IST
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Eight years of Muzaffarnagar riots: 119 cases pending in sessions court
मुजफ्फरनगर दंगे के आठ साल : सेशन कोर्ट में 119 मुकदमे लंबित
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मुजफ्फरनगर। आठ साल बाद दंगे के 119 मुकदमे सेशन कोर्ट में विचाराधीन है। अभी तक कवाल कांड के सचिन-गौरव हत्याकांड में ही आरोपियों को सजा मिली है। गन्ना मंत्री सुरेश राणा, विधायक संगीत सोम आदि पर दर्ज एक मुकदमा वापस हुआ है।
आठ साल पहले जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को शाहनवाज के अलावा मलिकपुरा के सचिन-गौरव की हत्या हुई थी। कवाल कांड ही दंगे का कारण बना था। सात सितंबर को नंगला मंदौड़ की पंचायत के बाद जिले के अलावा शामली में भी दंगा भड़क गया था। दंगों के 510 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज कराए गए थे। एसआईसी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन सेल) ने जांच के उपरांत 175 मुकदमे में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। 165 में फाइनल रिपोर्ट लगाई थी तथा 170 मुकदमे खारिज कर दिए थे। 175 मुकदमे हत्या, रेप, हत्या के प्रयास, डकैती, आगजनी तोड़फोड़ आदि धाराओं के थे। बीते आठ साल से दंगे के मुकदमों की सुनवाई विभिन्न अदालत में चल रही है। जिनमें से एक मुकदमे कवाल कांड के सचिन-गौरव हत्याकांड में ही आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है। गन्ना मंत्री सुरेश राणा, सरधना विधायक संगीत सोम आदि पर दर्ज दंगे का एक मुकदमा हुआ है। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सेशन कोर्ट में दंगे के 119 मुकदमे अभी लंबित है। एक मुकदमे में सजा हुई है तथा एक मुकदमा वापस हुआ है। बाकी कई मुकदमों का अदालत से निस्तारण हो चुका है, जिनमें हत्या, दुष्कर्म आदि के मुकदमे भी शामिल है।
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शासन ने 79 मुकदमे वापसी की मंजूरी दी
मुजफ्फरनगर। भाजपा नेताओं ने योगी सीएम से मिल कर दंगे के 93 मुकदमे वापस लेने की मांग की थी। उनका कहना है कि ये मुकदमे रंजिशन फर्जी दर्ज कराए गए हैं। जिसमें से बीते दो साल में योगी सरकार 79 मुकदमे वापस लेने की मंजूरी दे चुकी है, जिनमें जनप्रतिनिधियों के मुकदमे भी शामिल हैं। इस संबंध में अदालत में प्रार्थना दिए गए हैं। हालांकि विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद ही जनप्रतिनिधियों के मुकदमे वापस लिए जाए।
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