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UP: 12 मदरसों को नोटिस भेज मांगा जवाब, 10 हजार प्रतिदिन जुर्माना की दी चेतावनी, जमीयत उलमा ने जताई नाराजगी

Tue, 24 Oct 2023 09:31 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 24 Oct 2023 09:31 PM IST
सार

Muzaffarnagar News : शिक्षा विभाग ने 12 मदरसों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। साथ ही 10 हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना की चेतावनी भी दी। उधर, जमीयत उलमा ने नाराजगी जताई है।

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Education department sent notice to madrassas for records of recognition, Jamiat Ulama expressed displeasure
मुजफ्फरनगर: मदरसा संबंधित फोटो - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

शिक्षा विभाग की ओर से मुजफ्फरनगर जिले के करीब 12 मरदसों को नोटिस दिया गया। जिनसे उनकी मान्यता को लेकर जवाब मांगते हुए बीएसए कार्यालय पर मान्यता के अभिलेख जमा कराने का निर्देश दिया गया। गैर मान्यता मदरसे के संचालन पर प्रतिदिन दस हजार रुपये जुर्माना लगाने की भी बात कही गई।

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दीनी तालीम देने वाले मदरसों को पुरकाजी के खंड शिक्षा अधिकारी ज्योति प्रकाश तिवारी ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में कहा कि अगर उनका मदरसा निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अध्याय 4 की धारा 18 के अनुसार मान्यता प्राप्त है, तो वह मदरसे की मान्यता संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराएं।

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उन्होंने कहा कि यदि कोई मदरसा बिना मान्यता के पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अगर मदरसा खुला पाया गया तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

उन्होंने ऐसे करीब 12 विद्यालयों/मदरसों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई मान्यता के अभिलेख नहीं दिखाता है तो उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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नोटिस पर जमीयत उलमा ने जताई थी नाराजगी
मदरसों को विभाग से नोटिस मिलने के बाद संचालकों में हड़कंप मच गया। इसको लेकर जमीयत उलमा ए हिंद की ओर से नाराजगी भी जाहिर की गई थी। जमीयत उलमा ए हिंद ने मदरसा संचालकों के साथ एक बैठक की थी। संगठन के सचिव कारी जाकिर हुसैन ने कहा था कि धार्मिक मदरसों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। यह मदरसे आजादी से भी पहले से चले आ रहे हैं। मदरसे विद्यालयों की श्रेणी में नहीं आते हैं, बावजूद इसके विभाग ने नोटिस दे रहा है।

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