मुजफ्फरनगर। प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्या ने कहा कि बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को शिक्षित और प्रशिक्षित किया जाएगा। महिलाओं और बच्चों को लेकर सरकार की बहुत सी योजनाएं चल रही है। इन योजनाओं को दलितों, वंचितों, गरीबों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन शिविर लगाएगा और पात्रों तक योजनाओं को पहुंचाएगा।
विकास भवन में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता में बेबीरानी मौर्या ने कहा कि कोविड काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या दोनों में से एक को खोया है, ऐसे निराश्रित बच्चों को शिक्षा और जीवन यापन के लिए सरकार चार हजार रुपये प्रतिमाह दे रही है। कक्षा नौ से 12 तक पढ़ने वाले ऐसे बच्चों को सरकार लैपटॉप भी दे रही है। जिले में 43 बच्चों को लैपटॉप का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किशोर सुधार गृह में जो बच्चे रह रहे है, उनमें जो पढ़ना चाहते है, उनकी पढ़ाई कराई जाएगी। जो प्रशिक्षण लेकर रोजगार करना चाहते है और समाज की मुख्य धारा में शामिल होना चाहते है उन्हें भी मौका दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नवाचार का जो सपना है उसे हर स्तर पर पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रोबेशन विभाग में पेंशन से जो बहने छूट गई हैं, उन्हें भी पेंशन का लाभ दिलाया जाएगा।