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Muzaffarnagar News: सर्वखाप की धरती पर गूंजा... जय जवान, जय किसान और जय पहलवान
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सर्वखाप पंचायत को संबोधित करते नरेश टिकैत।
- पहलवानों के लिए उत्तर भारत से नया आंदोलन खड़ा करने की तैयारी
- सोरम में सर्वखाप चौधरियों ने कहा कि अब यह हमारे सम्मान की लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सदियों से सर्वखाप पंचायतों की गवाह रही सोरम की धरती से जय जवान, जय किसान और जय पहलवान के नारे की गूंज हुई। सर्वसमाज को एकजुट करने की मुहिम छेड़ी गई। उत्तर भारत को एकजुट कर नए आंदोलन की तैयारी है। खापों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए अंतिम फैसले की गेंद अब कुरुक्षेत्र के पाले में रख दी गई।
खाप चौधरियों ने सोरम से एलान किया कि 40 दिन तक आंदोलन चलाना खिलाडि़यों की जीत है। वह आंदोलनकारी नहीं, बल्कि खिलाड़ी हैं। अब इस लड़ाई को सर्वसमाज लड़ेगा। एक तरफ सोरम में मंच सजा और दूसरी तरफ कुरूक्षेत्र में पंचायत की तैयारियां चल रही थीं। हरियाणा की अधिकतर खाप पंचायतें पहले कुरुक्षेत्र और फिर रोहतक पंचायत की तैयारियोंं में भी जुटी हुई हैं।
360 पालम के चौधरी सुरेंद्र सोलंकी और कंडेला खाप के चौधरी ओमप्रकाश ने सुझाव रखा कि जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं होना चाहिए। कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला की पंचायत के साथ ही सोरम का फैसला भी सुनाया जाना चाहिए। इसी को आधार मानते हुए सहमति बनीं कि मुख्य फैसला कुरुक्षेत्र में ही सुनाया जाएगा।
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बागपत के बड़ौत की देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले एकता जरूरी है। जाति बिरादरी को छोड़कर सर्वसमाज के लोग आगे आकर पहलवानों की लड़ाई लड़ने का काम करें। बत्तीसा खाप के चौधरी विनय ने कहा कि लड़ाई के लिए एकता जरूरी है।
कुरुक्षेत्र में हो सकता है नए मोर्चे का एलान
जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को होने वाली पंचायत में पहलवानों की लड़ाई के लिए नए मोर्चे का एलान हो सकता है। जंतर-मंजर के बजाए किसी दूसरी जगह से दोबारा आंदोलन शुरू कर दोबारा से दिल्ली की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। इस दौरान अब पहलवानों को मोर्चे से हटाकर खाप चौधरी स्वयं ही मोर्चा संभाल सकते हैं।
टिकैत बोले, सरकार वाले भी हमारे साथ
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार वाले कुछ लोग भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। वह खुलकर नहीं आ सकते, लेकिन पूरी तरह हमारे साथ लगे हुए हैं।
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- सोरम में सर्वखाप चौधरियों ने कहा कि अब यह हमारे सम्मान की लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सदियों से सर्वखाप पंचायतों की गवाह रही सोरम की धरती से जय जवान, जय किसान और जय पहलवान के नारे की गूंज हुई। सर्वसमाज को एकजुट करने की मुहिम छेड़ी गई। उत्तर भारत को एकजुट कर नए आंदोलन की तैयारी है। खापों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए अंतिम फैसले की गेंद अब कुरुक्षेत्र के पाले में रख दी गई।
खाप चौधरियों ने सोरम से एलान किया कि 40 दिन तक आंदोलन चलाना खिलाडि़यों की जीत है। वह आंदोलनकारी नहीं, बल्कि खिलाड़ी हैं। अब इस लड़ाई को सर्वसमाज लड़ेगा। एक तरफ सोरम में मंच सजा और दूसरी तरफ कुरूक्षेत्र में पंचायत की तैयारियां चल रही थीं। हरियाणा की अधिकतर खाप पंचायतें पहले कुरुक्षेत्र और फिर रोहतक पंचायत की तैयारियोंं में भी जुटी हुई हैं।
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360 पालम के चौधरी सुरेंद्र सोलंकी और कंडेला खाप के चौधरी ओमप्रकाश ने सुझाव रखा कि जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं होना चाहिए। कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला की पंचायत के साथ ही सोरम का फैसला भी सुनाया जाना चाहिए। इसी को आधार मानते हुए सहमति बनीं कि मुख्य फैसला कुरुक्षेत्र में ही सुनाया जाएगा।
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बागपत के बड़ौत की देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले एकता जरूरी है। जाति बिरादरी को छोड़कर सर्वसमाज के लोग आगे आकर पहलवानों की लड़ाई लड़ने का काम करें। बत्तीसा खाप के चौधरी विनय ने कहा कि लड़ाई के लिए एकता जरूरी है।
कुरुक्षेत्र में हो सकता है नए मोर्चे का एलान
जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को होने वाली पंचायत में पहलवानों की लड़ाई के लिए नए मोर्चे का एलान हो सकता है। जंतर-मंजर के बजाए किसी दूसरी जगह से दोबारा आंदोलन शुरू कर दोबारा से दिल्ली की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। इस दौरान अब पहलवानों को मोर्चे से हटाकर खाप चौधरी स्वयं ही मोर्चा संभाल सकते हैं।
टिकैत बोले, सरकार वाले भी हमारे साथ
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार वाले कुछ लोग भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। वह खुलकर नहीं आ सकते, लेकिन पूरी तरह हमारे साथ लगे हुए हैं।