फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Dung and toys made of cow dung became the center of attraction

गोबर से निर्मित दीपक और खिलौने बने आकर्षण का केंद्र

Fri, 30 Oct 2020 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
Dung and toys made of cow dung became the center of attraction
ज्ञानामाजरा में दीपावली पर गोबर से दीपक आदि स्वदेशी उत्पाद बनाती बनाती महिलाएं - फोटो : MUZAFFARNAGAR
गोबर से निर्मित दीपक और खिलौने बने आकर्षण का केंद्र
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर, चरथावल। बदलते जमाने के साथ ग्रामीण महिलाएं आकर्षक आइटम तैयार कर आत्मनिर्भर बन गई हैं। दीपावली पर गाय के गोबर से दीपक और देवी-देवताओं के खिलौने एवं सजावट का सामान तैयार किया गया है। गांव से तैयार सामान की बिक्री अमेजन और फ्लिपकार्ड के जरिये बुक कर रहे हैं। स्वदेशी को बढ़ावा देने के साथ ही महिलाएं स्वावलंबी बन मुनाफा कमाने लगी हैं। चरथावल क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से अमर उजाला ने स्वदेशी कारोबार की बारे में बातचीत की।
दुर्गा स्वयं सहायता समूह ज्ञानामाजरा में नए-नए उत्पाद के लिए जिलेभर में ख्यातिलब्ध है। अध्यक्ष सुमन देवी के सानिध्य में रश्मि, मंजू, राजेश, सुमन, पूनम, मोना, बबीता, सुरेश रेखा और मोनी त्योहार आने से पहले तैयारी में जुट जाती हैं। दीपावली पर गाय के गोबर से दीपक और लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा तैयार की हैं। आयुर्वेदिक और कीटाणयुक्त धूपबत्ती बनाकर बाजार में उतारा गया। ग्राम प्रधान कंवरपाल ने स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित किया। नेट से कच्चा माल मंगाया जाता है। गांव के अलावा ब्लॉक और जिले में स्टाल लगाकर तैयार आइटमों को गणेश दरबार 150, लक्ष्मी गणेश 50, धूपबत्ती 25 और दीपक दो रुपये में बिक्री की जाती है। गाय के गोबर को सूखाकर पिसवाते हैं और उसमें तीन तरह के पदार्थों को मिलाकर उत्पाद में काम लिया जाता है। सुमन बताती हैं कि समूह को उत्पादों से अच्छा मुनाफा होने लगा है।
विज्ञापन

कान्हा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और ग्राम सखी शशि पुंडीर ने महिलाओं को दिवाली के उत्पाद बनाने के लिए जागरूक किया। करीब तीन वर्ष से वह त्योहारों से संबंधित उत्पाद बना रही हैं। 11 महिलाओं सीमा, ममता, सुनीता, उर्मिला आदि का समूह सजावट के सामान ड्रीम कैचर, वॉल हैगिंग, पुप्स, कुशन और झूमर बना रहा है। बड़ी कंपनियों में नेट द्वारा माल की बिक्री होती है। कच्चा माल समूह के नाम से ऑनलाइन मंगाया जाता है। दिवाली पर स्थानीय स्तर पर बिकने वाली कागज की झालर और कंडील बनाकर बाजार में उतारा है। गणेश जी, टेडिबियर औप झूला आदि बनाए हैं। आइटमों के वैरायटी के हिसाब से रेट 20 से लेकर 150 रुपये प्रति पीस है ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed