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आंधी और बारिश से गेहूं, सरसों की फसल बर्बाद
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:38 AM IST
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आंधी के बाद जिले में गिरी गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार सुबह अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। खेतों में सोने की चमक लिए खड़े गेहूं और सरसों की फसल को तेज हवाओं से नुकसान हुआ। आम की फसल को भी हानि पहुंची।
बरसात से जहां गेहूं की पकी फसल अनेक जगह गिर गई, वहीं बौर से आम बन रही आम की फसल को क्षति पहुंची, जिससे किसानों के चेहरे मुरझा गए। शहर के अलावा खतौली, जानसठ, मीरापुर, मोरना, भोपा, चरथावल , भौराकलंा आदि क्षेत्र में भी बरसात हुई। गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हुई। ईंधन गीला होने से कोल्हू संचालन भी बंद हो गया है।
सोमवार सुबह अचानक आसमान में बादल घिर कर आए और देखते ही देखते तेज आंधी आई और इसके साथ ही बारिश होने लगी। आंधी से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। टीन टप्पर, होर्डिंग्स, बैनर आदि उड़ गए। शहर में जल निगम की ओर से चल रही खोदाई वाली सड़कों पर बरसात से कीचड़ हो गया। बरसात और आंधी को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
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तेज आंधी और बरसात की सबसे अधिक मार किसानों पर मार पड़ी। गेहूं और सरसों की फसल तैयार है, अब बस चंद रोज में कटाई और थ्रेसिंग का काम होना है। किसान अपने गेहूं की फसल को लेकर चिंतित है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से गेंहू और सरसों की फसल गिर गई।
पुरबालियान के किसान विक्रम सिंह, फहीमपुर खुर्द के किसान हेम सिंह चौहान, बोपाड़ा के किसान अरविंद प्रधान आदि का कहना है कि तेज आंधी से गेहूं की फसल गिर गई तथा बरसात से भीग गई है, ऐसे में गेहूं पीला हो जाएगा तथा कटाई कई दिन बाद प्रारंभ होगी। उधर, आम की फसल को भी क्षति पहुंची है। जिला उद्यान अधिकारी एसी पाठक ने बताया कि इस बार जिले में आम की अच्छी फसल होने की उम्मीद है, मगर इस आंधी ने बौर से आम बन रही फसल को क्षति पहुंचाई है।
भौराकलां। क्षेत्र में आए तूफान और बारिश से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। सिसौली, भौराकलां, कपूरगढ़ और आसपास के गांव में तूफान में बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई। फसल गिरने के कारण पैदावार काफी कम हो जाएगी।
भौराकलां के किसान मांगेराम ने बताया कि उसकी 15 बीघा गेहूं की फसल, हरि गोपाल की 10 बीघा गेहूं की फसल , गढीनौवाबाद के किसान ओमपाल की 12 बीघा गेहूं की फसल गिरने के कारण खराब हो गई। फसलों को देखकर किसानों के चेहरो पर चिंता की लकीरें खींच गई।
मीरापुर। सोमवार सुबह तेज आंधी के साथ हुई वर्षा से आम व गेंहू की फसल को क्षति हुई है। तेज हवाओ के साथ हुई वर्षा से सामान्य जन जीवन प्रभावित रहा। मौसम खराब होने से स्कूलो में छात्र संख्या प्रभावित रही।
गेहूं और सरसों की फसल बिछी, आम को भी क्षति
खतौली। आंधी के साथ हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। खेतों में किसानों की दोनों फसलें जमीन में बिछ गई हैं। जिसको लेकर किसानों के चेहरे मुरझाए गए हैं। इस बारिश से गन्ने की छिलाई का काम भी प्रभावित हो गया है। बारिश होने से क्षेत्र के कोल्हू भी बंद हो गए हैं।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे आंधी के साथ करीब तीन घंटे मूसलाधार बारिश हुई। खेतों में गेहूं व सरसों की फसल तैयार खड़ी थी। आंधी व बारिश की वजह से दोनों फसल जमीन बिछ गई है। किसानों को इस बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। गांव लाड़पुर, लिसौड़ा, अंतवाड़ा, सठेड़ी, रायपुर नंगली, भैंसी, जावन, छछरपुर, कैलावड़ा आदि गांवों में किसानों की गेहूं व सरसों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
किसान राजेंद्र, इकराम, सतीश, जयपाल, प्रदीप, राजपाल, सीताराम, पंकज, इकरामूद्दीन, नफीस, पवन कुमार, राजबीर, दयाचंद आदि किसानों का कहना है कि उनके खेतों में गेहूं व सरसों की फसल काटने के लिए तैयारी खड़ी थी। तेज आंधी तूफान के साथ बारिश होने से उनकी फसल बर्बाद हो गई है। फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उनकी मेहनत पर बारिश ने पानी फेर दिया है।
बारिश से किसानों को भारी नुकसान
कस्बा और देहात क्षेत्र में सुबह आंधी के साथ हुई बारिश के कारण किसानों की विभिन्न फसलें 20 से 40 प्रतिशत बर्बाद हो गई। पककर तैयार हुई फसलों की बर्बादी के कारण कस्बा व देहात का किसान बेहद परेशान है। फसलों की बर्बादी का किसानों की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पडे़गा।
कस्बा व देहात क्षेत्र में सोमवार को अल सुबह आंधी तूफान के साथ हुई तेज बारिश ने कस्बा व देहात क्षेत्र में उधम मचा दिया। तूफानी वर्षा के कारण किसानों की 20 से 40 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गईं। गांव गढ़ी सखावतपुर निवासी सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत ने बताया कि तूफानी वर्षा से किसानों को गेहूं, सरसों, चना, मसूर आदि फसलों में 20 से 40 प्रतिशत तक का नुकसान है।
गांव परासौली निवासी अनिल सैनी, सुनील सैनी, धीर सिंह, आकिल कुरैशी, गोपाल सैनी आदि ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल में 30 प्रतिशत नुकसान है। गांव खरड़ निवासी सुभाष मलिक, पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक, गांव फुगाना निवासी प्रधान जितेंद्र, गांव कुरावा निवासी चरण सिंह, गांव बिटावदा निवासी प्रदीप उर्फ मंगलू आदि का कहना है कि उनकी कुछ फसलों में 20 प्रतिशत तथा कुछ फसलों में 40 प्रतिशत का नुकसान है।
किसानों का कहना है कि उनकी गन्ने की बुआई लेट हो गई है। भारी वर्षा के कारण खेतों से गन्ना काटना भी दूभर हो जाएगा। किसानों का कहना है कि वर्षा के कारण किसानों को अपने खेत खाली करने में अब अधिक समय लगेगा। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र त्यागी उर्फ टीटू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र त्यागी आदि का कहना है कि फसलों की यह बर्बादी किसानों के बजट को बिगाड़ देगी।
बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान
चरथावल। क्षेत्र में चली तेज हवाओं के साथ बारिश से गेहूं की फसल गिरने से नुकसान हुआ है। बारिश से ईख की बुआई और छिलाई कार्य प्रभावित हो गया है।
दो दिन से आसमान में बादलों के छाए रहने से लोग बारिश का कयास लगा रहे थे। सोमवार को अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश से चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित खेतों में पकने वाली गेहूं की फसल गिरने से उत्पादन में गिरावट आएगी।
वहीं, रोहाना मार्ग और थानाभवन मार्ग पर बारिश कम होने से किसानों में राहत है। हालांकि पकी गेहूूं की फसल गिरने से कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन पछेती गेहूं की फसल गिरने से किसानों के चेहरे पर मायूसी है। बलवाखेड़ी के रामभूल सिंह, हैबतपुर के शिवचरण नायक,, चौकड़ा के किसान आदेश त्यागी, कूक्कू त्यागी, देवदत्त त्यागी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश से गन्ना छिलाई कार्य भी दो दिन तक विलंब होगा। आम के बागों में बोर पर कोई नुकसान नहीं माना जा रहा है।
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बरसात से जहां गेहूं की पकी फसल अनेक जगह गिर गई, वहीं बौर से आम बन रही आम की फसल को क्षति पहुंची, जिससे किसानों के चेहरे मुरझा गए। शहर के अलावा खतौली, जानसठ, मीरापुर, मोरना, भोपा, चरथावल , भौराकलंा आदि क्षेत्र में भी बरसात हुई। गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हुई। ईंधन गीला होने से कोल्हू संचालन भी बंद हो गया है।
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सोमवार सुबह अचानक आसमान में बादल घिर कर आए और देखते ही देखते तेज आंधी आई और इसके साथ ही बारिश होने लगी। आंधी से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। टीन टप्पर, होर्डिंग्स, बैनर आदि उड़ गए। शहर में जल निगम की ओर से चल रही खोदाई वाली सड़कों पर बरसात से कीचड़ हो गया। बरसात और आंधी को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
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तेज आंधी और बरसात की सबसे अधिक मार किसानों पर मार पड़ी। गेहूं और सरसों की फसल तैयार है, अब बस चंद रोज में कटाई और थ्रेसिंग का काम होना है। किसान अपने गेहूं की फसल को लेकर चिंतित है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से गेंहू और सरसों की फसल गिर गई।
पुरबालियान के किसान विक्रम सिंह, फहीमपुर खुर्द के किसान हेम सिंह चौहान, बोपाड़ा के किसान अरविंद प्रधान आदि का कहना है कि तेज आंधी से गेहूं की फसल गिर गई तथा बरसात से भीग गई है, ऐसे में गेहूं पीला हो जाएगा तथा कटाई कई दिन बाद प्रारंभ होगी। उधर, आम की फसल को भी क्षति पहुंची है। जिला उद्यान अधिकारी एसी पाठक ने बताया कि इस बार जिले में आम की अच्छी फसल होने की उम्मीद है, मगर इस आंधी ने बौर से आम बन रही फसल को क्षति पहुंचाई है।
भौराकलां। क्षेत्र में आए तूफान और बारिश से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। सिसौली, भौराकलां, कपूरगढ़ और आसपास के गांव में तूफान में बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई। फसल गिरने के कारण पैदावार काफी कम हो जाएगी।
भौराकलां के किसान मांगेराम ने बताया कि उसकी 15 बीघा गेहूं की फसल, हरि गोपाल की 10 बीघा गेहूं की फसल , गढीनौवाबाद के किसान ओमपाल की 12 बीघा गेहूं की फसल गिरने के कारण खराब हो गई। फसलों को देखकर किसानों के चेहरो पर चिंता की लकीरें खींच गई।
मीरापुर। सोमवार सुबह तेज आंधी के साथ हुई वर्षा से आम व गेंहू की फसल को क्षति हुई है। तेज हवाओ के साथ हुई वर्षा से सामान्य जन जीवन प्रभावित रहा। मौसम खराब होने से स्कूलो में छात्र संख्या प्रभावित रही।
गेहूं और सरसों की फसल बिछी, आम को भी क्षति
खतौली। आंधी के साथ हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। खेतों में किसानों की दोनों फसलें जमीन में बिछ गई हैं। जिसको लेकर किसानों के चेहरे मुरझाए गए हैं। इस बारिश से गन्ने की छिलाई का काम भी प्रभावित हो गया है। बारिश होने से क्षेत्र के कोल्हू भी बंद हो गए हैं।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे आंधी के साथ करीब तीन घंटे मूसलाधार बारिश हुई। खेतों में गेहूं व सरसों की फसल तैयार खड़ी थी। आंधी व बारिश की वजह से दोनों फसल जमीन बिछ गई है। किसानों को इस बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। गांव लाड़पुर, लिसौड़ा, अंतवाड़ा, सठेड़ी, रायपुर नंगली, भैंसी, जावन, छछरपुर, कैलावड़ा आदि गांवों में किसानों की गेहूं व सरसों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
किसान राजेंद्र, इकराम, सतीश, जयपाल, प्रदीप, राजपाल, सीताराम, पंकज, इकरामूद्दीन, नफीस, पवन कुमार, राजबीर, दयाचंद आदि किसानों का कहना है कि उनके खेतों में गेहूं व सरसों की फसल काटने के लिए तैयारी खड़ी थी। तेज आंधी तूफान के साथ बारिश होने से उनकी फसल बर्बाद हो गई है। फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उनकी मेहनत पर बारिश ने पानी फेर दिया है।
बारिश से किसानों को भारी नुकसान
कस्बा और देहात क्षेत्र में सुबह आंधी के साथ हुई बारिश के कारण किसानों की विभिन्न फसलें 20 से 40 प्रतिशत बर्बाद हो गई। पककर तैयार हुई फसलों की बर्बादी के कारण कस्बा व देहात का किसान बेहद परेशान है। फसलों की बर्बादी का किसानों की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पडे़गा।
कस्बा व देहात क्षेत्र में सोमवार को अल सुबह आंधी तूफान के साथ हुई तेज बारिश ने कस्बा व देहात क्षेत्र में उधम मचा दिया। तूफानी वर्षा के कारण किसानों की 20 से 40 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गईं। गांव गढ़ी सखावतपुर निवासी सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत ने बताया कि तूफानी वर्षा से किसानों को गेहूं, सरसों, चना, मसूर आदि फसलों में 20 से 40 प्रतिशत तक का नुकसान है।
गांव परासौली निवासी अनिल सैनी, सुनील सैनी, धीर सिंह, आकिल कुरैशी, गोपाल सैनी आदि ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल में 30 प्रतिशत नुकसान है। गांव खरड़ निवासी सुभाष मलिक, पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक, गांव फुगाना निवासी प्रधान जितेंद्र, गांव कुरावा निवासी चरण सिंह, गांव बिटावदा निवासी प्रदीप उर्फ मंगलू आदि का कहना है कि उनकी कुछ फसलों में 20 प्रतिशत तथा कुछ फसलों में 40 प्रतिशत का नुकसान है।
किसानों का कहना है कि उनकी गन्ने की बुआई लेट हो गई है। भारी वर्षा के कारण खेतों से गन्ना काटना भी दूभर हो जाएगा। किसानों का कहना है कि वर्षा के कारण किसानों को अपने खेत खाली करने में अब अधिक समय लगेगा। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र त्यागी उर्फ टीटू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र त्यागी आदि का कहना है कि फसलों की यह बर्बादी किसानों के बजट को बिगाड़ देगी।
बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान
चरथावल। क्षेत्र में चली तेज हवाओं के साथ बारिश से गेहूं की फसल गिरने से नुकसान हुआ है। बारिश से ईख की बुआई और छिलाई कार्य प्रभावित हो गया है।
दो दिन से आसमान में बादलों के छाए रहने से लोग बारिश का कयास लगा रहे थे। सोमवार को अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश से चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित खेतों में पकने वाली गेहूं की फसल गिरने से उत्पादन में गिरावट आएगी।
वहीं, रोहाना मार्ग और थानाभवन मार्ग पर बारिश कम होने से किसानों में राहत है। हालांकि पकी गेहूूं की फसल गिरने से कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन पछेती गेहूं की फसल गिरने से किसानों के चेहरे पर मायूसी है। बलवाखेड़ी के रामभूल सिंह, हैबतपुर के शिवचरण नायक,, चौकड़ा के किसान आदेश त्यागी, कूक्कू त्यागी, देवदत्त त्यागी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश से गन्ना छिलाई कार्य भी दो दिन तक विलंब होगा। आम के बागों में बोर पर कोई नुकसान नहीं माना जा रहा है।