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Muzaffarnagar News: कुत्ते खूंखार, पालिका मजबूर...पशु चिकित्सा विभाग को चिट्ठी
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मुजफ्फरनगर। गली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों ने राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। बढ़ती संख्या और बच्चों एवं बड़ों पर हो रहे हमलों को देखते हुए नगर पालिका ने पशु चिकित्सा विभाग से मदद मांगी है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर शहर में आवारा कुत्तों की वार्डवार नसबंदी कराए जाने की मांग रखी है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 200 लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शहर में प्रत्येक 10 व्यक्ति पर आवारा कुत्तों की संख्या दो है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद नगर पालिका आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय हो गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय कुमार शाही ने बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के लिए पालिका के पास संसाधन नहीं है। इसलिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जितेन्द्र गुप्ता को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि वह वार्डवार आवारा कुत्तों की नसबंदी कराएं। विभाग से वहां कार्यरत पशु सर्जन और ऑपरेशन थियेटर की जानकारी भी मांगी गई है। शहर में आवारा कुत्तों को पकड़कर बंद करने के लिए शेल्टर होम की कोई व्यवस्था भी नहीं है।
कुत्ता प्रेमी करते हैं किसी भी कार्रवाई का विरोध
करीब छह माह पहले जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। वीडियो वायरल होने पर कुत्ता प्रेमी नाराज हो गए थे। 10 वर्ष पूर्व नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने एक कार्ययोजना बनाई थी। जानकारी मिलते ही पशु अधिकार कार्यकर्ता और पर्यावरणविद मेनका गांधी ने आवारा कुत्तों पर किसी भी ऐसी कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 200 लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शहर में प्रत्येक 10 व्यक्ति पर आवारा कुत्तों की संख्या दो है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद नगर पालिका आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय हो गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय कुमार शाही ने बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के लिए पालिका के पास संसाधन नहीं है। इसलिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जितेन्द्र गुप्ता को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि वह वार्डवार आवारा कुत्तों की नसबंदी कराएं। विभाग से वहां कार्यरत पशु सर्जन और ऑपरेशन थियेटर की जानकारी भी मांगी गई है। शहर में आवारा कुत्तों को पकड़कर बंद करने के लिए शेल्टर होम की कोई व्यवस्था भी नहीं है।
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कुत्ता प्रेमी करते हैं किसी भी कार्रवाई का विरोध
करीब छह माह पहले जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। वीडियो वायरल होने पर कुत्ता प्रेमी नाराज हो गए थे। 10 वर्ष पूर्व नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने एक कार्ययोजना बनाई थी। जानकारी मिलते ही पशु अधिकार कार्यकर्ता और पर्यावरणविद मेनका गांधी ने आवारा कुत्तों पर किसी भी ऐसी कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी।
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