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डीएम के गंगा खादर में झोपड़ी की गोशाला बनाने के निर्देश
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गंगा खादर में टांटा फूंस की झोपड़ी देखकर उसको अस्थाई गोशाला बनाने को अधिकारियों को निर्देश देती ?
- फोटो : KHATAULI
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मोरना। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने गोवंश को ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए शुकतीर्थ के गंगा खादर के गैर गांव आबाद रणजीतपुर और जलालपुर बेहड़ा का औचक निरीक्षण किया। गोवंश जीवन को सुरक्षित रखने के लिए टाट फूस से अस्थाई झोपड़ी गोशाला बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। वहीं गंगा खादर में बिना अनुमति के आवारा पशु और गोवंश छोडऩे पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही। इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर फसलों को जंगली सुअर से बचाने के लिए गांव के मृतक लाइसेंस धारक के परिवार के एक सदस्य के नाम बंदूक आदि का लाइसेंस दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया।
मोरना ब्लाक के गांव बिहारगढ़ में चौहान, दलित, कश्यप, ब्राह्मण, नाई आदि बिरादरी के लोग गंगा खादर की खेती के सहारे जीवन यापन करते हैं। वहीं निकट ही गैर आबाद गांव जलालपुर बेहड़ा, धारीवाला, आखाखेड़ी आदि के रकबे पर गांव बिहारगढ़ सहित बाहर से आए प्रवासी भी गन्ने, सरसों और गेहूं आदि की खेतीबाड़ी करते चले आ रहे हैं। गंगा खादर में सरकारी अमले के साथ पहुंची डीएम सेल्वा कुमारी जे को ग्राम प्रधान बुद्धराम चौहान, मास्टर ओमपाल सिंह, डा. शिवकुमार, पप्पू, ठेकेदार संजय, अजब सिंह, चंद्रभान, सोनू, महकपाल, राहित, काला, कालू, सोहनवीर, रामपाल, अमर सिंह आदि ने बताया कि फसलों को जंगली जानवर सहित गंगा खादर में गोचर में गोवंश पालकों की गायों पर नुकसान करने को लेकर गांव के ग्रामीण कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। लेकिन गोवंशों का कोई स्थायी इंतजाम नहीं हो पाया। डीएम ने मौके पर मौजूद सीडीओ आलोक यादव, उपजिलाधिकारी जानसठ कुलदीप मीणा, तहसीलदार अमित कुमार, बीडीओ प्रभात श्रीवास्तव आदि को नरेगा द्वारा टाट फूस की झोपड़ी की अस्थायी गोशाला बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि गांव के ग्रामीणों को नरेगा के तहत रोजगार भी मिलेगा और फसल नुकसान सहित गोवंशों को ठंड से बचाने में काफी मदद मिलेगी। इस
वन विभाग के डीएफओ सूरजपाल ने बताया कि डीएम के आदेश पर वन विभाग और मोरना ब्लाक प्रभारी को गोवंशों के लिए योजना बनाकर उनको सुरक्षित रखने के लिए कार्य किया जाएगा। मोरना पशु चिकित्सक प्रभारी अखिलेश सिंह की टीम भी साथ में कार्य करेगी। इस मौके पर कानूनगो ऋषिपाल राठी, शुकतीर्थ पुलिस चौकी प्रभारी जगपाल सिंह, लेखपाल बंदोबस्त अमित धामा, सचिव उमेश चौधरी, वन दरोगा शबी हैदर, प्रवेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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मोरना ब्लाक के गांव बिहारगढ़ में चौहान, दलित, कश्यप, ब्राह्मण, नाई आदि बिरादरी के लोग गंगा खादर की खेती के सहारे जीवन यापन करते हैं। वहीं निकट ही गैर आबाद गांव जलालपुर बेहड़ा, धारीवाला, आखाखेड़ी आदि के रकबे पर गांव बिहारगढ़ सहित बाहर से आए प्रवासी भी गन्ने, सरसों और गेहूं आदि की खेतीबाड़ी करते चले आ रहे हैं। गंगा खादर में सरकारी अमले के साथ पहुंची डीएम सेल्वा कुमारी जे को ग्राम प्रधान बुद्धराम चौहान, मास्टर ओमपाल सिंह, डा. शिवकुमार, पप्पू, ठेकेदार संजय, अजब सिंह, चंद्रभान, सोनू, महकपाल, राहित, काला, कालू, सोहनवीर, रामपाल, अमर सिंह आदि ने बताया कि फसलों को जंगली जानवर सहित गंगा खादर में गोचर में गोवंश पालकों की गायों पर नुकसान करने को लेकर गांव के ग्रामीण कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। लेकिन गोवंशों का कोई स्थायी इंतजाम नहीं हो पाया। डीएम ने मौके पर मौजूद सीडीओ आलोक यादव, उपजिलाधिकारी जानसठ कुलदीप मीणा, तहसीलदार अमित कुमार, बीडीओ प्रभात श्रीवास्तव आदि को नरेगा द्वारा टाट फूस की झोपड़ी की अस्थायी गोशाला बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि गांव के ग्रामीणों को नरेगा के तहत रोजगार भी मिलेगा और फसल नुकसान सहित गोवंशों को ठंड से बचाने में काफी मदद मिलेगी। इस
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वन विभाग के डीएफओ सूरजपाल ने बताया कि डीएम के आदेश पर वन विभाग और मोरना ब्लाक प्रभारी को गोवंशों के लिए योजना बनाकर उनको सुरक्षित रखने के लिए कार्य किया जाएगा। मोरना पशु चिकित्सक प्रभारी अखिलेश सिंह की टीम भी साथ में कार्य करेगी। इस मौके पर कानूनगो ऋषिपाल राठी, शुकतीर्थ पुलिस चौकी प्रभारी जगपाल सिंह, लेखपाल बंदोबस्त अमित धामा, सचिव उमेश चौधरी, वन दरोगा शबी हैदर, प्रवेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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