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कृष्ण-सुदामा मित्रता प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्घालु
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केशवपुरी में श्रीमद भागवत कथा सुनाते कथा वाचक डॉ सत्यकृष्ण शास्त्री महाराज।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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कृष्ण-सुदामा मित्रता प्रसंग सुन भावविभोर हुए भक्त
मुजफ्फरनगर। श्री केशव सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन श्रीकृष्ण भक्त एवं बाल सखा सुदामा के चरित्र का वर्णन किया गया। कथा वाचक डॉ सत्यकृष्ण शास्त्री महाराज (वृंदावन वाले) से कथा प्रसंग सुन भक्त भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने कहा श्री कृष्ण भक्त वत्सल हैं। सभी के दिलों में विहार करते हैं, जरूरत है तो सिर्फ शुद्ध हृदय से उन्हें पहचानने की। उन्होंने कहा कि संतोष सबसे बड़ा धन है। सुदामा की मित्रता भगवान के साथ नि:स्वार्थ थी। उन्होंने कभी उनसे सुख साधन या आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कामना नहीं की, लेकिन सुदामा की पत्नी द्वारा पोटली में भेजे गए चावलों में भगवान श्रीकृष्ण से सारी हकीकत कह दी। प्रभु ने बिन मांगे ही सुदामा को सब कुछ प्रदान कर दिया। कथा के अंत में फूलों की होली व शुकदेव विदाई का आयोजन किया गया। गद्दी सेवकों ने फूलों की होली में आनंद के साथ नृत्य किया। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे हवन-पूजन तथा 12 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा के यजमान अमित मित्तल रहे। प्रसाद वितरण सुनील गोयल ने किया। कथा में सतीश अग्रवाल, संदीप सिंघल, अंकुर गोयल, ओपी चौहान, अशोक गोयल, सुभाष मित्तल, अरुण गर्ग, नरेश गुप्ता, डॉ कैलाश अरोरा, सुरेश वार्ष्णेय आदि का सहयोग रहा।
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मुजफ्फरनगर। श्री केशव सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन श्रीकृष्ण भक्त एवं बाल सखा सुदामा के चरित्र का वर्णन किया गया। कथा वाचक डॉ सत्यकृष्ण शास्त्री महाराज (वृंदावन वाले) से कथा प्रसंग सुन भक्त भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने कहा श्री कृष्ण भक्त वत्सल हैं। सभी के दिलों में विहार करते हैं, जरूरत है तो सिर्फ शुद्ध हृदय से उन्हें पहचानने की। उन्होंने कहा कि संतोष सबसे बड़ा धन है। सुदामा की मित्रता भगवान के साथ नि:स्वार्थ थी। उन्होंने कभी उनसे सुख साधन या आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कामना नहीं की, लेकिन सुदामा की पत्नी द्वारा पोटली में भेजे गए चावलों में भगवान श्रीकृष्ण से सारी हकीकत कह दी। प्रभु ने बिन मांगे ही सुदामा को सब कुछ प्रदान कर दिया। कथा के अंत में फूलों की होली व शुकदेव विदाई का आयोजन किया गया। गद्दी सेवकों ने फूलों की होली में आनंद के साथ नृत्य किया। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे हवन-पूजन तथा 12 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा के यजमान अमित मित्तल रहे। प्रसाद वितरण सुनील गोयल ने किया। कथा में सतीश अग्रवाल, संदीप सिंघल, अंकुर गोयल, ओपी चौहान, अशोक गोयल, सुभाष मित्तल, अरुण गर्ग, नरेश गुप्ता, डॉ कैलाश अरोरा, सुरेश वार्ष्णेय आदि का सहयोग रहा।
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