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Muzaffarnagar News: मोरना - शुकतीर्थ में श्रद्धालुओं का डेरा, आज मुख्य स्नान
Mon, 27 Nov 2023 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 27 Nov 2023 12:48 AM IST
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गंगा घाट शुकतीर्थ पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा करते हुए। (फोटो संजय राठी।)
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। आज सुबह कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। आस्था की नगरी में हर तरफ भजनों और मंत्रोच्चारण सहित घंटों-घड़ियालों की ध्वनि गुंजायमान है। श्रद्धालुओं ने दीपों को गंगा जी में प्रवाहित किया।
नगर के आश्रमों व मंदिरों में सत्संग, भजन-कीर्तन, भागवत कथाएं, हवन-यज्ञ और धर्मशालाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम व रागनियों का आयोजन किया गया। शिव धाम, दुर्गा धाम, शनि धाम, हनुमतधाम, गणेश धाम, शुकदेव मंदिर, दंडी आश्रम, श्रीराम आश्रम, महाशक्ति सिद्धपीठ, पूर्णागिरी आश्रम, पीतांबरा धाम समेत विभिन्न मंदिरों व पूजा स्थलों में पूजन किया गया। गुर्जर धर्मशाला, प्रजापति धर्मशाला, जाट धर्मशाला, कश्यप धर्मशाला, पाल धर्मशाला, पंजाबी धर्मशाला में विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मेले में खेल-खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ रही। हिंडौले, झूले आकर्षण का केंद्र बने हैं। महिलाओं ने घर में जरूरत का उपयोगी सामान खरीदा। आर्टिफिशियल गहने, मालाएं व अन्य सामान खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी हुई है।
आग के गोले से लगा दी छलांग
मोरना। गुरुकुल आश्रम के वार्षिक महोत्सव में संस्थापक स्वामी आनंदवेश महाराज के सानिध्य में ब्रह्मचारियों ने अनेक प्रकार की योग क्रियाओं की प्रस्तुति दी। ब्रह्मचारी पृथ्वी, कन्हैया शर्मा, लक्की राठी, सचिन शर्मा, तनिष ने आग के गोले के बीच छलांग लगाई। शामली से पधारे स्वामी देवेंद्र मुनि ने कहा कि योग की शक्ति विश्व पर भारी है। इस मौके पर स्वामी श्रद्धानंद महाराज, नरेंद्र मुनि महाराज, सतीश ककरौली, अनूप कुमार, देवीचंद राठी, सहदेव राठी, तेजपाल आर्य, प्राचार्य राणा शास्त्री, सोमवीर सिंह, विकास चौधरी, मृदुला शास्त्री ने मुख्य भूमिका निभाई।
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स्टेडियम ने बरवाला की टीम को हराया
मोरना। बालिका वाॅलीबाल प्रतियोगिता में मुजफ्फरनगर स्टेडियम ने बरवाला टीम को हराकर खिताब जीता। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि महिला शक्ति हर क्षेत्र में आगे है। विजेता टीम की कप्तान मंजिता और उपविजेता टीम कप्तान मोहिनी को ट्राॅफी देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अपर मुख्य अधिकारी पवन गोयल, रविंद्र चौधरी, अक्षय शर्मा, नीटू डायरेक्टर, प्रदीप निर्वाल, विनोद शर्मा, अजय कृष्ण शास्त्री मौजूद रहे। प्रतियोगिता में नीरज राठी व संदीप सहरावत ने मुख्य निर्णायक की भूमिका निभाई।
देश और संस्कृति बचाने का समय
मोरना। शुकतीर्थ स्थित तपोवन योगधाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिक संस्था मुजफ्फरनगर से जुड़े स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि आज का समय देश और संस्कृति को बचाने का है। हमारी संस्कृति जीवित होगी तभी हम देश की सेवा कर सकेंगे। इस मौके पर ब्रह्मचारी रामानंद वेश महाराज, अमित शास्त्री हरियाणा, विक्रांत, विराज, राजकुमार आर्य, ओमप्रकाश, राजवीर सिंह, प्रमोद, जगदीश, अशोक तोमर मौजूद रहे।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान परम पुण्यदायी : स्वामी ओमानंद
(फोटो समाचार)
भोपा/मोरना। भारतीय सनातन संस्कृति व्रत, त्योहारों और साधनाओं की पावन संस्कृति है। चतुर्दिक उन्नत इस संस्कृति की रक्षा के लिए ऋषियों ने ज्ञान दिया है। प्राणीमात्र ने जीवन कल्याण हेतु ऋषियों के दिखाए मार्ग का अनुसरण किया।
श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने बताया कि प्रतिमास पूर्णिमा कल्याणकारी त्योहार है। पूर्णिमाओं के विषय में अलग-अलग कालखंड में अनेक ऋषियों ने अपने विचार दिए हैं। प्रतिवर्ष सामान्य रूप में 15 और अधिकमास या मलमास होने पर 16 पूर्णिमा होती हैं। इन पूर्णिमाओं में कार्तिक पूर्णिमा को परम पुण्यदायी माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अतिरिक्त अन्य अवतारों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।
भगवान विष्णु ने कार्तिक पूर्णिमा पर ही वेदों और मानव की रक्षार्थ महामत्स्य का रूप धारण किया था। विष्णुजी का प्रथम अवतार मत्स्य अवतार हुआ। इसी दिन वृंदा तुलसी का वनस्पति रूप में जन्म हुआ। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्पष्ट किया कि वे मासों में कार्तिक मास हैं। पूर्णिमा का महत्व वैष्णव धर्म के लिए ही नहीं, अपितु शैव धर्म व सिख धर्म के लिए भी विशेष महत्व का है। सिख धर्म के प्रवर्तक गुरुनानक देव जी का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसलिए सिखधर्म के अनुयायी भी कार्तिक पूर्णिमा पर प्रकाशोत्सव मनाते हैं। गंगा स्नान करके दीपदान और विष्णु पूजा करनी चाहिए, इससे मनोकामनाएं पूर्ण तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भागवत पीठ में अक्षय वट दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
(फोटो)
मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में गंगा स्नान को आये हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ अक्षय वट की परिक्रमा कर मंदिरों में पूजा अर्चना कर रही है। कथा व्यास अचल शास्त्री ने बताया कि श्री शुकदेव मंदिर, हनुमान मंदिर, श्री राम मंदिर, शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, विट्ठल मंदिर, दत्तात्रेय मंदिर तथा वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के समाधि मंदिर में दर्शन को रातभर श्रद्धालुओं की भीड़ है। आश्रम में व्यवस्था हेतु पुलिस बल लगाया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। आज सुबह कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। आस्था की नगरी में हर तरफ भजनों और मंत्रोच्चारण सहित घंटों-घड़ियालों की ध्वनि गुंजायमान है। श्रद्धालुओं ने दीपों को गंगा जी में प्रवाहित किया।
नगर के आश्रमों व मंदिरों में सत्संग, भजन-कीर्तन, भागवत कथाएं, हवन-यज्ञ और धर्मशालाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम व रागनियों का आयोजन किया गया। शिव धाम, दुर्गा धाम, शनि धाम, हनुमतधाम, गणेश धाम, शुकदेव मंदिर, दंडी आश्रम, श्रीराम आश्रम, महाशक्ति सिद्धपीठ, पूर्णागिरी आश्रम, पीतांबरा धाम समेत विभिन्न मंदिरों व पूजा स्थलों में पूजन किया गया। गुर्जर धर्मशाला, प्रजापति धर्मशाला, जाट धर्मशाला, कश्यप धर्मशाला, पाल धर्मशाला, पंजाबी धर्मशाला में विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मेले में खेल-खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ रही। हिंडौले, झूले आकर्षण का केंद्र बने हैं। महिलाओं ने घर में जरूरत का उपयोगी सामान खरीदा। आर्टिफिशियल गहने, मालाएं व अन्य सामान खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी हुई है।
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आग के गोले से लगा दी छलांग
मोरना। गुरुकुल आश्रम के वार्षिक महोत्सव में संस्थापक स्वामी आनंदवेश महाराज के सानिध्य में ब्रह्मचारियों ने अनेक प्रकार की योग क्रियाओं की प्रस्तुति दी। ब्रह्मचारी पृथ्वी, कन्हैया शर्मा, लक्की राठी, सचिन शर्मा, तनिष ने आग के गोले के बीच छलांग लगाई। शामली से पधारे स्वामी देवेंद्र मुनि ने कहा कि योग की शक्ति विश्व पर भारी है। इस मौके पर स्वामी श्रद्धानंद महाराज, नरेंद्र मुनि महाराज, सतीश ककरौली, अनूप कुमार, देवीचंद राठी, सहदेव राठी, तेजपाल आर्य, प्राचार्य राणा शास्त्री, सोमवीर सिंह, विकास चौधरी, मृदुला शास्त्री ने मुख्य भूमिका निभाई।
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स्टेडियम ने बरवाला की टीम को हराया
मोरना। बालिका वाॅलीबाल प्रतियोगिता में मुजफ्फरनगर स्टेडियम ने बरवाला टीम को हराकर खिताब जीता। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि महिला शक्ति हर क्षेत्र में आगे है। विजेता टीम की कप्तान मंजिता और उपविजेता टीम कप्तान मोहिनी को ट्राॅफी देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अपर मुख्य अधिकारी पवन गोयल, रविंद्र चौधरी, अक्षय शर्मा, नीटू डायरेक्टर, प्रदीप निर्वाल, विनोद शर्मा, अजय कृष्ण शास्त्री मौजूद रहे। प्रतियोगिता में नीरज राठी व संदीप सहरावत ने मुख्य निर्णायक की भूमिका निभाई।
देश और संस्कृति बचाने का समय
मोरना। शुकतीर्थ स्थित तपोवन योगधाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिक संस्था मुजफ्फरनगर से जुड़े स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि आज का समय देश और संस्कृति को बचाने का है। हमारी संस्कृति जीवित होगी तभी हम देश की सेवा कर सकेंगे। इस मौके पर ब्रह्मचारी रामानंद वेश महाराज, अमित शास्त्री हरियाणा, विक्रांत, विराज, राजकुमार आर्य, ओमप्रकाश, राजवीर सिंह, प्रमोद, जगदीश, अशोक तोमर मौजूद रहे।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान परम पुण्यदायी : स्वामी ओमानंद
(फोटो समाचार)
भोपा/मोरना। भारतीय सनातन संस्कृति व्रत, त्योहारों और साधनाओं की पावन संस्कृति है। चतुर्दिक उन्नत इस संस्कृति की रक्षा के लिए ऋषियों ने ज्ञान दिया है। प्राणीमात्र ने जीवन कल्याण हेतु ऋषियों के दिखाए मार्ग का अनुसरण किया।
श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने बताया कि प्रतिमास पूर्णिमा कल्याणकारी त्योहार है। पूर्णिमाओं के विषय में अलग-अलग कालखंड में अनेक ऋषियों ने अपने विचार दिए हैं। प्रतिवर्ष सामान्य रूप में 15 और अधिकमास या मलमास होने पर 16 पूर्णिमा होती हैं। इन पूर्णिमाओं में कार्तिक पूर्णिमा को परम पुण्यदायी माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अतिरिक्त अन्य अवतारों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।
भगवान विष्णु ने कार्तिक पूर्णिमा पर ही वेदों और मानव की रक्षार्थ महामत्स्य का रूप धारण किया था। विष्णुजी का प्रथम अवतार मत्स्य अवतार हुआ। इसी दिन वृंदा तुलसी का वनस्पति रूप में जन्म हुआ। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्पष्ट किया कि वे मासों में कार्तिक मास हैं। पूर्णिमा का महत्व वैष्णव धर्म के लिए ही नहीं, अपितु शैव धर्म व सिख धर्म के लिए भी विशेष महत्व का है। सिख धर्म के प्रवर्तक गुरुनानक देव जी का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसलिए सिखधर्म के अनुयायी भी कार्तिक पूर्णिमा पर प्रकाशोत्सव मनाते हैं। गंगा स्नान करके दीपदान और विष्णु पूजा करनी चाहिए, इससे मनोकामनाएं पूर्ण तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भागवत पीठ में अक्षय वट दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
(फोटो)
मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में गंगा स्नान को आये हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ अक्षय वट की परिक्रमा कर मंदिरों में पूजा अर्चना कर रही है। कथा व्यास अचल शास्त्री ने बताया कि श्री शुकदेव मंदिर, हनुमान मंदिर, श्री राम मंदिर, शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, विट्ठल मंदिर, दत्तात्रेय मंदिर तथा वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के समाधि मंदिर में दर्शन को रातभर श्रद्धालुओं की भीड़ है। आश्रम में व्यवस्था हेतु पुलिस बल लगाया गया है।