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सहारनपुर मंडल में पहले स्थान पर आया डिपो
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:56 PM IST
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उत्तर प्रदेश परिवहन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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मुजफ्फरनगर। होली पर्व पर आठ दिन में बस दौड़ाकर डिपो ने दो करोड़ 11 लाख रुपये कमाए हैं। कमाई के मामले में मंडल क्षेत्र में डिपो का पहला स्थान है, जबकि सबसे कम कमाई गंगोह डिपो की रही है। इस वर्ष प्रति बस पर रोडवेज को 1624 रुपये की अधिक कमाई हुई है। पिछले साल के मुकाबले डिपो को तकरीबन 40 लाख रुपये अधिक इनकम हासिल हुई है।
परिवहन निगम ने होली पर्व को प्रदेशभर में 26 फरवरी से पांच मार्च तक स्पेशल स्कीम चालू की थी। इसमें 2100 किमी बस चलाने पर एक मुश्त 2100 रुपये और 2400 किमी तक संचालन करने 2800 रुपये का इनाम रखा गया। यह राशि निगम और संविदा दोनों वर्ग के चालक-परिचालक दी गई। होली पर्व पर 40 बसों को आनंद विहार भेजकर पूर्वांचल लखनऊ, एटा-मैनपुरी क्षेत्रों के लिए चलाया गया।
जबकि देहरादून, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बड़ौत, राजस्थान, चंडीगढ़, अंबाला और हरियाणा आदि क्षेत्रों में बसों को भेजा गया। आठ दिन के समय में डिपो ने खूब मोटी कमाई की है। जिस कारण सहारनपुर मंडल में कमाई को लेकर डिपो पहले पायदान पर है। डिपो ने करीब दो करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त की है, जबकि दूसरे नंबर पर सहारनपुर डिपो है, जिसकी कमाई दो करोड़ 10 लाख रही है। तीसरे नंबर पर छुटमलपुर 81 लाख रुपये पर रहा है। सबसे फिसड्डी इनकम गंगोह डिपो ही हुई है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले डिपो की बसों को 1624 रुपये का लाभ मिला है। इस बार यात्रियों की संख्या अधिक मिली है, जिसका रोडवेज ने भरपूर लाभ उठाया है।
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उधर, एमआरएम मुजफ्फरनगर डिपो बीपी अग्रवाल ने बताया कि डिपो की इस बार होली पर बेहतर आय हुई है। आठ दिन में दो करोड़ 11 लाख रुपये की इनकम प्राप्त हुई है। मंडल में डिपो का स्थान बेहतर है। इस वर्ष यात्रियों को लोड फैक्टर अधिक रहा है, जो परिवहन निगम के लिए लाभकारी रहा।
डूबते डिपो को मिला जीवनदान
मंडलीय क्षेत्र में खतौली डिपो सबसे कम कमाई करने वालों में शुमार था, लेकिन अधिकारियों के लगातार प्रयासों के कारण इसकी इनकम में बढ़ोत्तरी हुई है। होली स्कीम में डिपो को जीवनदान मिला है। डिपो ने भी 73 लाख रुपये कमाए हैं। यह कमाई डिपो के लिए जीवनदान साबित होगी। हालांकि डिपो को उभारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इस साल 44 लाख का अधिक कमाए
डिपो की करीब 200 बसों का संचालन इस बार होली पर किया गया। आठ दिन लगातार संचालन जारी रखा गया। वर्ष 2017 में होली पर योजना में एक करोड़ 67 लाख 58 हजार की कमाई हुई थी, जबकि इस वर्ष दो करोड़ 11 लाख 73 हजार रुपये की इनकम हुई। इस साल 44 लाख से अधिक रुपये की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
डिपो कमाई
मुजफ्फरनगर दो करोड़ 11 लाख 73 हजार
सहारनपुर दो करोड़ 10 लाख 54 हजार
छुटमुलपुर 81 लाख 72 हजार
खतौली 73 लाख 97 हजार
शामली 30 लाख 15 हजार
गंगोह 20 लाख 89 हजार
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परिवहन निगम ने होली पर्व को प्रदेशभर में 26 फरवरी से पांच मार्च तक स्पेशल स्कीम चालू की थी। इसमें 2100 किमी बस चलाने पर एक मुश्त 2100 रुपये और 2400 किमी तक संचालन करने 2800 रुपये का इनाम रखा गया। यह राशि निगम और संविदा दोनों वर्ग के चालक-परिचालक दी गई। होली पर्व पर 40 बसों को आनंद विहार भेजकर पूर्वांचल लखनऊ, एटा-मैनपुरी क्षेत्रों के लिए चलाया गया।
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जबकि देहरादून, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बड़ौत, राजस्थान, चंडीगढ़, अंबाला और हरियाणा आदि क्षेत्रों में बसों को भेजा गया। आठ दिन के समय में डिपो ने खूब मोटी कमाई की है। जिस कारण सहारनपुर मंडल में कमाई को लेकर डिपो पहले पायदान पर है। डिपो ने करीब दो करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त की है, जबकि दूसरे नंबर पर सहारनपुर डिपो है, जिसकी कमाई दो करोड़ 10 लाख रही है। तीसरे नंबर पर छुटमलपुर 81 लाख रुपये पर रहा है। सबसे फिसड्डी इनकम गंगोह डिपो ही हुई है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले डिपो की बसों को 1624 रुपये का लाभ मिला है। इस बार यात्रियों की संख्या अधिक मिली है, जिसका रोडवेज ने भरपूर लाभ उठाया है।
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उधर, एमआरएम मुजफ्फरनगर डिपो बीपी अग्रवाल ने बताया कि डिपो की इस बार होली पर बेहतर आय हुई है। आठ दिन में दो करोड़ 11 लाख रुपये की इनकम प्राप्त हुई है। मंडल में डिपो का स्थान बेहतर है। इस वर्ष यात्रियों को लोड फैक्टर अधिक रहा है, जो परिवहन निगम के लिए लाभकारी रहा।
डूबते डिपो को मिला जीवनदान
मंडलीय क्षेत्र में खतौली डिपो सबसे कम कमाई करने वालों में शुमार था, लेकिन अधिकारियों के लगातार प्रयासों के कारण इसकी इनकम में बढ़ोत्तरी हुई है। होली स्कीम में डिपो को जीवनदान मिला है। डिपो ने भी 73 लाख रुपये कमाए हैं। यह कमाई डिपो के लिए जीवनदान साबित होगी। हालांकि डिपो को उभारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इस साल 44 लाख का अधिक कमाए
डिपो की करीब 200 बसों का संचालन इस बार होली पर किया गया। आठ दिन लगातार संचालन जारी रखा गया। वर्ष 2017 में होली पर योजना में एक करोड़ 67 लाख 58 हजार की कमाई हुई थी, जबकि इस वर्ष दो करोड़ 11 लाख 73 हजार रुपये की इनकम हुई। इस साल 44 लाख से अधिक रुपये की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
डिपो कमाई
मुजफ्फरनगर दो करोड़ 11 लाख 73 हजार
सहारनपुर दो करोड़ 10 लाख 54 हजार
छुटमुलपुर 81 लाख 72 हजार
खतौली 73 लाख 97 हजार
शामली 30 लाख 15 हजार
गंगोह 20 लाख 89 हजार