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मैली काली नदी ग्रामीणों के लिए बन रही अभिशाप

Thu, 06 Aug 2020 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 11:51 PM IST
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Deadly diseases are spreading in the village along the river
बोपाड़ा गांव के पास बहती काली नदी, जिसमें औद्योगिक इकाइयों का पानी डाला जा रहा है। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
नदी किनारे गांव में फैल रही है घातक बीमारियां
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मुजफ्फरनगर। काली नदी को शहर और औद्योगिक इकाइयों का पानी प्रदूषित कर रहा है। शहर का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के नदी में गिर रहा है। 41 औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी भी नदी में गिरने के कारण नदी मंसूरपुर और रतनपुरी क्षेत्र में पूरी तरह से प्रदूषित हो गई है, जिससे इस नदी के किनारे बसे बोपाड़ा, डबल, कितास, मोरकुक्का, रतनपुरी आदि गांवों का भूगर्भ जल भी पीने योग्य नहीं रहा है। कई गांव में हेपेटाइटिस और कैंसर जैसी घातक बीमारी फैल रही है।
बोपाड़ा गांव सबसे अधिक प्रभावित
मंसूरपुर। गांव बोपाड़ा के पास से बह रहे गंदे नाले व काली नदी के दूषित पानी से गांव का पानी दूषित हो गया है। इस पानी के प्रयोग से कैंसर व हेपेटाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आने से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कई ग्रामीण अभी भी बीमारियों की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दस वर्षों में सात लोगों की हेपेटाइटिस और छह लोगों की कैंसर से जान गई। सोम गोयल, कवि समेत कई ग्रामीण अब भी हेपेटाइटिस की बीमारी से जूझ रहे हैं। ग्रामीण संजीव कुमार, गौतम कुमार, मनोज कुमार, शक्ति उपाध्याय का कहना है कि प्रदूषित नदी के कारण गांव में बीमारी फैल रही है। पूर्व प्रधान अरविंद कुमार का कहना है कि प्रदूषित पानी से ग्रामीणों को काफी परेशानी है। गांव में अब आरओ प्लांट लगा है। अब कुछ राहत ग्रामीणों को मिली है। प्रधान के पुत्र अजयवीर का कहना है कि प्रदूषित पानी से ग्रामीणों को परेशानी होती है। गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया है, कुछ समय बाद वह चालू हो जाएगी।
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आठ गांव का भूगर्भ जल हो चुका दूषित
रतनपुरी। रामपुर, घनश्यामपुरा, समौली, डबल, इंचौड़ा, कितास, रतनपुरी, मंडावली खादर आदि गांव काली नदी के किनारे पर बसे हैं। नदी में बह रहे प्रदूषित जल के कारण इन गांवों में पेयजल की समस्या बहुत विकट हो चुकी है। हैंडपंप से निकलने वाला पानी भी प्रदूषित हो चुका है। जिससे दूषित पेयजल के कारण काली नदी के किनारे बसे गांवों में कैंसर का प्रकोप बहुत अधिक देखने को मिल रहा है। हेपेटाइटिस और त्वचा संबंधी रोगों के प्रसार भी काफी हद तक बढ़ा है। डबल और रतनपुरी गांव से सबसे अधिक ग्रामीणों की कैंसर से मौत हुई। दोनों गांव में 11 ग्रामीण भी भी कैंसर से पीड़ित है। रतनपुरी निवासी बुजुर्ग जनेश्वर सिंह, कुंवरपाल सिंह, अमरनाथ सिंह, पंडित राजकुमार शर्मा का कहना है कि डेढ़ दशक पहले काली नदी का पानी बिल्कुल साफ हुआ करता था। लेकिन फैक्टरियों के प्रदूषित कचरा और पानी के काली नदी में गिरने के कारण अब इसका जल पूर्ण रूप से दूषित जो चुका है।
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- इन्होंने कहा...
- मंसूरपुर और रतनपुरी क्षेत्र में काली नदी पर बसे ग्रामों का भूगर्भ जल प्रदूषित होने के कारण गंभीर बीमारी फैल रही है। बोपाड़ा गांव अधिक प्रभावित मिला था। इन ग्रामों में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। अब स्थिति पहले से बेहतर है।
- डॉ प्रवीण कुमार चौपड़ा
सीएमओ
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