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रजबहों में पानी नहीं होने से फसलें सूखीं
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रजबहों में पानी नहीं होने से फसलें सूखीं
मुजफ्फरनगर, छपार। नेशनल हाईवे के छपार टोल प्लाजा पर भाकियू का धरना 35वें दिन भी जारी रहा। ब्लाक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि रजबहों में पानी नहीं है, किसान की फसल बर्बाद हो रही है। रजबहों की खुदाई कराने के लिए ग्रामीणों की एक कमेटी बने जो जांच करे काम सही हो रहा है या नहीं।
मंगलवार को धरनास्थल पर मांगेराम त्यागी ने कहा कि सरकार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जितने दिन रजबहे में पानी चले, उतने दिन का वेतन दें। जिन गांवों से होकर रजबहे जा रहे हैं, उन गांवों के लोगों की एक समिति बने, जो रजबहे की खुदाई का सत्यापन करे, इससे कार्य ठीक होगा। जगह-जगह पुलिया टूटी पड़ी है। शिकायत की जांच विभाग के अधिकारी ही करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसी सक्षम एजेंसी से जांच हो। गांवों में सरकारी अस्पतालों की हालत खस्ता है। कहीं डाक्टर नहीं है तो कहीं उनमें पशु बंधे है। उनकी भी जांच होनी चाहिए। मोनू प्रधान, सरदार हरनेक सिंह, टहल सिंह, राजा गुर्जर, शशि धमात, दीपक, संजय गांधी, राशिद त्यागी, इकबाल, बबलू मुकीम आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर, छपार। नेशनल हाईवे के छपार टोल प्लाजा पर भाकियू का धरना 35वें दिन भी जारी रहा। ब्लाक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि रजबहों में पानी नहीं है, किसान की फसल बर्बाद हो रही है। रजबहों की खुदाई कराने के लिए ग्रामीणों की एक कमेटी बने जो जांच करे काम सही हो रहा है या नहीं।
मंगलवार को धरनास्थल पर मांगेराम त्यागी ने कहा कि सरकार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जितने दिन रजबहे में पानी चले, उतने दिन का वेतन दें। जिन गांवों से होकर रजबहे जा रहे हैं, उन गांवों के लोगों की एक समिति बने, जो रजबहे की खुदाई का सत्यापन करे, इससे कार्य ठीक होगा। जगह-जगह पुलिया टूटी पड़ी है। शिकायत की जांच विभाग के अधिकारी ही करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसी सक्षम एजेंसी से जांच हो। गांवों में सरकारी अस्पतालों की हालत खस्ता है। कहीं डाक्टर नहीं है तो कहीं उनमें पशु बंधे है। उनकी भी जांच होनी चाहिए। मोनू प्रधान, सरदार हरनेक सिंह, टहल सिंह, राजा गुर्जर, शशि धमात, दीपक, संजय गांधी, राशिद त्यागी, इकबाल, बबलू मुकीम आदि मौजूद रहे।
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