{"_id":"5a0c7b6a4f1c1bb6678bbe60","slug":"witness-identified-killer","type":"story","status":"publish","title_hn":"गवाह ने हत्यारोपी को पहचाना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गवाह ने हत्यारोपी को पहचाना
ब्यूरो, अमर उजाला/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
demo
- फोटो : demo
मुजफ्फरनगर में आसाराम मामले में गवाह अखिल गुप्ता हत्याकांड के मुख्य हत्यारोपी कार्तिक हलदर की जिला कारागार में शनाख्त परेड कराई गई। घटना के चश्मदीद गवाह ने चेहरे पुते कई बंदियों में हत्यारोपी हलदर की शनाख्त की। इसके बाद उसेे करनाल जेल भेज दिया गया। अदालत ने इस मामले में 28 नवंबर की तारीख लगाई है।
विज्ञापन
अखिल गुप्ता हत्याकांड में अदालत ने मुख्य हत्यारोपी कार्तिक हलदर की शनाख्त परेड कराने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर हलदर को करनाल जेल से लाकर पहले कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जिला कारागार ले जाकर शनाख्त परेड की कार्रवाई कराई गई। एसडीएम सदर कन्हई सिंह यादव, जिला कारागार के अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों की मौजूदगी में शनाख्त परेड की कार्रवाई हुई। डेढ़ दर्जन बंदियों के साथ मुख्य हत्यारोपी कार्तिक हलदर को भी चेहरा पोत कर खड़ा किया गया।
इसके बाद हत्याकांड के चश्मदीद गवाह को वहां लाया गया। चश्मदीद गवाह ने चेहरे पुते बंदियों में खड़े हत्यारोपी कार्तिक हलदर के ऊपर हाथ रख कर उसकी शनाख्त की। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में कार्तिक हलदर को करनाल जेल वापस भेज दिया गया। कोर्ट ने कार्तिक की न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए इस मामले में 28 नवंबर की तारीख लगाई है।
विज्ञापन
बताते चलें कि आसाराम के रसोइयां रहे अखिल गुप्ता आसाराम पर लगे रेप के मामले का मुख्य गवाह था। अखिल गुप्ता की पौने तीन वर्ष पहले 15 जनवरी 2015 की शाम उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह शहर से अपनी दुकान से अपने नईमंडी स्थित आवास पर लौट रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन