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जेल में मोबाइल ले जाते पकड़ी दो महिलाएं
Sun, 31 Mar 2019 11:18 PM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 31 Mar 2019 11:18 PM IST
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- फोटो : getty images
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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में मिलाई के दौरान दो महिलाओं को मोबाइल ले जाते हुए चेकिंग में पकड़ लिया गया। अफरातफरी के बीच एक महिला जेल कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गई, जबकि दूसरी को पकड़ लिया गया।
जिला कारागार में रविवार दोपहर दो महिलाएं अलग-अलग बंदियों से मिलाई करने पहुंची थीं। जेल अफसरों के अनुसार जेल गेट से अंदर जाने के बाद पहले चरण में ही महिलाओं के सामान की तलाशी ली गई। इस दौरान एक महिला के खाने के टिफिन में लाए गए चनों को देखा गया तो उनमें एक मोबाइल छिपा मिला। इस पर पुलिस ने उक्त मोबाइल बरामद कर लिया। इस दौरान मची अफरातफरी में महिला जेल कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गई। उधर, मिलाई करने पहुंची एक अन्य महिला की भी जांच के दौरान उसके पर्स से मोबाइल बरामद किया गया। इस पर उक्त महिला को हिरासत में लेकर मामले की जानकारी जेल अधीक्षक एके सक्सेना को दी गई। आरोपी महिला से मोबाइल लाने की बाबत पूछताछ की जा रही है।
जेल में नहीं थम रहा मोबाइल का गोरखधंधा
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में तमाम बवाल के बावजूद मोबाइल के खेल का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल के बाहर स्थित एक बंद गली से लगातार जेल में मोबाइल फेंके जा रहे हैं। जेल प्रशासन ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए उक्त गली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए, लेकिन इसके बावजूद मोबाइल के खेल पर रोक नहीं लग पा रही है।
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जिला कारागार में करोड़ों के जैमर लगने के बावजूद मोबाइल संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। जैमर थ्री-जी नेटवर्क के लगे होने के चलते बंदियों ने अब इसका तोड़ फोर-जी नेटवर्क के मोबाइल के रूप में निकाल लिया है। अब जेल में लगातार फोर जी नेटवर्क के फीचर फोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। शनिवार को ही पुलिस-प्रशासन की छापेमारी में तीन मोबाइल जेल से बरामद किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, जिला कारागार में गांधी कॉलोनी की तरफ स्थित एक बंद गली के जरिये मोबाइल पहुंचाए जा रहे हैं। उक्त बंद गली अधिकांश समय सुनसान रहती है, जिसका फायदा उठाकर शातिर उस तरफ से मोबाइल पॉलीथिन में बंद कर जेल में फेंक देते हैं, जिसकी जानकारी पहले से बंदियों को होती है और वे उक्त मोबाइल उठाकर धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उक्त गली से बाइक सवार दो युवकों ने चार मोबाइल जेल में फेंके, जो बंदीरक्षकों के हाथ लग गए, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ। उक्त गली से मोबाइल फेंके जाने के चलते जेल अफसरों ने अब उक्त गली में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। उधर, जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि गांधी कॉलोनी की गली से जेल में मोबाइल फेंके जा रहे थे, जिसके चलते उक्त गली में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। वहीं, बंदियों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी दशा में मोबाइल संचालित न होने पाए।
24 घंटे बाद भी मोबाइल बरामदगी पर कार्रवाई नहीं
मुजफ्फरनगर। शनिवार को जेल में निरीक्षण में तीन मोबाइल बरामद किए गए थे। इसके बावजूद अफसरों ने मोबाइल बरामदगी की बात को छिपाए रखा। मामले में 24 घंटे बाद भी मोबाइल मिलने के संबंध में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
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जिला कारागार में रविवार दोपहर दो महिलाएं अलग-अलग बंदियों से मिलाई करने पहुंची थीं। जेल अफसरों के अनुसार जेल गेट से अंदर जाने के बाद पहले चरण में ही महिलाओं के सामान की तलाशी ली गई। इस दौरान एक महिला के खाने के टिफिन में लाए गए चनों को देखा गया तो उनमें एक मोबाइल छिपा मिला। इस पर पुलिस ने उक्त मोबाइल बरामद कर लिया। इस दौरान मची अफरातफरी में महिला जेल कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गई। उधर, मिलाई करने पहुंची एक अन्य महिला की भी जांच के दौरान उसके पर्स से मोबाइल बरामद किया गया। इस पर उक्त महिला को हिरासत में लेकर मामले की जानकारी जेल अधीक्षक एके सक्सेना को दी गई। आरोपी महिला से मोबाइल लाने की बाबत पूछताछ की जा रही है।
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जेल में नहीं थम रहा मोबाइल का गोरखधंधा
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में तमाम बवाल के बावजूद मोबाइल के खेल का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल के बाहर स्थित एक बंद गली से लगातार जेल में मोबाइल फेंके जा रहे हैं। जेल प्रशासन ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए उक्त गली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए, लेकिन इसके बावजूद मोबाइल के खेल पर रोक नहीं लग पा रही है।
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जिला कारागार में करोड़ों के जैमर लगने के बावजूद मोबाइल संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। जैमर थ्री-जी नेटवर्क के लगे होने के चलते बंदियों ने अब इसका तोड़ फोर-जी नेटवर्क के मोबाइल के रूप में निकाल लिया है। अब जेल में लगातार फोर जी नेटवर्क के फीचर फोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। शनिवार को ही पुलिस-प्रशासन की छापेमारी में तीन मोबाइल जेल से बरामद किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, जिला कारागार में गांधी कॉलोनी की तरफ स्थित एक बंद गली के जरिये मोबाइल पहुंचाए जा रहे हैं। उक्त बंद गली अधिकांश समय सुनसान रहती है, जिसका फायदा उठाकर शातिर उस तरफ से मोबाइल पॉलीथिन में बंद कर जेल में फेंक देते हैं, जिसकी जानकारी पहले से बंदियों को होती है और वे उक्त मोबाइल उठाकर धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उक्त गली से बाइक सवार दो युवकों ने चार मोबाइल जेल में फेंके, जो बंदीरक्षकों के हाथ लग गए, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ। उक्त गली से मोबाइल फेंके जाने के चलते जेल अफसरों ने अब उक्त गली में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। उधर, जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि गांधी कॉलोनी की गली से जेल में मोबाइल फेंके जा रहे थे, जिसके चलते उक्त गली में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। वहीं, बंदियों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी दशा में मोबाइल संचालित न होने पाए।
24 घंटे बाद भी मोबाइल बरामदगी पर कार्रवाई नहीं
मुजफ्फरनगर। शनिवार को जेल में निरीक्षण में तीन मोबाइल बरामद किए गए थे। इसके बावजूद अफसरों ने मोबाइल बरामदगी की बात को छिपाए रखा। मामले में 24 घंटे बाद भी मोबाइल मिलने के संबंध में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।