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किताबों के नाम पर हो रही लूट बंद हो
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:42 AM IST
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बुक सेलर
- फोटो : amar ujala
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मुजफ्फरनगर। पब्लिक स्कूलों में अभिभावकों से खुली लूट के बाद प्रशासन की आंखें खुल गईं। शिकायत के बाद नींद से जागे प्रशासन ने बुक सेलरों की मीटिंग लेकर साफ चेतावनी दे दी है। कहा कि विक्रेताओं को अपने माल का रिकार्ड रखने के साथ सेलटैक्स का ब्यौरा भी दिखाना होगा। साथ ही प्रत्येक खरीदार को बिल भी देना होगा। सीबीएसई के स्कूलों में एनसीईटी की पुस्तक लगाकर पढ़ाई करानी होगी।
स्कूलों में नया सत्र चलते ही अभिभावकों की मुसीबत बढ़ गई हैं। कोर्स और ड्रेस को लेकर लोग हाल-बेहाल हैं। स्कूलों ने अपने-अपने हिसाब से कोर्स और ड्रेस कोड लागू कर रखा है। इसके लिए निर्धारित दुकानों पर ही अभिभावकों को खरीदारी करनी पड़ती है। इसको लेकर अभिभावक परेशान हैं। छोटी से छोटी कक्षा का कोर्स भी ढाई हजार से अधिक में पड़ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने बुक्स विक्रेताओं पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। एडीएम प्रशासन मनोज कुमार, सेल टैक्स अफसरों ने बुक्स सेलरों के साथ सभागार में मीटिंग की। इसमें शहर के प्रमुख बुक्स सेलरों को बुलाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अभिभावकों से हो रही लूट को बंद किया जाए।
विक्रेताओं को किताबों के स्टॉक, खरीदारी का रिकार्ड रखने के साथ सेल टैक्स की रसीद दिखानी होगी। साथ ही ग्राहक को पक्का बिल देना पड़ेगा। वहीं, एडीएम प्रशासन ने कहा कि सीबीएसई के स्कूलों में एनसीईटी की पुस्तक लगानी होगी। हर साल सिलेबस नहीं बदला जाएगा। बुक सेलर एनसीईटी को बुक्स आवश्यकता का ऑर्डर भेजेंगे, उसके बाद पुस्तक दुकानों पर मंगाई जाएगी। बुक्स सेलरों ने कहा कि एनसीईटी में डिमांड भेजने के बाद पुस्तकों का भुगतान स्कूल के खाते होगा, इसके लिए स्कूल प्रशासन तैयार नहीं है। एडीएम प्रशासन ने इस मामले का हल निकालने के लिए सात अप्रैल को स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मैनेजर की मीटिंग लेकर उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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स्कूलों में नया सत्र चलते ही अभिभावकों की मुसीबत बढ़ गई हैं। कोर्स और ड्रेस को लेकर लोग हाल-बेहाल हैं। स्कूलों ने अपने-अपने हिसाब से कोर्स और ड्रेस कोड लागू कर रखा है। इसके लिए निर्धारित दुकानों पर ही अभिभावकों को खरीदारी करनी पड़ती है। इसको लेकर अभिभावक परेशान हैं। छोटी से छोटी कक्षा का कोर्स भी ढाई हजार से अधिक में पड़ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने बुक्स विक्रेताओं पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। एडीएम प्रशासन मनोज कुमार, सेल टैक्स अफसरों ने बुक्स सेलरों के साथ सभागार में मीटिंग की। इसमें शहर के प्रमुख बुक्स सेलरों को बुलाया गया।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अभिभावकों से हो रही लूट को बंद किया जाए।
विक्रेताओं को किताबों के स्टॉक, खरीदारी का रिकार्ड रखने के साथ सेल टैक्स की रसीद दिखानी होगी। साथ ही ग्राहक को पक्का बिल देना पड़ेगा। वहीं, एडीएम प्रशासन ने कहा कि सीबीएसई के स्कूलों में एनसीईटी की पुस्तक लगानी होगी। हर साल सिलेबस नहीं बदला जाएगा। बुक सेलर एनसीईटी को बुक्स आवश्यकता का ऑर्डर भेजेंगे, उसके बाद पुस्तक दुकानों पर मंगाई जाएगी। बुक्स सेलरों ने कहा कि एनसीईटी में डिमांड भेजने के बाद पुस्तकों का भुगतान स्कूल के खाते होगा, इसके लिए स्कूल प्रशासन तैयार नहीं है। एडीएम प्रशासन ने इस मामले का हल निकालने के लिए सात अप्रैल को स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मैनेजर की मीटिंग लेकर उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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