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बंदी का फोन पकड़ने पर जेल में बवाल
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:43 AM IST
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जेल में बवाल के बाद पहुंची पुलिस फाेर्स।
- फोटो : अमर उजाला
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बंदी का फोन पकड़ने पर जिला कारागार में बवाल हो गया। बंदियों ने गुट बनाकर बंदी रक्षकों पर हमला बोलकर उनकी पिटाई कर दी। गेट नंबर दो के पास रखी कुर्सियां और स्टूल तोड़ दिए। बंदियों का हंगामा देख कारागार में अफरा-तफरी मच गई।
हालात बेकाबू होते देख जेल अफसरों ने अलार्म बजा दिया। सूचना पर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह सभी सीओ, तीनों थानों का फोर्स, अर्द्धसैनिक बल और पीएसी के साथ कारागार पहुंचे। फोर्स ने लाठियां भांजकर बंदियों को बैरकों में बंद किया। मामले में नई मंडी कोतवाली में आरोपी बंदियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है।
जिला कारागार में बुधवार शाम बैरक नंबर-14 से बंदी रक्षक सुरेंद्र सिंह यादव ने चेकिंग के दौरान बंदी विवेक उर्फ विराट निवासी कैडी बाबरी से मोबाइल बरामद किया। सिपाही ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। बृहस्पतिवार सुबह जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने आरोपी बंदी को बुलाया और फोन को लेकर पूछताछ की। अफसरों के अनुसार उस समय तो आरोपी चला गया, लेकिन आधे घंटे बाद वह अपने 10-15 साथियों के साथ गेट नंबर दो पर पहुुंचा।
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आरोपियों ने गेट पर मौजूद बंदी रक्षक माधव कुमार, दीपक सिंह और नेतपाल सिंह से हाथापाई कर दी। इस दौरान दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई। बंदियों ने वहां रखी कुर्सियां, स्टूल और अन्य सामान में तोड़फोड़ कर दी। बंदी मौके पर हंगामा करते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जुटे अफसरों में बवाल को देखकर अफरातफरी मच गई। जेल का अलार्म बजाकर एसएसपी को मामले की जानकारी दी गई।
सूचना पर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह सभी सीओ, तीनों थानों की पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और पीएसी के साथ कारागार पहुंचे। फोर्स ने जेल में जाते ही लाठियां भांजकर बंदियों को बैरकों के भीतर धकेला। बंदियों के भीतर जाने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। मामले में जेलर राजेश कुमार सिंह की ओर से नई मंडी कोतवाली में आरोपी बंदी विवेक उर्फ विराट, सचिन, टीपू सुल्तान, कपिल उर्फ सचिन, गौरव, अक्षय, जितेंद्र और सन्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। मोबाइल मिलने का एक अलग मुकदमा विवेक के खिलाफ दर्ज किया गया है।
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हालात बेकाबू होते देख जेल अफसरों ने अलार्म बजा दिया। सूचना पर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह सभी सीओ, तीनों थानों का फोर्स, अर्द्धसैनिक बल और पीएसी के साथ कारागार पहुंचे। फोर्स ने लाठियां भांजकर बंदियों को बैरकों में बंद किया। मामले में नई मंडी कोतवाली में आरोपी बंदियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है।
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जिला कारागार में बुधवार शाम बैरक नंबर-14 से बंदी रक्षक सुरेंद्र सिंह यादव ने चेकिंग के दौरान बंदी विवेक उर्फ विराट निवासी कैडी बाबरी से मोबाइल बरामद किया। सिपाही ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। बृहस्पतिवार सुबह जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने आरोपी बंदी को बुलाया और फोन को लेकर पूछताछ की। अफसरों के अनुसार उस समय तो आरोपी चला गया, लेकिन आधे घंटे बाद वह अपने 10-15 साथियों के साथ गेट नंबर दो पर पहुुंचा।
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आरोपियों ने गेट पर मौजूद बंदी रक्षक माधव कुमार, दीपक सिंह और नेतपाल सिंह से हाथापाई कर दी। इस दौरान दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई। बंदियों ने वहां रखी कुर्सियां, स्टूल और अन्य सामान में तोड़फोड़ कर दी। बंदी मौके पर हंगामा करते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जुटे अफसरों में बवाल को देखकर अफरातफरी मच गई। जेल का अलार्म बजाकर एसएसपी को मामले की जानकारी दी गई।
सूचना पर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह सभी सीओ, तीनों थानों की पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और पीएसी के साथ कारागार पहुंचे। फोर्स ने जेल में जाते ही लाठियां भांजकर बंदियों को बैरकों के भीतर धकेला। बंदियों के भीतर जाने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। मामले में जेलर राजेश कुमार सिंह की ओर से नई मंडी कोतवाली में आरोपी बंदी विवेक उर्फ विराट, सचिन, टीपू सुल्तान, कपिल उर्फ सचिन, गौरव, अक्षय, जितेंद्र और सन्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। मोबाइल मिलने का एक अलग मुकदमा विवेक के खिलाफ दर्ज किया गया है।