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जिला कारागार में कैदी की मौत पर बवाल

Sun, 25 Oct 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 25 Oct 2015 11:51 PM IST
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On the death of the prisoner in the District Prison organically
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में रविवार को सजायाफ्ता कैदी की अचानक मौत हो गई। बंदियों ने जेल के डॉक्टरों को कैदी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर बवाल किया।
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जेल के अफसरों से हाथापाई करते हुए शव उठाने नहीं दिया। पीएसी और पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देकर बंदियों को शांत किया।
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इस दौरान मृतक के चचेरे भाई की तरफ से डॉक्टर के खिलाफ तहरीर देकर हत्या का आरोप लगाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौत की वजह दौरा पड़ना बताया गया है।
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मूलरूप से छपार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरला निवासी इंतजार पुत्र हनीफ ककरौली थाना क्षेत्र के टंडेड़ा गांव में रिश्तेदार में आकर रहने लगा था।

ककरौली पुलिस ने वर्ष 2013 के मई माह में इंतजार को शौकीन गैंग के साथ पानीपत के व्यापारी का क्षेत्र में अपहरण करने के आरोप में चालान कर जेल भेजा था। इसके करीब छह माह बाद कोर्ट ने इंतजार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

इंतजार पर हत्या और लूट के कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। फिलहाल वह बैरक नंबर चार में था। दो दिन पहले इंतजार को दौरा पड़ने के बाद जेल के चिकित्सालय के डॉक्टर चंद्रगुप्त ने उपचार दिया था। इसके बाद वह ठीक हो गया था।

रविवार सुबह करीब सवा सात बजे बंदियों ने इंतजार को अचेत पड़ा हुआ देखा। बंदी उसे उठाकर जेल के चिकित्सालय ले गए। कुछ देर बाद इंतजार की मौत हो गई। इस पर बंदी जमा हो गए।

डॉक्टर चंद्रगुप्त पर इलाज में लापरवाही करते हुए मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। बंदियों ने जमा होकर हंगामा करना शुरू कर दिया। जेल के अफसरों ने समझाकर शव कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन शव नहीं उठाने दिया। इस दौरान अफसरों व बंदियों के बीच हाथापाई हुई।

बंदियों का कहना था कि इलाज के नाम बंदियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसी की नतीजा है कि इंतजार की मौत हो गई। अगर उसे समय पर सही उपचार मिलता तो यह नौबत नहीं आती। जेल मेें बवाल की खबर पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में एडीएम (प्रशासन) मनोज कुमार सिंह, एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार, सीओ सिटी जोगेंद्र सिंह, नई मंडी कोतवाल अरुण सिंह, एसओ सिविल लाइन चंद्र किरण यादव पुलिस बल और पीएसी के साथ पहुंचे।

बंदियों को समझाकर शांत किया। इस दौरान जेल में बंद मृतक के चचेरे भाई शहजाद की तरफ से जेल के डॉक्टर के खिलाफ तहरीर देकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। अफसरों ने जांच के उपरांत निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देकर बंदियों को शांत किया।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जेल अधीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि दौरा पड़ने के बाद कैदी की मौत की बात सामने आई है। हंगामा कर रहे बंदियों को शांत किया गया।

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