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पिट रही पुलिस, नहीं कानून का खौफ, सीओ सिटी के सामने ही भीड़ ने की गाली-गलौज      

Wed, 28 Jun 2017 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 28 Jun 2017 12:54 AM IST
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Not a law scare
खालापार में पुलिस से उलझते स्थानीय लोग। - फोटो : अमर उजाला
दबिश के दौरान पुलिस पर हमला कोई नई बात नहीं है। पूर्व की सरकार में शुरू हुआ यह तरीका योगी सरकार में भी जारी है। चोरी से पशु कटान करने वालों को सरकार बदलने के बाद भी कानून का कोई खौफ नहीं है। सख्त कार्रवाई नहीं होने का नतीजा है कि पुलिस को पिटना पड़ रहा है। खालापार हमले में तो पशु काटने वालों ने सीओ सिटी के सामने ही जमकर गाली-गलौज की।
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शहर कोतवाली के खालापार में गत वर्ष रमजान के दौरान खालापार चौकी इंचार्ज द्वारा पशुओं की खाल बरामद करने पर तस्करों ने चौकी पर ही हमला बोल दिया था। खालापार चौकी में जमकर तोड़फोड़ की गई थी। नईमंडी के बागोवाली में भी गोकशी को लेकर बवाल हुआ था। सपा सरकार में गोकशी करने वालों के हौसले पूरी तरह से बुलंद थे। मार्च में नई सरकार आई और योगी आदित्यनाथ सूबे के मुख्यमंत्री बने। सीएम ने सबसे पहले अवैध कटान पर रोक लगाई। सरकार बदलने का गोकशी करने वालों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।    
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तीन जून को शहर कोतवाली के शेरपुर में पुलिस ने गोकशी की सूचना पर छापा मारा तो वहां  कुछ नहीं मिलने पर ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर हमला बोल दिया था। पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर पीटा गया और कई सरकारी वाहनों में आग लगा दी गई थी। डीआईजी ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली थी। मामले में 20 नामजद और 250 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। 13 लोगों को जेल भेजा गया। बाद में ग्रामीणों ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया। उसके बाद पुलिस शांत बैठ गई।
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24 जून को जानसठ के काटका में जंगल में बैल काटे जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस पर आरोपियों ने हमला बोल दिया। हमले में एसएसआई और दो सिपाही घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इससे पूर्व भी जनपद में दर्जनों ऐसी घटनाएं हैं जब पुलिस को दबिश के दौरान लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। खालापार, सुजडू, तावली, कसेरवा, सीकरी जनपद में दर्जनों ऐसी जगह हैं, जहां पुलिस को गोकशी की दबिश के दौरान विरोध का सामना करना पड़ता है। मंगलवार की घटना में आरोपी पक्ष के लोगों ने सीओ सिटी के सामने ही गाली-गलौज की और पुलिस को बुरा-भला कहा। पुलिस चुपचाप खड़ी गालियां सुनती रही।        

    
गोकशी की सूचना देने वाला मुखबिर कौन?

माह के शुरू में गोकशी की सूचना पर शेरपुर में पुलिस पार्टी को बंधक बनाकर ग्रामीणों ने पूछा था कि आपको गोकशी की सूचना किसने दी, मुखबिर का नाम बताओ। मंगलवार को भी लोग सीओ से यही पूछ रहे थे कि कौन है जो पुलिस को सूचना देता है। दोनों ही जगहों पर पुलिस पर हमला हुआ। मुखबिर का नाम बताने के नाम पर पुलिस पर कोई जवाब न तो शेरपुर में था और न ही मंगलवार को खालापार में था।
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