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Saharanpur News: सेवानिवृत्त दरोगा के नाम पर फर्जी सिम, साइबर ठगी में इस्तेमाल होने का आरोप
Wed, 07 Oct 2026 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:11 AM IST
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सहारनपुर। हकीकत नगर निवासी सेवानिवृत्त उप निरीक्षक के नाम और दस्तावेजों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर सिम जारी कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी के एक मुकदमे में किया गया। कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने सौरभ कम्युनिकेशन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
हकीकत नगर निवासी कृष्ण पाल सिंह ने तहरीर देकर बताया कि 31 अक्तूबर 2024 को थाना इगलास अलीगढ़ से उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त 2026 को थाना जहांगीराबाद बुलंदशहर के हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार उनके आवास पर पहुंचे और बताया कि उनके परिचय पत्र से जुड़े मोबाइल नंबर और आईएमईआई नंबर के संबंध में मुकदमा दर्ज है।
कृष्णपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने सौरभ कम्युनिकेशन से केवल दो सिम लिए थे। जो नंबर साइबर ठगी के मुकदमे से जोड़ा गया है, वह सिम उन्होंने कभी लिया ही नहीं। आरोप है कि उनके आधार कार्ड और फोटो का इस्तेमाल कर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर सिम जारी कराया गया। उन्होंने सिम जारी करने वाले विक्रेता सौरभ कम्युनिकेशन से इस नंबर के रिकॉर्ड की जानकारी मांगी।
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आरोप है कि दुकानदार ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में आनाकानी की। उन्होंने दुकानदार से फोन पर भी बातचीत की, लेकिन वहां कोई लिखित रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। जांच अधिकारी उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि सौरभ कम्युनिकेशन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
-- किस दस्तावेज से जारी किया सिम
मोबाइल सिम किस दस्तावेज के आधार पर जारी हुआ। केवाईसी किसने कराई, फोटो और आधार का इस्तेमाल कैसे हुआ और उक्त नंबर का इस्तेमाल किस व्यक्ति ने किया। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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हकीकत नगर निवासी कृष्ण पाल सिंह ने तहरीर देकर बताया कि 31 अक्तूबर 2024 को थाना इगलास अलीगढ़ से उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त 2026 को थाना जहांगीराबाद बुलंदशहर के हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार उनके आवास पर पहुंचे और बताया कि उनके परिचय पत्र से जुड़े मोबाइल नंबर और आईएमईआई नंबर के संबंध में मुकदमा दर्ज है।
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कृष्णपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने सौरभ कम्युनिकेशन से केवल दो सिम लिए थे। जो नंबर साइबर ठगी के मुकदमे से जोड़ा गया है, वह सिम उन्होंने कभी लिया ही नहीं। आरोप है कि उनके आधार कार्ड और फोटो का इस्तेमाल कर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर सिम जारी कराया गया। उन्होंने सिम जारी करने वाले विक्रेता सौरभ कम्युनिकेशन से इस नंबर के रिकॉर्ड की जानकारी मांगी।
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आरोप है कि दुकानदार ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में आनाकानी की। उन्होंने दुकानदार से फोन पर भी बातचीत की, लेकिन वहां कोई लिखित रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। जांच अधिकारी उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि सौरभ कम्युनिकेशन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मोबाइल सिम किस दस्तावेज के आधार पर जारी हुआ। केवाईसी किसने कराई, फोटो और आधार का इस्तेमाल कैसे हुआ और उक्त नंबर का इस्तेमाल किस व्यक्ति ने किया। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।