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Muzaffarnagar News: कारोबारी का अंतिम संस्कार, हरि वृंदावन सिटी में मातम
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मुजफ्फरनगर। जिस आंगन में सोमवार तक भरपूर खुशियां थीं, वहां मंगलवार को मातम पसरा रहा। बेटे आदेश गोयल (50) के सहारे मां कुसुम देवी अपनी जिंदगी देख रही थीं, मंगलवार को उसकी अर्थी उठी तो माहौल गमगीन हो गया। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने शहर को झकझोर दिया। हादसे में जान गंवाने वाली निशा और उनकी 14 वर्षीय बेटी श्रद्धा के शव परिजन सहारनपुर ले गए, जबकि राखी का शव शामली के थानाभवन ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती राखी की छह वर्षीय बेटी वैष्णवी अब स्वस्थ बताई जा रही है।
हरिद्वार के लक्सर में मौसा राधेश्याम के 75वें जन्मदिन समारोह में शामिल होकर लौट रहे परिवार ने कभी नहीं सोचा होगा कि यह उनका आखिरी सफर है। बढ़ीवाला में सोलानी नदी पुल के पास हुए हादसे में लोहा कारोबारी आदेश गोयल, उनकी बहन निशा, बहन राखी और भांजी श्रद्धा की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह आदेश गोयल का शव जानसठ रोड स्थित हरि वृंदावन सिटी आवास पर पहुंचा तो वहां चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार, परिचित और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर एक ही हादसे ने पूरा परिवार कैसे उजाड़ दिया।
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सुबह करीब 11 बजे आदेश गोयल की अंतिम यात्रा निकली। चिता को मुखाग्नि बड़े पुत्र तुषार ने दी। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
इनसेट
परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे आदेश गोयल
मुजफ्फरनगर। आदेश गोयल लोहा ट्रेडिंग के कारोबार के साथ रुड़की में होटल और राइस मिल भी चलाते थे। उनके साथ कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी थी। बड़ा बेटा तुषार कारोबार में हाथ बंटाता था, जबकि छोटा बेटा रक्षित बंगलूरू में पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लिए यह हादसा केवल चार सदस्यों की मौत नहीं, बल्कि एक साथ कई रिश्तों और सहारों के टूट जाने की त्रासदी है।
कुसुम के हिस्से में सबसे बड़ा दर्द
कुछ ही घंटों में चार अर्थियां अलग-अलग दिशाओं में चली गईं। सबसे बड़ा दर्द उस मां के हिस्से में आया, जिसने एक ही हादसे में अपना बेटा और दोनों बेटियां खो दीं। कुसुम देवी की कोख एक पल में सूनी हो गई। घर में अब भी अपनों की आवाजें जैसे दीवारों में अटकी हैं, लेकिन वह आवाजें लौटकर कभी नहीं आएंगी।
इनसेट
यहां चल रहा घायलों का उपचार
घायल कुसुम देवी (70) को मेरठ के वेदांता अस्पताल भर्ती कराया गया है, जबकि आदेश गोयल की पत्नी रूबी का उपचार शहर के भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल में चल रहा है। बेसुध रूबी अभी कुछ समझ नहीं पाई। वहीं दोनों बेटों की आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
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छपरौली से तय हुआ था रिश्ता
हादसे की जानकारी पाकर आसपास के रिश्तेदार भी हरि वृंदावन सिटी स्थित आवास पर पहुंच गए। आदेश गोयल ने अपने बड़े बेटे तुषार की शादी छपरौली में तय की थी। तारीख 26 नवंबर तय हो गई थी और दोनों ओर से तैयारियां चल रही थीं। छपरौली से पहुंचे लड़की पक्ष के संदीप जिंदल ने बताया कि परिवार पर इतना बड़ा पहाड़ टूट गया है कि दोनों परिवार बेहद गमजदा हैं।
अवैध मिट्टी खनन में लगा था डंपर, दो हिरासत में
पुरकाजी। लक्सर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में हुई चार लोगों की मौत के प्रकरण में सोमवार रात एसएसपी संजय वर्मा व एसपी सिटी अमृत जैन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उधर, पुलिस ने हादसे के बाद खनन से जुड़े दो युवकों को पकड़ा है। उधर, क्षेत्रीय निरीक्षक परिवहन रोमेश अग्रवाल व अमित सैनी ने पुरकाजी थाने पर ट्रैक्टर ट्रॉली में लदी स्कार्पियो व घटनास्थल पर जाकर डंपर के रजिस्ट्रेशन आदि की जानकारी ली।
पुरकाजी-लक्सर हाईवे पर लगातार हादसे, कई लोगों की मौत
पुरकाजी। पुरकाजी-लक्सर हाईवे दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। यहां दर्जनों हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं।
24 मार्च को हरिनगर निवासी ई-रिक्शा चालक आयुष कुमार और झबरपुर निवासी संगीता की सुवाहेड़ी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हुई। तीन मार्च को रंडावली निवासी आशीष पाल (28) और उत्तराखंड के शुभम (25) की बाइक टक्कर में जान चली गई।
27 फरवरी को नूरपुर पंचमदेही निवासी तेजपाल (40) और खाईखेड़ी निवासी प्रेम (50) की तेज रफ्तार कार की टक्कर से अस्पताल में मौत हुई थी। इसके अलावा खेड़की निवासी कुलदीप कुमार (30) की बाइक घोड़ा बग्गी रथ से टकराने से मौत हो गई थी। जनवरी में जिंदावाला निवासी दीपक कश्यप (26), शेरपुर निवासी ओमकार (50) और पुरकाजी निवासी इस्राइल (58) की जान गई थी।
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हरिद्वार के लक्सर में मौसा राधेश्याम के 75वें जन्मदिन समारोह में शामिल होकर लौट रहे परिवार ने कभी नहीं सोचा होगा कि यह उनका आखिरी सफर है। बढ़ीवाला में सोलानी नदी पुल के पास हुए हादसे में लोहा कारोबारी आदेश गोयल, उनकी बहन निशा, बहन राखी और भांजी श्रद्धा की मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह आदेश गोयल का शव जानसठ रोड स्थित हरि वृंदावन सिटी आवास पर पहुंचा तो वहां चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार, परिचित और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर एक ही हादसे ने पूरा परिवार कैसे उजाड़ दिया।
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सुबह करीब 11 बजे आदेश गोयल की अंतिम यात्रा निकली। चिता को मुखाग्नि बड़े पुत्र तुषार ने दी। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
इनसेट
परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे आदेश गोयल
मुजफ्फरनगर। आदेश गोयल लोहा ट्रेडिंग के कारोबार के साथ रुड़की में होटल और राइस मिल भी चलाते थे। उनके साथ कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी थी। बड़ा बेटा तुषार कारोबार में हाथ बंटाता था, जबकि छोटा बेटा रक्षित बंगलूरू में पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लिए यह हादसा केवल चार सदस्यों की मौत नहीं, बल्कि एक साथ कई रिश्तों और सहारों के टूट जाने की त्रासदी है।
कुसुम के हिस्से में सबसे बड़ा दर्द
कुछ ही घंटों में चार अर्थियां अलग-अलग दिशाओं में चली गईं। सबसे बड़ा दर्द उस मां के हिस्से में आया, जिसने एक ही हादसे में अपना बेटा और दोनों बेटियां खो दीं। कुसुम देवी की कोख एक पल में सूनी हो गई। घर में अब भी अपनों की आवाजें जैसे दीवारों में अटकी हैं, लेकिन वह आवाजें लौटकर कभी नहीं आएंगी।
इनसेट
यहां चल रहा घायलों का उपचार
घायल कुसुम देवी (70) को मेरठ के वेदांता अस्पताल भर्ती कराया गया है, जबकि आदेश गोयल की पत्नी रूबी का उपचार शहर के भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल में चल रहा है। बेसुध रूबी अभी कुछ समझ नहीं पाई। वहीं दोनों बेटों की आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
छपरौली से तय हुआ था रिश्ता
हादसे की जानकारी पाकर आसपास के रिश्तेदार भी हरि वृंदावन सिटी स्थित आवास पर पहुंच गए। आदेश गोयल ने अपने बड़े बेटे तुषार की शादी छपरौली में तय की थी। तारीख 26 नवंबर तय हो गई थी और दोनों ओर से तैयारियां चल रही थीं। छपरौली से पहुंचे लड़की पक्ष के संदीप जिंदल ने बताया कि परिवार पर इतना बड़ा पहाड़ टूट गया है कि दोनों परिवार बेहद गमजदा हैं।
अवैध मिट्टी खनन में लगा था डंपर, दो हिरासत में
पुरकाजी। लक्सर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में हुई चार लोगों की मौत के प्रकरण में सोमवार रात एसएसपी संजय वर्मा व एसपी सिटी अमृत जैन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उधर, पुलिस ने हादसे के बाद खनन से जुड़े दो युवकों को पकड़ा है। उधर, क्षेत्रीय निरीक्षक परिवहन रोमेश अग्रवाल व अमित सैनी ने पुरकाजी थाने पर ट्रैक्टर ट्रॉली में लदी स्कार्पियो व घटनास्थल पर जाकर डंपर के रजिस्ट्रेशन आदि की जानकारी ली।
पुरकाजी-लक्सर हाईवे पर लगातार हादसे, कई लोगों की मौत
पुरकाजी। पुरकाजी-लक्सर हाईवे दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। यहां दर्जनों हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं।
24 मार्च को हरिनगर निवासी ई-रिक्शा चालक आयुष कुमार और झबरपुर निवासी संगीता की सुवाहेड़ी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हुई। तीन मार्च को रंडावली निवासी आशीष पाल (28) और उत्तराखंड के शुभम (25) की बाइक टक्कर में जान चली गई।
27 फरवरी को नूरपुर पंचमदेही निवासी तेजपाल (40) और खाईखेड़ी निवासी प्रेम (50) की तेज रफ्तार कार की टक्कर से अस्पताल में मौत हुई थी। इसके अलावा खेड़की निवासी कुलदीप कुमार (30) की बाइक घोड़ा बग्गी रथ से टकराने से मौत हो गई थी। जनवरी में जिंदावाला निवासी दीपक कश्यप (26), शेरपुर निवासी ओमकार (50) और पुरकाजी निवासी इस्राइल (58) की जान गई थी।