आग में जिंदा जल गए मां-बेटा
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
यह हादसा बृहस्पतिवार की दोपहर 1.30 हुआ। भोपा निवासी शराफत अली भोपा में दर्जी है। उसकी भोपा बस अड्डे पर प्रिंस टेलर के नाम से दुकान है। दोपहर वह दुकान बंद कर नई बस्ती स्थित घर पर भोजन के लिए गया था। महिला शराफत (50) सहित बेटी साईना (22) बेटा परवेज (20) , बेटी राईला (17), बेटा शहवाज (12) घर में बैठकर भोजन कर रहे थे।
शराफत की पत्नी नफीसा घर के आंगन में खाना बना रही थी। अचानक शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से घर में रखे ज्वलनशील पदार्थ डीजल, पेट्रोल के ड्रमों ने आग पकड़ ली। पलभर में आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि घर में बैठे परिवार के सभी परिजनों को अपनी चपेट में ले लिया। शोरशराबा सुनकर नफीसा घर में घुसी।
आग की चपेट में देख अपने छोटे बेटे शहवाज को बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान आग ने मां-बेटे को अपनी चपेट में ले लिया। नफीसा और शहवाज की जलकर मौत हो गई। आग इतनी भीषण थी कि लोग दीवार तोड़कर अंदर घुसे, लेकिन दोनों को नहीं बचा पाए। दोनों को बचाने के प्रयास में परिवार का मुखिया शराफत, बेटी साईना, बेटा परवेज, बेटी राईला भी गंभीर रूप से झुलस गए। घर में रखी एक तेल की जलती कैन को जब बाहर उठाकर फेंका, तो उसने पेड़ को भी अपनी चपेट में ले लिया। पेड़ के नीचे बैठी शराफत की वृद्ध मां रसीदन भी आग से झुलस गई।
मौके पर पहुंची ग्रामीणों की भीड़ और भोपा पुलिस ने घायलों को जिला चिकित्सालय भिजवाया। ग्रामीण आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सूचना मिलने पर हादसे के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर ही आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
आग की ऊंची लपटें देख किसी विस्फोट की आशंका के डर से आसपास के मकान में रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर निकल पड़े। अधिकारियों का मानना है कि जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता चल पाएगा। हादसे की सूचना पाकर एसडीएम रेणू सिंह, तहसीलदार जानसठ राकेश कुमार, सीओ भोपा सूक्ष्मप्रकाश, चीफ फायर आफिसर जेपी राठौर, अग्निशमन अधिकारी अमरेश कुमार, बीडीओ मोरना मौहम्मद कासिम, भोपा थाना प्रभारी पीपी सिंह आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंचे चांद बीडीसी, असलम, अफजाल, सोनू भगत, प्रवेज, हस्मत, प्रदीप शर्मा ने राहत कार्यों में सहयोग किया।
डॉ वीरपाल निर्वाल, प्रधान इजहार अहमद, हरीश राठी, इस्लाम अहमद मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। घटना से पूरे गांव में शोक छाया हुआ है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पेट्रोल का ड्रम बना तबाही का कारण
भोपा। घर में रखा तेल बना टेलर की पत्नी व मासूम बेटे की मौत का सामान। घर में लगी आग मेें जिंदा जल गये दोनों। उन्हें बचाने के प्रयास में परिवार के समस्त लोग भी आग में झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए।
आग पर काबू पाने के लोग भरकस प्रयास कर रहे थे, लेकिन आग ने इतना भयंकर रूप धारण किया था कि वह शराफत का घर और परिवार तबाह कर ही शांत हुई। मूल रुप से बेहड़ा थ्रू निवासी शराफत काफी समय से नयी बस्ती मे मकान बना कर रह है। भोपा बस स्टैंड पर उसकी दर्जी की दुकान है।
बताया गया है कि वह घर पर अवैध रुप से पेट्रोल और डीजल भी बेचता था। गुरुवार दुपहर को घर में एक ड्रम में पेट्रोल रखा हुआ था जिसके पास बैठा छोटा बेटा शाहवाज खाना खा रहा था। इसी बीच तेल के ड्रम में किसी कारण आग लग गयी, जिसने विकराल रुप धारण कर लिया।
परिवार के सभी लोग बाहर निकल आये लेकिन शाहबाज को आग ने पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। शाहवेज की किलकारी माँ को दूर नहीं कर सकी, जिससे बेटे को बचाने के प्रयास में माँ और बेटा सैकड़ों लोगों की आंखों के सामने जलते गए। बे-बस लोगों ने काफी प्रयास किया लेकिन मां और बेटे को बचा नहीं सके। दोनों को बचाने के प्रयास में परिवार के लोग आग में घुसने लगे जिसमें समस्त परिवार गम्भीर रूप से झुलस गए। शराफत के चचेरे भाई बेहडा थ्रू निवासी अकरम पुत्र असरफ आग लगने का कारण शार्ट सर्किट व इत्फाकिया बताते हुए थाने पर तहरीर दी है।