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हाईवे पर महिला चिकित्साधिकारी के परिवार को लूटा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:55 PM IST
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लूट की जानकारी देती महिला चिकित्साधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल हाईवे किस कदर दहशत का पर्याय बन चुका है, यह लूट की घटना के बाद हरिद्वार के पीड़ित परिवार ने तीन बाद पुलिस आफिस पहुंचकर बयां किया। दंपति को कब्जे में लेकर न सिर्फ उनके साथ अभद्रता की गई, बल्कि गन प्वाइंट पर लेकर नगदी, जेवर, कार आदि लूट लिए। वारदात को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
हरिद्वार सीएमओ कार्यालय में जिला काउंसलर के पद पर तैनात डिंपल अग्रवाल अपने पति हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में तैनात कैशियर अनिमेष अग्रवाल और साथी अनुपम चौधरी के साथ शनिवार रात दिल्ली से लौट रहे थे। दिल्ली के आईवीएलएस हॉस्पिटल में अनिमेष के लीवर का उपचार चल रहा है। डिंपल के अनुसार शनिवार रात करीब 11 बजे वह नईमंडी कोतवाली के बाईपास पर बागोवाली पुलिया के पास पहुंचे, तभी कार चला रहे अनुपम ने ढाबे के पास कार रोकी और कहीं पास में ही चला गया।
जैसे ही अनुपम वापस आया तथी चार-पांच बदमाशों ने हथियारों के बल पर तीनों को बंधक बना लिया। इस दौरान आरोपियों ने डिंपल से तमंचे के बल पर अभद्रता की और उसके सारे जेवर उतार लिए। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता के पति और साथी की कनपटी पर तमंचा लगाया तो सब चुप हो गए। बदमाशों ने तीनों को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और कार लूटकर हरिद्वार की ओर फरार हो गए। लूटी गई कार में पीड़ितों के चार मोबाइल, नगदी और अन्य कीमती सामान भी था।
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बदहवास परिवार पास के ढाबे पर गया और पुलिस को सूचना कराई। देर से पहुंची नईमंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तलाश करने के बजाए पीड़ित परिवार से पूछताछ में ही समय गंवा दिया। डिंपल के अनुसार पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और अपने कहे अनुसार तहरीर लेकर लूट की रिपोर्ट दर्ज कर दी। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामले में कुछ नहीं किया। पीड़ित परिवार ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर अफसरों से मामले में कार्रवाई कर कार की तलाश और अन्य सामान की बरामदगी की गुहार लगाई है।
आधा घंटा बीता सदियों जैसा
मुजफ्फरनगर। जनपद का हाईवे बहुत पहले से ही घटनाओं के लिए जाना जाता है। कई वर्ष पूर्व इसी हाईवे पर हुए गैंगरेप की गूंज देशभर में सुनी गई थी। 17 जून का चेन्नई के दंपति पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। उपचार के दौरान पति आदित्य की मौत हो गई थी। शनिवार रात को याद कर डिंपल अग्रवाल बदहवास हो जाती हैं और रोने लगती हैं।
अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताती हैं कि बदमाश अभद्रता करने लगे तो अपनी इज्जत खतरे में दिखाई दी। बाद में पति की कनपटी पर तमंचा लगा देखा तो लगा कि जैसे अगले ही पलभर में दुनिया उजड़ जाएगी। बड़ी मुश्किल से हाथ-पैर जोड़कर बदमाशों से जान बचाई। लूट के बाद आधा घंटे तक नंगे पैर बिना पैसे और मोबाइल के तीनों बदहवास हाईवे पर इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन नईमंडी कोतवाली पुलिस की ओर से कोई सहायता पीड़ितों की नहीं की गई।
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हरिद्वार सीएमओ कार्यालय में जिला काउंसलर के पद पर तैनात डिंपल अग्रवाल अपने पति हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में तैनात कैशियर अनिमेष अग्रवाल और साथी अनुपम चौधरी के साथ शनिवार रात दिल्ली से लौट रहे थे। दिल्ली के आईवीएलएस हॉस्पिटल में अनिमेष के लीवर का उपचार चल रहा है। डिंपल के अनुसार शनिवार रात करीब 11 बजे वह नईमंडी कोतवाली के बाईपास पर बागोवाली पुलिया के पास पहुंचे, तभी कार चला रहे अनुपम ने ढाबे के पास कार रोकी और कहीं पास में ही चला गया।
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जैसे ही अनुपम वापस आया तथी चार-पांच बदमाशों ने हथियारों के बल पर तीनों को बंधक बना लिया। इस दौरान आरोपियों ने डिंपल से तमंचे के बल पर अभद्रता की और उसके सारे जेवर उतार लिए। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता के पति और साथी की कनपटी पर तमंचा लगाया तो सब चुप हो गए। बदमाशों ने तीनों को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और कार लूटकर हरिद्वार की ओर फरार हो गए। लूटी गई कार में पीड़ितों के चार मोबाइल, नगदी और अन्य कीमती सामान भी था।
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बदहवास परिवार पास के ढाबे पर गया और पुलिस को सूचना कराई। देर से पहुंची नईमंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तलाश करने के बजाए पीड़ित परिवार से पूछताछ में ही समय गंवा दिया। डिंपल के अनुसार पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और अपने कहे अनुसार तहरीर लेकर लूट की रिपोर्ट दर्ज कर दी। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामले में कुछ नहीं किया। पीड़ित परिवार ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर अफसरों से मामले में कार्रवाई कर कार की तलाश और अन्य सामान की बरामदगी की गुहार लगाई है।
आधा घंटा बीता सदियों जैसा
मुजफ्फरनगर। जनपद का हाईवे बहुत पहले से ही घटनाओं के लिए जाना जाता है। कई वर्ष पूर्व इसी हाईवे पर हुए गैंगरेप की गूंज देशभर में सुनी गई थी। 17 जून का चेन्नई के दंपति पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। उपचार के दौरान पति आदित्य की मौत हो गई थी। शनिवार रात को याद कर डिंपल अग्रवाल बदहवास हो जाती हैं और रोने लगती हैं।
अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताती हैं कि बदमाश अभद्रता करने लगे तो अपनी इज्जत खतरे में दिखाई दी। बाद में पति की कनपटी पर तमंचा लगा देखा तो लगा कि जैसे अगले ही पलभर में दुनिया उजड़ जाएगी। बड़ी मुश्किल से हाथ-पैर जोड़कर बदमाशों से जान बचाई। लूट के बाद आधा घंटे तक नंगे पैर बिना पैसे और मोबाइल के तीनों बदहवास हाईवे पर इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन नईमंडी कोतवाली पुलिस की ओर से कोई सहायता पीड़ितों की नहीं की गई।