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दो हत्यारों को आजीवन कारावास, पांच साल पहले अब्बन और उसकी पत्नी गुड़िया की हुई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:30 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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अदालत ने कारोबारी मुजम्मिल बेग और उसकी पत्नी गुड़िया की हत्या के मामले में दो हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी हत्यारों पर लगाया है। साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया।
शहर कोतवाली पर खालापार के मक्कीनगर निवासी खालिद बेग पुत्र मुजफ्फर बेग ने सुजडू की जहांगीर पट्टी के अफरोज पुत्र इदरीश, फरियाद पुत्र शरीफ और अनीस के खिलाफ अपहरण और हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई मुजम्मिल बेग उर्फ अब्बन कपड़े का कारोबार करता था। उसके पास अफरोज का आना जाना था। जान पहचान होने पर अफरोज ने चार माह पहले अब्बन से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। जो अब दे नहीं रहा था।
सात नवंबर 2012 को अफरोज ने फोन करके अब्बन को भोपा रोड पर रुपये देने के लिए बुलाया था। अब्बन अपनी पत्नी गुड़िय़ा को भी साथ लेकर गया था। उसी रोज अभियुक्तों ने अब्बन और उसकी पत्नी गुड़िया की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेशचंद सिंह की कोर्ट में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी और प्रशांत बालियान ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए फरियाद और अफरोज को दंपति की हत्या में दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस-दस हजार का जुर्माना, 364 के तहत आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा 201 के तहत सात वर्ष की सजा व पांच-पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि तीसरे आरोपी अनीस को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम में से 20 हजार रुपये मृतक के बच्चों को देने का आदेश दिया है। अफरोज और अनीस जमानत पर बाहर आ गए थे, जबकि फरियाद तभी से जेल में बंद है। मंगलवार को सजा सुनाए जाने के बाद अफरोज को भी जेल भेज दिया गया।
उस्तरे से काट दी थी अब्बन की गर्दन
मुजफ्फरनगर। हत्यारों ने कपड़ा कारोबारी मुजम्मिल बेग उर्फ अब्बन की उस्तरे से गर्दन काट कर हत्या की थी, जबकि उसकी पत्नी गुड़िया को जिंदा ही रेलवे ट्रैक पर लेटा दिया था, जिससे ट्रेन से कटने से उसकी मौत हो गई थी। घटना के रोज सात नवंबर 2012 को ही हत्यारों ने दोनों की हत्या कर दी थी। मक्कीनगर में रहने वाले बब्बन ने जब अफरोज से लगातार अपने 50 हजार रुपयों की मांग की, तो उसने अपने साथियों के साथ उसकी हत्या करने की साजिश रची।
उस रोज उसे फोन करके कहा कि वह कल उसे रुपये दे देगा, वो चाहे तो भोपा रोड पर आ जाए, वहां उसे पत्थर बेचना है, वह बिक गया तो आज ही रुपये दे दूंगा। अब्बन ने यह बात अपनी पत्नी गुड़िय़ा को बताई। गुड़िया भी अब्बन के साथ भोपा रोड पर पहुंच गई। वहां पहले से मौजूद हत्यारे रुपये देने के बहाने दोनों को संधावली रेलवे ओवरब्रिज के पास ले गए।
वहां पर उन्होंने अब्बन की उस्तरे से गर्दन काट कर हत्या कर दी। पति की हत्या होती देख गुड़िया अचेत होकर गिर गई। हत्यारों ने अब्बन के शव को राना पब्लिक स्कूल के पीछे एक ईंख के खेत में छिपा दिया और गुड़िया को जिंदा ही रेलवे ट्रैक पर रख दिया, जिसकी कुछ देर बाद आई ट्रेन से कट कर मौत हो गई। गुड़िया की लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली थी, जिसे पुलिस ने अज्ञात में पंचनामा भर कर मोर्चरी पर भेज दिया था।
सर्विलांस के जरिये पकड़े गए थे हत्यारे
मुजफ्फरनगर। घटना के दिन अब्बन और गुड़िया के घर न आने पर परिजन परेशान हो गए। अब्बन के भाई खालिद बेग ने शहर कोतवाली पर इस संबंध में जानकारी देकर अनहोनी की आशंका जताई। तत्कालीन शहर कोतवाल सत्यपाल सिंह और विवेचक अनिरुद्ध गौतम ने सर्विलांस के जरिये पहले फरियाद को पकड़ा, जिसने दंपति की हत्या करने की बात बताई। इसके बाद अफरोज आदि को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर राना पब्लिक स्कूल के पास गन्ने की खेत से अब्बन की लाश बरामद की। मोर्चरी पर रखे अज्ञात महिला के शव की पहचान परिजनों ने गुड़िया के रूप में की थी।
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शहर कोतवाली पर खालापार के मक्कीनगर निवासी खालिद बेग पुत्र मुजफ्फर बेग ने सुजडू की जहांगीर पट्टी के अफरोज पुत्र इदरीश, फरियाद पुत्र शरीफ और अनीस के खिलाफ अपहरण और हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई मुजम्मिल बेग उर्फ अब्बन कपड़े का कारोबार करता था। उसके पास अफरोज का आना जाना था। जान पहचान होने पर अफरोज ने चार माह पहले अब्बन से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। जो अब दे नहीं रहा था।
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सात नवंबर 2012 को अफरोज ने फोन करके अब्बन को भोपा रोड पर रुपये देने के लिए बुलाया था। अब्बन अपनी पत्नी गुड़िय़ा को भी साथ लेकर गया था। उसी रोज अभियुक्तों ने अब्बन और उसकी पत्नी गुड़िया की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेशचंद सिंह की कोर्ट में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी और प्रशांत बालियान ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए फरियाद और अफरोज को दंपति की हत्या में दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस-दस हजार का जुर्माना, 364 के तहत आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा 201 के तहत सात वर्ष की सजा व पांच-पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि तीसरे आरोपी अनीस को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने जुर्माने की रकम में से 20 हजार रुपये मृतक के बच्चों को देने का आदेश दिया है। अफरोज और अनीस जमानत पर बाहर आ गए थे, जबकि फरियाद तभी से जेल में बंद है। मंगलवार को सजा सुनाए जाने के बाद अफरोज को भी जेल भेज दिया गया।
उस्तरे से काट दी थी अब्बन की गर्दन
मुजफ्फरनगर। हत्यारों ने कपड़ा कारोबारी मुजम्मिल बेग उर्फ अब्बन की उस्तरे से गर्दन काट कर हत्या की थी, जबकि उसकी पत्नी गुड़िया को जिंदा ही रेलवे ट्रैक पर लेटा दिया था, जिससे ट्रेन से कटने से उसकी मौत हो गई थी। घटना के रोज सात नवंबर 2012 को ही हत्यारों ने दोनों की हत्या कर दी थी। मक्कीनगर में रहने वाले बब्बन ने जब अफरोज से लगातार अपने 50 हजार रुपयों की मांग की, तो उसने अपने साथियों के साथ उसकी हत्या करने की साजिश रची।
उस रोज उसे फोन करके कहा कि वह कल उसे रुपये दे देगा, वो चाहे तो भोपा रोड पर आ जाए, वहां उसे पत्थर बेचना है, वह बिक गया तो आज ही रुपये दे दूंगा। अब्बन ने यह बात अपनी पत्नी गुड़िय़ा को बताई। गुड़िया भी अब्बन के साथ भोपा रोड पर पहुंच गई। वहां पहले से मौजूद हत्यारे रुपये देने के बहाने दोनों को संधावली रेलवे ओवरब्रिज के पास ले गए।
वहां पर उन्होंने अब्बन की उस्तरे से गर्दन काट कर हत्या कर दी। पति की हत्या होती देख गुड़िया अचेत होकर गिर गई। हत्यारों ने अब्बन के शव को राना पब्लिक स्कूल के पीछे एक ईंख के खेत में छिपा दिया और गुड़िया को जिंदा ही रेलवे ट्रैक पर रख दिया, जिसकी कुछ देर बाद आई ट्रेन से कट कर मौत हो गई। गुड़िया की लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली थी, जिसे पुलिस ने अज्ञात में पंचनामा भर कर मोर्चरी पर भेज दिया था।
सर्विलांस के जरिये पकड़े गए थे हत्यारे
मुजफ्फरनगर। घटना के दिन अब्बन और गुड़िया के घर न आने पर परिजन परेशान हो गए। अब्बन के भाई खालिद बेग ने शहर कोतवाली पर इस संबंध में जानकारी देकर अनहोनी की आशंका जताई। तत्कालीन शहर कोतवाल सत्यपाल सिंह और विवेचक अनिरुद्ध गौतम ने सर्विलांस के जरिये पहले फरियाद को पकड़ा, जिसने दंपति की हत्या करने की बात बताई। इसके बाद अफरोज आदि को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर राना पब्लिक स्कूल के पास गन्ने की खेत से अब्बन की लाश बरामद की। मोर्चरी पर रखे अज्ञात महिला के शव की पहचान परिजनों ने गुड़िया के रूप में की थी।