उमरपुर हत्याकांड में छह को उम्रकैद की सजा, 12 साल पूर्व की गई थी हत्या
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मृतक के भाई जल सिंह ने 31 अक्तूबर 2005 को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका भाई अशोक कुमार भैंस को पानी पिलाने तालाब ले गया था। तभी गांव के ही बबलू पुत्र रामभूल, विनोद पुत्र बाबू , राजेंद्र पुत्र चमन, हरपाल पुत्र अजब सिंह, संजय पुत्र राजबीर सिंह, कृष्णपाल पुत्र तेज सिंह ने एकराय होकर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जिसमें अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। जल सिंह, हुकम सिंह, हंसराज, रणवीर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार की अदालत गैंगस्टर कोर्ट संख्या 5 में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक चौहान ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए बबलू, विनोद, राजेंद्र, हरपाल, संजय, कृष्णपाल को धारा 147, 148, 149, 307, 302 के तहत दोषी करार देते हुए प्रत्येक को धारा 147 के तहत एक वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 के तहत दो वर्ष का कारावास व तीन हजार रुपये का जुर्माना, धारा 149/307 के तहत 10 वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है। इस प्रकार प्रत्येक अभियुक्त पर 24 हजार रुपये जुर्माना हुआ। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर हुए कुल जुर्माना एक लाख 44 हजार रुपये में से आधा जुर्माना मृतक के उत्तराधिकारी को देने के आदेश दिए हैं। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।