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बच्ची की हत्यारे को आजीवन कारावास
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:01 AM IST
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- फोटो : PTI
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फुगाना के गांव फतेहपुर खेड़ी में छह साल पहले हुई आठ साल की मासूम बच्ची की नृशंस हत्या के मामले में कोर्ट ने हत्यारे युवक को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी धनराशि मृतका के परिजनों को देने के आदेश दिए हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना फुगाना पर गांव फतेहपुर खेड़ी निवासी संजय सैनी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी आठ वर्षीया पुत्री रिया 25 जून 2012 की शाम से लापता थी।
जिसकी लाश 26 जून 2012 को जंगल में एक खेत के पास आम के पेड़ के नीचे से बरामद हुई थी। उसको ग्रामीणों ने गांव के ही प्रदीप पुत्र रतन सिंह सैनी के साथ देखा था। मुकदमे में प्रदीप को आरोपी बनाया गया था। प्रदीप नशा करता था और कुछ समय पूर्व उसने एक अन्य लड़की से छेड़खानी की थी। जिसके लिए गांव में पंचायत की गई थी। उस पंचायत में संजय सैनी ने प्रदीप को थप्पड़ मारा था। जिसका बदला प्रदीप ने संजय की मासूम बेटी रिया की नृशंस हत्या करके लिया था।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या-1 में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने 29 नवंबर को दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रदीप को बालिका का अपहरण कर हत्या का दोषी करार दिया था। सोमवार को कोर्ट ने प्रदीप को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। हत्यारा संजय बीते छह साल से जेल में बंद है। हाई कोर्ट से भी उसे जमानत नहीं मिली थी।
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जिसकी लाश 26 जून 2012 को जंगल में एक खेत के पास आम के पेड़ के नीचे से बरामद हुई थी। उसको ग्रामीणों ने गांव के ही प्रदीप पुत्र रतन सिंह सैनी के साथ देखा था। मुकदमे में प्रदीप को आरोपी बनाया गया था। प्रदीप नशा करता था और कुछ समय पूर्व उसने एक अन्य लड़की से छेड़खानी की थी। जिसके लिए गांव में पंचायत की गई थी। उस पंचायत में संजय सैनी ने प्रदीप को थप्पड़ मारा था। जिसका बदला प्रदीप ने संजय की मासूम बेटी रिया की नृशंस हत्या करके लिया था।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या-1 में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने 29 नवंबर को दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रदीप को बालिका का अपहरण कर हत्या का दोषी करार दिया था। सोमवार को कोर्ट ने प्रदीप को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। हत्यारा संजय बीते छह साल से जेल में बंद है। हाई कोर्ट से भी उसे जमानत नहीं मिली थी।
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