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महिमा की मां लगाई न्यायिक जांच की गुहार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 01 Mar 2017 12:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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महिमा की मां संजू देवी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को प्रार्थना पत्र भेजकर महिमा आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच की गुहार लगाई है। पीड़िता ने कहा है कि मेरे पति अभी भी नामजद आरोपियों के कब्जे में हैं। आरोपी अपने बचाव के लिए उनका इस्तेमाल करना चाहते हैं।
नईमंडी कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 0247/2017 में वादी संजू देवी पत्नी देव प्रकाश विश्वकर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबा साहेब भोसले को 28 फरवरी को प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी बेटी महिमा सुसाइड केस की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पांच बिंदुओं पर मृतका की मां ने न्याय की गुहार लगाई है। लखनऊ में सात फरवरी को ब्लू रिवोल्यूशन कंपनी में कार्यरत उसके पति से साढ़े चार लाख रुपये जहरखुरानी गिरोह ने लूट लिए थे।
कंपनी के पार्टनर ने पति की गुमशुदगी की तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। पति देवप्रकाश और पुत्र अक्षय को आरोपियों ने बंधक बनाकर क्राइम ब्रांच से प्रताड़ित कराया। एसएसपी मुजफ्फरनगर ने बेटी की आत्महत्या से पहले आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज नहीं किया। मां-बेटी 14 फरवरी को कप्तान के आवास स्थित कैंप कार्यालय पर प्रार्थना पत्र देकर आई थीं। पीड़िता का कहना है कि उसके पति देव प्रकाश अभी भी आरोपियों के कब्जे में हैं।
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अपने बचाव के लिए नामजद आरोपी उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। उत्पीडऩ से भयभीत उसके पति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। पुलिस प्रशासन का रवैया पूरे मामले में तल्ख और भयभीत करने वाला है। क्राइम ब्रांच के विवेचक आरोपियों के सजातीय हैं, उन्हें तत्काल जांच से हटाया जाए। आरोपी उनके परिवार और रिश्तेदारों पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता संजू देवी ने मुकदमे की पत्रावलियों के साथ चीफ जस्टिस को अपना प्रार्थना पत्र भेजा है। जिसमें परिवार की सुरक्षा और महिमा आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच की गुहार लगाई है।
कोर्ट में बयान नहीं करा रही पुलिस
मुजफ्फरनगर। मृतका की मां संजू देवी ने अपने ससुर राम स्वरूप और बेटे अक्षय के साथ एसपी क्राइम आदित्य वर्मा से मिलकर विवेचक के रवैये पर सवाल उठाए। पीड़िता ने कहा कि पुलिस 17 फरवरी से अब तक चार बार उनके बयान ले चुकी है। पीड़ित परिवार को बात-बात पर डराया-धमकाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच न्यायालय में उनके बयान क्यों नहीं करा रही है।
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नईमंडी कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 0247/2017 में वादी संजू देवी पत्नी देव प्रकाश विश्वकर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबा साहेब भोसले को 28 फरवरी को प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी बेटी महिमा सुसाइड केस की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पांच बिंदुओं पर मृतका की मां ने न्याय की गुहार लगाई है। लखनऊ में सात फरवरी को ब्लू रिवोल्यूशन कंपनी में कार्यरत उसके पति से साढ़े चार लाख रुपये जहरखुरानी गिरोह ने लूट लिए थे।
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कंपनी के पार्टनर ने पति की गुमशुदगी की तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। पति देवप्रकाश और पुत्र अक्षय को आरोपियों ने बंधक बनाकर क्राइम ब्रांच से प्रताड़ित कराया। एसएसपी मुजफ्फरनगर ने बेटी की आत्महत्या से पहले आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज नहीं किया। मां-बेटी 14 फरवरी को कप्तान के आवास स्थित कैंप कार्यालय पर प्रार्थना पत्र देकर आई थीं। पीड़िता का कहना है कि उसके पति देव प्रकाश अभी भी आरोपियों के कब्जे में हैं।
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अपने बचाव के लिए नामजद आरोपी उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। उत्पीडऩ से भयभीत उसके पति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। पुलिस प्रशासन का रवैया पूरे मामले में तल्ख और भयभीत करने वाला है। क्राइम ब्रांच के विवेचक आरोपियों के सजातीय हैं, उन्हें तत्काल जांच से हटाया जाए। आरोपी उनके परिवार और रिश्तेदारों पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता संजू देवी ने मुकदमे की पत्रावलियों के साथ चीफ जस्टिस को अपना प्रार्थना पत्र भेजा है। जिसमें परिवार की सुरक्षा और महिमा आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच की गुहार लगाई है।
कोर्ट में बयान नहीं करा रही पुलिस
मुजफ्फरनगर। मृतका की मां संजू देवी ने अपने ससुर राम स्वरूप और बेटे अक्षय के साथ एसपी क्राइम आदित्य वर्मा से मिलकर विवेचक के रवैये पर सवाल उठाए। पीड़िता ने कहा कि पुलिस 17 फरवरी से अब तक चार बार उनके बयान ले चुकी है। पीड़ित परिवार को बात-बात पर डराया-धमकाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच न्यायालय में उनके बयान क्यों नहीं करा रही है।