फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   A retired postman took his own life, driven to despair by the cost of litigation.

Etawah News: मुकदमे के खर्च से आजिज आकर सेवानिवृत्त डाकिया ने जान दी

Fri, 04 Sep 2026 10:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
A retired postman took his own life, driven to despair by the cost of litigation.
ताखा। ऊसराहार के कदमपुर गांव में मुकदमे के खर्च से परेशान सेवानिवृत्त डाकिया ने गुरुवार दोपहर खेत में सल्फास खाकर जान दे दी। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में चल रहे मुकदमे की गुरुवार को तारीख थी, लेकिन वह गए नहीं थे।
विज्ञापन

कदमपुर निवासी मोहम्मद रफी (63) कन्नौज जिले में डाकिया के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बेटे सलमान ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली युवती ने 26 अप्रैल 2025 को जहर खा लिया था। युवती के परिजन ने रफी के छोटे बेटे इमरान पर मैसेज भेजकर परेशान करने और कॉलेज जाते समय रास्ते में रोकने का आरोप लगाया था। परिवार के अन्य सदस्यों पर धमकी देने के आरोप लगाए थे। उपचार के दौरान तीन मई को युवती की मौत हो गई थी।
विज्ञापन

युवती के परिजन की तहरीर पर पुलिस ने रफी और उनके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ छेड़खानी, आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने रफी, उनकी पत्नी केसर बानो और तीन बेटों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब छह माह बाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर सभी बाहर आए थे। इसके बाद परिवार मुकदमे की पैरवी में लगा रहा। तारीखों और वकील की फीस में काफी खर्च होने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी, खेतीबाड़ी भी प्रभावित हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब नौ महीने पहले पत्नी केसर बानो की बीमारी के चलते मौत के बाद रफी काफी परेशान रहने लगे थे। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तारीख पर जाने से मना करने के बाद रफी खेत चले गए और वहां सल्फास खा लिया। प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि जहर खाने से मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है।
रफी के बेटे सलमान का आरोप है कि उसने या उसके परिवार ने युवती को परेशान नहीं किया था। अराजक तत्वों के दबाव में एफआईआइ दर्ज हुई और उसके परिवार को जेल जाना पड़ा, जिससे खेती और आर्थिक स्थिति दोनों प्रभावित हुईं। मां के इलाज में भी काफी पैसा खर्च हुआ। पत्नी की मौत के बाद पिता मुकदमे और पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर लगातार परेशान रहने लगे थे।

युवती की मौत के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया था। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने भी सतर्कता बरती थी। मामला दर्ज होने के बाद रफी और उनके छोटे बेटे इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले की कार्रवाई को लेकर तत्कालीन थाना प्रभारी मंसूर अहमद को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों को भी विवेचना के दौरान गिरफ्तार किया गया था। करीब छह माह जेल में रहने के बाद परिवार के सभी लोग जमानत पर बाहर आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed