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वेस्ट यूपी के युवकों को लश्कर में भर्ती कराना चाहता था संदीप
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:59 PM IST
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संदीप की बुआ का बेटा अश्वनी।
- फोटो : अमर उजाला
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लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संदीप शर्मा की गिरफ्तारी के बाद तहकीकात में कई राज खुले हैं। लश्कर में शामिल होने के बाद संदीप के इरादे खौफनाक हो गए थे। उसने आसपास के जिलों के कुछ नौजवानों को लश्कर से जोड़ने की तैयारी की थी। उसने अपने फुफेरे भाई अश्वनी को फोन कर कुछ युवकों को कश्मीर भेजने के लिए कहा था। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि युवकों को काम क्या करना है। संदीप अश्वनी के साथ ही काम करने के लिए कश्मीर गया था, उन्हें ले जाने वाले दिल्ली के ठेकेदार की तलाश भी की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए आतंकी संदीप शर्मा की जड़ों को खंगालने में कई जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। संदीप के भाई प्रवीण शर्मा ने पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दी है। उसने पुलिस को बताया कि संदीप को उनका फुफेरा भाई मोरना निवासी अश्वनी उर्फ सोनू कश्मीर लेकर गया था। पुलिस और एटीएस ने अश्वनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में अश्वनी ने कई अहम राज खोले। अश्वनी संदीप के काफी नजदीक रहा।
अश्वनी पहले मुंबई में वेल्डर था। पढ़ाई में मन नहीं लगने पर संदीप अश्वनी के पास मुंबई चला गया। करीब तीन माह उसने मुंबई के चिरागनगर के निर्माणाधीन ज्यूपिटर हॉस्पिटल में वेल्डिंग का काम सीखा। बाद में दोनों की मुलाकात दिल्ली के खजूरी खास इलाके के ठेकेदार वकील अहमद से हुई। वकील अहमद का कश्मीर के बारामूला जिले में पावरग्रिड पर काम चल रहा था। संदीप, अश्वनी, आसिफ, रोहताश के साथ ही मेरठ के सरधना के महादो गांव का सोनू भी इनके साथ काम करने बारामूला गया था।
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अश्वनी चूंकि शादीशुदा था, वह अपनी बीवी को भी साथ ले गया था। अश्वनी ने अलग कमरा लिया, जबकि बाकी एक ही कमरे में रहे। लगभग 20 दिन बाद अश्वनी की मां को हादसे में चोट लग गई, वह बीच में ही वापस मोरना लौट आया। काम पूरा होने पर कुछ महीनों बाद बाकी युवक भी अपने घर लौट आए, लेकिन संदीप नहीं लौटा। अश्वनी ने यह स्वीकार किया है कि संदीप का उसके पास हाल-चाल जानने के लिए माह में एक बार फोन आ जाता था।
अंतिम बार बातचीत में संदीप ने अश्वनी से मुजफ्फरनगर या उसके आसपास के जिलों से कुछ युवकों का इंतजाम करने के लिए कहा था। हालांकि संदीप ने युवकों को वेल्डिंग का ही काम दिलाने का हवाला दिया था। अश्वनी ने उससे कहा कि वह पेमेंट एडवांस भिजवाए, तो कुछ युवक कश्मीर काम के लिए जा सकते हैं। संदीप ने एडवांस रकम नहीं भेजवाई।
सुरक्षा एजेंसियां यह मान रही हैं कि संदीप जिन लड़कों को कश्मीर बुला रहा था, उन्हें वह लश्कर में भर्ती कराता। संदीप इतना शातिर दिमाग था कि वह अश्वनी से अक्सर बातचीत करता था, लेकिन कभी खुद के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की भनक नहीं लगने दी। फोन पर बातचीत के बाद वह हर बार नंबर चेंज कर दिया करता था। अश्वनी फिलहाल मेरठ में टैक्सी ड्राइवर है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने फिलहाल उसे छोड़ दिया है।
अश्वनी का साथी मोरना निवासी आसिफ पुलिस को देखकर भाग गया था, बाद में उसे पकड़ा गया। पुलिस आसिफ को लेकर दिल्ली गई है। दिल्ली के खजूरी खास इलाके में रहने वाले ठेकेदार वकील अहमद से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानकारी करने में जुटी है कि बारामूला में काम करने के दौरान ऐसा कौन शख्स संदीप के संपर्क में आया, जिसके जरिए वह लश्कर तक पहुंचा।
अपनी साली से शादी करा देना
मुजफ्फरनगर। अश्वनी शर्मा ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि संदीप शर्मा शराब का शौकीन था। वह शराब पीने के बाद अक्सर उसे फोन कर बात किया करता था। एक बार अश्वनी ने उससे कहा कि शादी कब कर रहा है, इस पर संदीप ने कहा कि अपनी साली से मेरी शादी करा दे। अश्वनी ने यह कहकर टाल दिया कि पहले घर आए, उसके बाद शादी की बात करेंगे। अश्वनी ने उससे यह भी कहा कि वह अपनी मां प्रेमवती से बात कर ले। इस पर संदीप ने कहा कि मां पैसे मांगेंगी, इसलिए बात नहीं करता।
रामदेव की फैक्ट्री में नौकरी करूंगा
मुजफ्फरनगर। अश्वनी ने यह भी बताया है कि एक दिन फोन पर संदीप ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उसका कश्मीर में मन नहीं लग रहा है, वह वापस आना चाहता है। उसने अश्वनी से हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव की फैक्ट्री में काम करने की इच्छा जताई थी। अश्वनी ने कहा कि इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी, यह तो वही बता सकता है। अश्वनी ने यह भी बताया कि संदीप ज्यादातर उसे मिस्ड कॉल किया करता था, बाद में वह इधर से फोन मिलाता था। इससे उसे लगा कि उसकी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी।
संदीप का किया भुगत रहे परिजन
मुजफ्फरनगर। बेटे की करतूत अब मां और अन्य परिजनों को झेलनी पड़ रही है। संदीप के रिश्तेदार अश्वनी ने बताया कि गरीबी के चलते संदीप की मां प्रेमवती पिछले छह माह से कमरे का किराया नहीं दे पाई है। संदीप के आतंकी होने की जानकारी मिलने के बाद से उन्हें कमरा खाली करने के लिए कह दिया गया है। बेटे ने मां को ऐसा गम दिया है कि वह उसे जिंदगी भर नहीं भूल पाएगी। परिवार ही नहीं रिश्तेदार भी संदीप को कोस रहे हैं।
आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क
जम्मू-कश्मीर में आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल के पकड़े जाने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इंटेलिजेंस ने पूरे जिले में अपना जाल बिछा दिया है। ऐसे युवकों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है, जो बीते कई साल से काम की तलाश में अन्य प्रांतों में गए हुए हैं और परिजनों के संपर्क में नहीं हैं। एसएसपी ने इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को ऐसे युवकों को सूचीबद्ध कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
नईमंडी कोतवाली के मुस्तफाबाद का मूल निवासी संदीप शर्मा बीते चार साल से कश्मीर में आदिल नाम से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। न्यू अंकित विहार में उसके परिजन रहते हैं। संदीप के पकड़े जाने से स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां ने उसी दिन संदीप शर्मा की मां प्रेमवती, भाभी रेखा और भाई प्रवीण शर्मा को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पता चला कि वेल्डिंग के काम के लिए गए संदीप शर्मा ने बीते डेढ़ साल से परिजनों से कोई संपर्क नहीं किया था।
संदीप के पकड़े जाने के बाद पुलिस और खुफिया विभाग ने पूरे जिले में अपना जाल बिछा कर ऐसे युवकों और लोगों की तलाश प्रारंभकर दी है, जो बीते कई सालों से काम की तलाश में दूसरे राज्यों में गए है। साथ ही ऐसे युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जिनका काफी दिनों से अपने परिजनों से कोई संपर्क नहीं है। शहर के अलावा चरथावल, जानसठ, मीरापुर, खतौली, बुढ़ाना, शाहपुर क्षेत्र में खुफिया विभाग के टीम ने अपना जाल बिछा दिया है। गोपनीय ढंग से ऐसे युवकों और लोगों की जांच प्रारंभ कर दी है, जो पिछले कई वर्षों से काम की तलाश में दूसरे राज्यों में अपने घरों से गए हुए हैं।
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जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए आतंकी संदीप शर्मा की जड़ों को खंगालने में कई जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। संदीप के भाई प्रवीण शर्मा ने पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दी है। उसने पुलिस को बताया कि संदीप को उनका फुफेरा भाई मोरना निवासी अश्वनी उर्फ सोनू कश्मीर लेकर गया था। पुलिस और एटीएस ने अश्वनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में अश्वनी ने कई अहम राज खोले। अश्वनी संदीप के काफी नजदीक रहा।
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अश्वनी पहले मुंबई में वेल्डर था। पढ़ाई में मन नहीं लगने पर संदीप अश्वनी के पास मुंबई चला गया। करीब तीन माह उसने मुंबई के चिरागनगर के निर्माणाधीन ज्यूपिटर हॉस्पिटल में वेल्डिंग का काम सीखा। बाद में दोनों की मुलाकात दिल्ली के खजूरी खास इलाके के ठेकेदार वकील अहमद से हुई। वकील अहमद का कश्मीर के बारामूला जिले में पावरग्रिड पर काम चल रहा था। संदीप, अश्वनी, आसिफ, रोहताश के साथ ही मेरठ के सरधना के महादो गांव का सोनू भी इनके साथ काम करने बारामूला गया था।
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अश्वनी चूंकि शादीशुदा था, वह अपनी बीवी को भी साथ ले गया था। अश्वनी ने अलग कमरा लिया, जबकि बाकी एक ही कमरे में रहे। लगभग 20 दिन बाद अश्वनी की मां को हादसे में चोट लग गई, वह बीच में ही वापस मोरना लौट आया। काम पूरा होने पर कुछ महीनों बाद बाकी युवक भी अपने घर लौट आए, लेकिन संदीप नहीं लौटा। अश्वनी ने यह स्वीकार किया है कि संदीप का उसके पास हाल-चाल जानने के लिए माह में एक बार फोन आ जाता था।
अंतिम बार बातचीत में संदीप ने अश्वनी से मुजफ्फरनगर या उसके आसपास के जिलों से कुछ युवकों का इंतजाम करने के लिए कहा था। हालांकि संदीप ने युवकों को वेल्डिंग का ही काम दिलाने का हवाला दिया था। अश्वनी ने उससे कहा कि वह पेमेंट एडवांस भिजवाए, तो कुछ युवक कश्मीर काम के लिए जा सकते हैं। संदीप ने एडवांस रकम नहीं भेजवाई।
सुरक्षा एजेंसियां यह मान रही हैं कि संदीप जिन लड़कों को कश्मीर बुला रहा था, उन्हें वह लश्कर में भर्ती कराता। संदीप इतना शातिर दिमाग था कि वह अश्वनी से अक्सर बातचीत करता था, लेकिन कभी खुद के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की भनक नहीं लगने दी। फोन पर बातचीत के बाद वह हर बार नंबर चेंज कर दिया करता था। अश्वनी फिलहाल मेरठ में टैक्सी ड्राइवर है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने फिलहाल उसे छोड़ दिया है।
अश्वनी का साथी मोरना निवासी आसिफ पुलिस को देखकर भाग गया था, बाद में उसे पकड़ा गया। पुलिस आसिफ को लेकर दिल्ली गई है। दिल्ली के खजूरी खास इलाके में रहने वाले ठेकेदार वकील अहमद से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानकारी करने में जुटी है कि बारामूला में काम करने के दौरान ऐसा कौन शख्स संदीप के संपर्क में आया, जिसके जरिए वह लश्कर तक पहुंचा।
अपनी साली से शादी करा देना
मुजफ्फरनगर। अश्वनी शर्मा ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि संदीप शर्मा शराब का शौकीन था। वह शराब पीने के बाद अक्सर उसे फोन कर बात किया करता था। एक बार अश्वनी ने उससे कहा कि शादी कब कर रहा है, इस पर संदीप ने कहा कि अपनी साली से मेरी शादी करा दे। अश्वनी ने यह कहकर टाल दिया कि पहले घर आए, उसके बाद शादी की बात करेंगे। अश्वनी ने उससे यह भी कहा कि वह अपनी मां प्रेमवती से बात कर ले। इस पर संदीप ने कहा कि मां पैसे मांगेंगी, इसलिए बात नहीं करता।
रामदेव की फैक्ट्री में नौकरी करूंगा
मुजफ्फरनगर। अश्वनी ने यह भी बताया है कि एक दिन फोन पर संदीप ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उसका कश्मीर में मन नहीं लग रहा है, वह वापस आना चाहता है। उसने अश्वनी से हरिद्वार में योग गुरु बाबा रामदेव की फैक्ट्री में काम करने की इच्छा जताई थी। अश्वनी ने कहा कि इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी, यह तो वही बता सकता है। अश्वनी ने यह भी बताया कि संदीप ज्यादातर उसे मिस्ड कॉल किया करता था, बाद में वह इधर से फोन मिलाता था। इससे उसे लगा कि उसकी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी।
संदीप का किया भुगत रहे परिजन
मुजफ्फरनगर। बेटे की करतूत अब मां और अन्य परिजनों को झेलनी पड़ रही है। संदीप के रिश्तेदार अश्वनी ने बताया कि गरीबी के चलते संदीप की मां प्रेमवती पिछले छह माह से कमरे का किराया नहीं दे पाई है। संदीप के आतंकी होने की जानकारी मिलने के बाद से उन्हें कमरा खाली करने के लिए कह दिया गया है। बेटे ने मां को ऐसा गम दिया है कि वह उसे जिंदगी भर नहीं भूल पाएगी। परिवार ही नहीं रिश्तेदार भी संदीप को कोस रहे हैं।
आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क
जम्मू-कश्मीर में आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल के पकड़े जाने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इंटेलिजेंस ने पूरे जिले में अपना जाल बिछा दिया है। ऐसे युवकों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है, जो बीते कई साल से काम की तलाश में अन्य प्रांतों में गए हुए हैं और परिजनों के संपर्क में नहीं हैं। एसएसपी ने इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को ऐसे युवकों को सूचीबद्ध कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
नईमंडी कोतवाली के मुस्तफाबाद का मूल निवासी संदीप शर्मा बीते चार साल से कश्मीर में आदिल नाम से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। न्यू अंकित विहार में उसके परिजन रहते हैं। संदीप के पकड़े जाने से स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां ने उसी दिन संदीप शर्मा की मां प्रेमवती, भाभी रेखा और भाई प्रवीण शर्मा को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पता चला कि वेल्डिंग के काम के लिए गए संदीप शर्मा ने बीते डेढ़ साल से परिजनों से कोई संपर्क नहीं किया था।
संदीप के पकड़े जाने के बाद पुलिस और खुफिया विभाग ने पूरे जिले में अपना जाल बिछा कर ऐसे युवकों और लोगों की तलाश प्रारंभकर दी है, जो बीते कई सालों से काम की तलाश में दूसरे राज्यों में गए है। साथ ही ऐसे युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जिनका काफी दिनों से अपने परिजनों से कोई संपर्क नहीं है। शहर के अलावा चरथावल, जानसठ, मीरापुर, खतौली, बुढ़ाना, शाहपुर क्षेत्र में खुफिया विभाग के टीम ने अपना जाल बिछा दिया है। गोपनीय ढंग से ऐसे युवकों और लोगों की जांच प्रारंभ कर दी है, जो पिछले कई वर्षों से काम की तलाश में दूसरे राज्यों में अपने घरों से गए हुए हैं।