इमाम निकला अवैध हथियारों का सौदागर
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कसबे के मोहल्ला जन्नताबाद में ताहिर हसन पुत्र सिराजुद्दीन रहता था। ताहिर हसन मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर का मूल निवासी है। पुलिस के मुताबिक आठ वर्ष पूर्व ताहिर हसन ने जानसठ में अय्यूब का मकान खरीदा और परिवार के साथ रहने लगा था। ताहिर हसन मोहल्ला जन्नताबाद की ईदगाह की मस्जिद में इमाम बनकर नमाज पढ़ाता था। सोमवार को गाजियाबाद की एसटीएफ टीम मोहल्ला जन्नाताबाद पहुंची। एसटीएफ ने ताहिर हसन के मकान की तलाशी ली। परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि ताहिर हसन मस्जिद में नमाज पढ़ाने गया है। टीम ने मस्जिद को चारों ओर से घेर लिया। नमाज पढ़ाकर जैसे ही ताहिर हसन बाहर निकला एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। टीम ताहिर हसन को अपने साथ ले गई।
गाजियाबाद पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया कि ताहिर हसन अवैध हथियारों की तस्करी करता था। आरोपी के कब्जे से एक दर्जन पिस्टल और मैग्जीन बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक ताहिर हसन एनसीआर क्षेत्र में हथियारों की तस्करी करता था। इमाम के अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल होने की जानकारी मिलने पर लोग हैरान रह गए। ताहिर हसन के कुछ और तस्करों से तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को ताहिर के कारनामों की भनक तक नहीं लगी।
पुलिस से बचने को ताहिर बना इमाम
जानसठ। मोहल्ला जन्नताबाद में रहने वाला ताहिर हसन शातिर अपराधी है। उसको पता था कि बिना काम-धंधे के अवैध हथियारों की तस्करी करने से वह पुलिस की नजर में आ सकता है, इसलिए उसने पुलिस की नजरों से खुद को बचाने के लिए मस्जिद का इमाम बनने का रास्ता चुना। गाजियाबाद की एसटीएफ टीम द्वारा पकड़े जाने पर लोगों के सामने इमाम बने ताहिर हसन की असलियत सामने आ गई।
कहां से आते और कहां सप्लाई होते थे हथियार
जानसठ। मस्जिद के इमाम ताहिर हसन के पास कहां से अवैध हथियार आते थे और किन शातिर लोगों से उसके तार जुड़े हुए हैं। इतना ही नहीं एनसीआर के अलावा किन-किन जनपदों में ताहिर अब तक अवैध हथियार सप्लाई कर चुका है। सीओ एसकेएस प्रताप के मुताबिक इन सब बिंदुओं पर भी पुलिस टीम जांच में जुट गई है।