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महिमा की मां बोली, बेटी की हड्डियां नहीं बेचूंगी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:32 PM IST
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विधायक द्वारा दी गई मदद लौटाने जाती महिमा की मां।
- फोटो : अमर उजाला
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महिमा की मां संजू देवी ने शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल की दी गई 25 हजार रुपयों की मदद को लौटा दिया है। पीड़िता ने कहा कि मैं अपनी बिटिया की हड्डियां नहीं बेचूंगी। मुझे बेगुनाह बेटी के लिए इंसाफ चाहिए, चाहे संघर्ष कुछ भी करना पड़े।
अंकित विहार निवासी देव प्रकाश विश्वकर्मा की पत्नी संजू देवी ने मंगलवार को भाजपा विधायक कपिलदेव को चिट्ठी के साथ उनके द्वारा दी गई 25 हजार की आर्थिक मदद लेने से इंकार कर दिया है। महिमा की मां के मुताबिक रविवार रात विधायक कपिलदेव और उद्यमी सतीश गोयल उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने एक बंद लिफाफा घर में छोड़ दिया। मैंने 19 साल तक बेटी को पाला और शिक्षित किया। मां के लिए औलाद की ममता से ज्यादा बड़ा कोई धन नहीं है।
महिमा की हड्डियां मैं नहीं बेचूंगी। मदद राशि देने के बजाए मेरी न्याय की लड़ाई में मदद करें। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार गुहार के बाद भी पुलिस प्रशासन ने क्यों हाथ बांधे रखे। दबंगई के आगे चुप्पी क्यों साधी गई। उन्हें गरीबी से जूझने की पीड़ा नहीं, जितना बेटी की मौत का गम है। उन्होंने विधायक से आग्रह किया कि बहू-बेटियों का उत्पीड़न न हो। बेटी के जीवन की आहुति की कोई कीमत नहीं चाहिए। महिमा के भाई अक्षय ने नकद धनराशि और मां का पत्र गांधी नगर स्थित विधायक आवास पर जाकर दे दिया।
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अंकित विहार निवासी देव प्रकाश विश्वकर्मा की पत्नी संजू देवी ने मंगलवार को भाजपा विधायक कपिलदेव को चिट्ठी के साथ उनके द्वारा दी गई 25 हजार की आर्थिक मदद लेने से इंकार कर दिया है। महिमा की मां के मुताबिक रविवार रात विधायक कपिलदेव और उद्यमी सतीश गोयल उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने एक बंद लिफाफा घर में छोड़ दिया। मैंने 19 साल तक बेटी को पाला और शिक्षित किया। मां के लिए औलाद की ममता से ज्यादा बड़ा कोई धन नहीं है।
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महिमा की हड्डियां मैं नहीं बेचूंगी। मदद राशि देने के बजाए मेरी न्याय की लड़ाई में मदद करें। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार गुहार के बाद भी पुलिस प्रशासन ने क्यों हाथ बांधे रखे। दबंगई के आगे चुप्पी क्यों साधी गई। उन्हें गरीबी से जूझने की पीड़ा नहीं, जितना बेटी की मौत का गम है। उन्होंने विधायक से आग्रह किया कि बहू-बेटियों का उत्पीड़न न हो। बेटी के जीवन की आहुति की कोई कीमत नहीं चाहिए। महिमा के भाई अक्षय ने नकद धनराशि और मां का पत्र गांधी नगर स्थित विधायक आवास पर जाकर दे दिया।
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