बेटियों को स्कूल भेजने के लिए राजी नहीं
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विद्यालय में 25 मार्च को बर्खास्त वार्डन डॉ. सुरेखा तोमर ने जांच करने के लिए छात्राओं के कपड़े उतरवाए थे। छात्राओं ने इस बात को अपने अभिभावकों को बता दिया था। 30 मार्च को अभिभावकों ने विद्यालय में पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया था। शिकायत करने पर डीएम दिनेश कुमार ने वार्डन की संविदा सेवा समाप्त करने के निर्देश बीएसए को दिए थे। बीएसए चंद्रकेश यादव ने वार्डन को बर्खास्त कर शिक्षिका नीता चौधरी को वार्डन पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। डीएम ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए एसडीएम सदर रेनु सिंह को आदेश जारी किए थे। एसडीएम सदर ने मजिस्ट्रीयल जांच पूरी कर ली है। तहसील में पहुंचे डीएम ने जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी को छात्राओं के लौटने की जांच करने विद्यालय भेजा। जिला सूचना अधिकारी ने जांच कर डीएम को बताया कि 29 छात्राएं लौट गई हैं। विद्यालय स्टाफ के मुताबिक अभिभावकों से बातचीत चल रही है। एक दो दिन में सभी छात्राएं वापस विद्यालय लौट आएंगी।