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बेटियों को स्कूल भेजने के लिए राजी नहीं  

Fri, 07 Apr 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 07 Apr 2017 12:44 AM IST
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Do not agree to send girls to school
file photo - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के खतौली के गांव तिगाई के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं के उत्पीड़न के कारण अभिभावक अपने बेटियों को पढ़ाने के लिए अभी भी राजी नहीं हैं। अभिभावकों की नाराजगी के चलते विद्यालय में 75 छात्राओं में से अब तक मात्र 29 छात्राएं ही लौट सकी हैं। डीएम ने बृहस्पतिवार को जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी को जांच करने के लिए विद्यालय भेजा। जिला सूचना अधिकारी ने जांच करने के बाद डीएम को 29 छात्राओं के विद्यालय में लौटने की जानकारी दी। डीएम ने इस मामले की एसडीएम सदर रेनु सिंह से मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई है।      
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विद्यालय में 25 मार्च को बर्खास्त वार्डन डॉ. सुरेखा तोमर ने जांच करने के लिए छात्राओं के कपड़े उतरवाए थे। छात्राओं ने इस बात को अपने अभिभावकों को बता दिया था। 30 मार्च को अभिभावकों ने विद्यालय में पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया था। शिकायत करने पर डीएम दिनेश कुमार ने वार्डन की संविदा सेवा समाप्त करने के निर्देश बीएसए को दिए थे। बीएसए चंद्रकेश यादव ने वार्डन को बर्खास्त कर शिक्षिका नीता चौधरी को वार्डन पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। डीएम ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए एसडीएम सदर रेनु सिंह को आदेश जारी किए थे। एसडीएम सदर ने मजिस्ट्रीयल जांच पूरी कर ली है। तहसील में पहुंचे डीएम ने जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी को छात्राओं के लौटने की जांच करने विद्यालय भेजा। जिला सूचना अधिकारी ने जांच कर डीएम को  बताया कि 29 छात्राएं लौट गई हैं। विद्यालय स्टाफ के मुताबिक अभिभावकों से बातचीत चल रही है। एक दो दिन में सभी छात्राएं वापस विद्यालय लौट आएंगी।      

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