{"_id":"588650844f1c1ba333cf449f","slug":"bank-employee","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक कर्मियों पर रुपये हड़पने का आरोप ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बैंक कर्मियों पर रुपये हड़पने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 24 Jan 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
rupees
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानसठ के गांव टंढेडा निवासी किसान ने ककरौली गांव स्थित एसबीआई बैंक के प्रबंधक तथा फील्ड अफसर पर किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर 13 लाख 25 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने शिकायत पत्र डीएम तथा बैंक के उच्चाधिकारियों को भेजा है।
गांव टंढेडा निवासी मोहम्मद रफी पुत्र इश्त्याक ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसने अपनी माता रहीसा के साथ संयुक्त रूप से वर्ष 2015 में गांव ककरौली स्थित एसबीआई शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। बैंक कर्मचारियों ने उनके हस्ताक्षर व अंगूठा आदि भी ले लिए थे। इसके बाद पीड़ित ने बैंक के कई चक्कर लगाए, लेकिन बैंक के प्रबंधक व फील्ड अफसर ने उनको कोई पैसा नहीं दिया।
पीड़ित मोहम्मद रफी ने बताया कि नोटबंदी के चलते उसने खाते में एक लाख रुपया जमा किया था, कुछ दिन बाद जब वह बैंक में पैसा निकालने के लिए पहुंचा तो बैंक कर्मचारियों ने बताया कि लेन-देन संबंधी उसके खाते पर रोक लगी है। बैंक प्रबंधक के पास जाने पर उसने बताया कि आप पर केसीसी के 13.25 लाख रूपये बकाया हैं, जो जमा न करने के कारण आपका खाते से लेन-देन संबंधी रोक लगी है।
विज्ञापन
यह सुनकर पीड़ित के होश उड़ गए और उसने पासबुक पर एंट्री कराकर देखा तो उसके खाते से पांच नवंबर 2015 को सात लाख 25 हजार रुपये, तथा इसके बाद छह लाख रुपये निकाले गए हैं। किसान ने मामले की शिकायत वर्तमान प्रबंधक चन्द्रमोहन शर्मा से की, लेकिन उन्होंने यह बात कहते हुए टाल दिया कि यह मामला तत्कालीन प्रबंधक व फील्ड ऑफिसर का है। बैंक के अधिकारियों को सूचना देकर जांच कराई जाएगी। जबकि पीड़ित ने मामले की शिकायत डीएम व बैंक के उच्चाधिकारियों से की है।
विज्ञापन
गांव टंढेडा निवासी मोहम्मद रफी पुत्र इश्त्याक ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसने अपनी माता रहीसा के साथ संयुक्त रूप से वर्ष 2015 में गांव ककरौली स्थित एसबीआई शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। बैंक कर्मचारियों ने उनके हस्ताक्षर व अंगूठा आदि भी ले लिए थे। इसके बाद पीड़ित ने बैंक के कई चक्कर लगाए, लेकिन बैंक के प्रबंधक व फील्ड अफसर ने उनको कोई पैसा नहीं दिया।
विज्ञापन
पीड़ित मोहम्मद रफी ने बताया कि नोटबंदी के चलते उसने खाते में एक लाख रुपया जमा किया था, कुछ दिन बाद जब वह बैंक में पैसा निकालने के लिए पहुंचा तो बैंक कर्मचारियों ने बताया कि लेन-देन संबंधी उसके खाते पर रोक लगी है। बैंक प्रबंधक के पास जाने पर उसने बताया कि आप पर केसीसी के 13.25 लाख रूपये बकाया हैं, जो जमा न करने के कारण आपका खाते से लेन-देन संबंधी रोक लगी है।
विज्ञापन
यह सुनकर पीड़ित के होश उड़ गए और उसने पासबुक पर एंट्री कराकर देखा तो उसके खाते से पांच नवंबर 2015 को सात लाख 25 हजार रुपये, तथा इसके बाद छह लाख रुपये निकाले गए हैं। किसान ने मामले की शिकायत वर्तमान प्रबंधक चन्द्रमोहन शर्मा से की, लेकिन उन्होंने यह बात कहते हुए टाल दिया कि यह मामला तत्कालीन प्रबंधक व फील्ड ऑफिसर का है। बैंक के अधिकारियों को सूचना देकर जांच कराई जाएगी। जबकि पीड़ित ने मामले की शिकायत डीएम व बैंक के उच्चाधिकारियों से की है।