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खादर में धधक रही अवैध शराब की भट्टियां

Mon, 22 Apr 2019 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:30 AM IST
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खादर में धधक रही अवैध शराब की भट्टियां
खादर में धधक रही कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां
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पुरकाजी। आबकारी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में कच्ची शराब बनाने का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। खादर क्षेत्र में कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां लगातार धधक रही हैं। कई ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में पुलिस की मिलीभगत से अवैध शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है।
हर साल कच्ची शराब पीने से कई लोगों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ता है। पुरकाजी कस्बे सहित देहात के गांव हरिनगर, झबरपुर, बढ़िवाला, नूरनगर, कल्लनपुर, खेड़की, माडला, खाईखेड़ी, तुग़लकपुर, कमहेड़ा आदि में अवैध शराब का धंधा पिछले करीब 20 वर्षों से चरम सीमा पर है। मौजूदा समय में यह धंधा एक उद्योग का रूप ले चुका है। हाल यह है कि इस धंधे में पुरुषों के अलावा महिलाएं व युवा भी लिप्त होकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। खादर के कई गांवों में अवैध शराब की दर्जनों भट्ठियां पुलिस की मिलीभगत से खुलेआम चल रही हैं, जिनमें बनाई जाने वाली अवैध शराब को माफिया थाना क्षेत्र के कई गांवों सहित उत्तराखंड तक सप्लाई करते हैं। जब कभी शासन-प्रशासन का दबाव पड़ता है तो थाना पुलिस छोटे-छोटे शराब माफिया को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती है, जबकि बड़े माफिया पुलिस पकड़ से दूर ही रहते हैं। उधर, एसएसआई वीरेंद्र सिंह का कहना है कि दर्जनों लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लगातार अभियान चलाकर शराब माफिया की धरपकड़ की जा रही है। इस धंधे पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाएगा।
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इस तरह बनाई जाती है शराब
पुरकाजी। ग्रामीणों से जानकारी मिली है कि शराब माफिया जंगलों में गड्ढे खोदकर उसमें ड्रम दबाए रहते हैं। उनमें पानी डालकर शीरा व यूरिया के अलावा सड़े गले हुए फल व सब्जियां आदि डालकर उन्हें कई कई दिनों लाहन तैयार किया जाता है। जब ड्रमों में सभी सामान पूरी तरह सड़ जाता है तब शराब तैयार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस शराब में अल्कोहल का कोई मानक नहीं होता। यह शराब बेहद खतरनाक होती है। इसका अधिक सेवन जान भी ले सकता है।
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