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सितारा को तड़पता देख कांप गए बच्चे
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:52 AM IST
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सितारा को तड़पता देख कांप गए बच्चे
मुजफ्फरनगर। शनिवार सुबह सोकर उठे बच्चों को बिल्कुल भरोसा नहीं था कि उनका पिता हैवान भी बन सकता है। मामूली बात पर ही बच्चों से उनकी मां को सदा के लिए छीनकर बेसहारा कर दिया। इतना ही नहीं नौशाद खुद भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मोहल्ले वाले भी इस हत्याकांड से सकते में हैं।
खालापार में किराए के मकान में गुजारा नहीं होने के कारण नौशाद सितारा की मौसी बिलकिश के मोहल्ला मल्हूपुरा गली नंबर आठ में रहने के लिए राजी हो गया। दो कमरे के मकान में बरामदा, गैलरी सब है। परिवार के रहने लायक मकान मिलने से दंपति के साथ बच्चे भी खुश थे। शुक्रवार रात खाना खाया और परिवार के साथ सो गया। पांच बच्चों की जिंदगी में शनिवार का सूरज उजाले के बजाए अंधेरा बनकर छाएगा। शनिवार सुबह तक सब ठीक था, लेकिन दिन गुजरा तो मातम और गमों का पहाड़ इंतजार कर रहा था। सिर पर खून सवार घर में घुसा नौशाद कत्ल के इरादे से ही पहुंचा था, जिसने पत्नी की जान ले ली। बेटे पर भी हमला किया, लेकिन पिता का ऐसा खौफनाक चेहरा देखकर बच्चे भी भाग निकले, नहीं तो नौशाद इन्हें भी मार डालता। वहीं, मासूम बेटियां और घायल बेटा पिता की करतूत को बताते हुए सुबक पड़े। दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर बच्चे पूरी तरह से भयभीत हैं।
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मुजफ्फरनगर। शनिवार सुबह सोकर उठे बच्चों को बिल्कुल भरोसा नहीं था कि उनका पिता हैवान भी बन सकता है। मामूली बात पर ही बच्चों से उनकी मां को सदा के लिए छीनकर बेसहारा कर दिया। इतना ही नहीं नौशाद खुद भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मोहल्ले वाले भी इस हत्याकांड से सकते में हैं।
खालापार में किराए के मकान में गुजारा नहीं होने के कारण नौशाद सितारा की मौसी बिलकिश के मोहल्ला मल्हूपुरा गली नंबर आठ में रहने के लिए राजी हो गया। दो कमरे के मकान में बरामदा, गैलरी सब है। परिवार के रहने लायक मकान मिलने से दंपति के साथ बच्चे भी खुश थे। शुक्रवार रात खाना खाया और परिवार के साथ सो गया। पांच बच्चों की जिंदगी में शनिवार का सूरज उजाले के बजाए अंधेरा बनकर छाएगा। शनिवार सुबह तक सब ठीक था, लेकिन दिन गुजरा तो मातम और गमों का पहाड़ इंतजार कर रहा था। सिर पर खून सवार घर में घुसा नौशाद कत्ल के इरादे से ही पहुंचा था, जिसने पत्नी की जान ले ली। बेटे पर भी हमला किया, लेकिन पिता का ऐसा खौफनाक चेहरा देखकर बच्चे भी भाग निकले, नहीं तो नौशाद इन्हें भी मार डालता। वहीं, मासूम बेटियां और घायल बेटा पिता की करतूत को बताते हुए सुबक पड़े। दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर बच्चे पूरी तरह से भयभीत हैं।
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