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रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगे 4.30 लाख
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:25 AM IST
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मुजफ्फरनगर। शातिर दंपति समेत चार लोगों ने मोहल्ला गंगारामपुरा के एक युवक को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.30 लाख रुपये हड़प लिए। धोखाधड़ी का खुलासा होने पर जब पीड़ित ने रुपये मांगे तो उसे एक लाख रुपये का चेक थमा दिया गया, जो बैंक से बाउंस हो गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दंपति समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गंगारामपुरा निवासी राजेश ने बताया कि मेरठ के शर्मानगर निवासी उसके भांजे सन्नी छाबड़ा को नौकरी की तलाश थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात शहर के निरालानगर निवासी लोकेंद्र व उसकी पत्नी शीला, हकीकत नगर सहारनपुर निवासी सुदेशपाल मलिक और अलमासपुर निवासी सोनू नामक युवक से हुई। आरोप है कि उक्त चारों आरोपियों ने भांजे सन्नी की नौकरी रेलवे में लगवाने का झांसा देते हुए इसके लिए 4.30 लाख रुपये बतौर एडवांस का खर्च बताया। आरोपियों पर भरोसा करते हुए राजेश व उसके भांजे ने शातिरों को 4.30 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने मामा-भांजे का भरोसा जीतने के लिए कुछ समय बाद सन्नी छाबड़ा से एक परीक्षा दिलाई, जिसके बाद उसका मेडिकल भी कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे बकायदा डाक से नियुक्ति पत्र भी दे दिया, जिसके आधार पर जब वे रेलवे में नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे तो वहां उन्हें नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली।
इस पर पीड़ितों ने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे, जिस पर सुदेशपाल मलिक ने उन्हें अपने बैंक खाते का एक लाख रुपये का चेक दे दिया, जो निर्धारित समय पर बाउंस हो गया। आरोप है कि इसके बाद से ही आरोपी अब रुपये देने में टालमटोल करते हुए उन्हें धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित ने तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गंगारामपुरा निवासी राजेश ने बताया कि मेरठ के शर्मानगर निवासी उसके भांजे सन्नी छाबड़ा को नौकरी की तलाश थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात शहर के निरालानगर निवासी लोकेंद्र व उसकी पत्नी शीला, हकीकत नगर सहारनपुर निवासी सुदेशपाल मलिक और अलमासपुर निवासी सोनू नामक युवक से हुई। आरोप है कि उक्त चारों आरोपियों ने भांजे सन्नी की नौकरी रेलवे में लगवाने का झांसा देते हुए इसके लिए 4.30 लाख रुपये बतौर एडवांस का खर्च बताया। आरोपियों पर भरोसा करते हुए राजेश व उसके भांजे ने शातिरों को 4.30 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने मामा-भांजे का भरोसा जीतने के लिए कुछ समय बाद सन्नी छाबड़ा से एक परीक्षा दिलाई, जिसके बाद उसका मेडिकल भी कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे बकायदा डाक से नियुक्ति पत्र भी दे दिया, जिसके आधार पर जब वे रेलवे में नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे तो वहां उन्हें नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली।
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इस पर पीड़ितों ने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे, जिस पर सुदेशपाल मलिक ने उन्हें अपने बैंक खाते का एक लाख रुपये का चेक दे दिया, जो निर्धारित समय पर बाउंस हो गया। आरोप है कि इसके बाद से ही आरोपी अब रुपये देने में टालमटोल करते हुए उन्हें धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित ने तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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