{"_id":"5b3d21494f1c1bbe248b4919","slug":"71530732873-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की मृत्यु के 5 साल बाद खाता चालू मिला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किसान की मृत्यु के 5 साल बाद खाता चालू मिला
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान की मौत के पांच साल बाद खाता चालू मिला
जानसठ। किसान की मृत्यु के पांच साल बाद उसके खाते से लाखों रुपयों का लेनदेन होता रहा। मृत किसान के पुत्र ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बैंक में हंगामा खड़ा कर दिया। शाखा प्रबंधक ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
ककरौली क्षेत्र के गांव जटवाड़ा निवासी अशरफ पुत्र कालू का जानसठ के पीएनबी बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड बना हुआ था। किसान की माह फरवरी 2013 को मृत्यु हो गई थी। किसान के पुत्र रईस अहमद ने बताया कि वर्ष 2014 में किसान क्रेडिट कार्ड के बकाया 25.5 हजार रुपये जमा करा करके खाता बंद करा दिया था। पीएनबी बैंक के कर्मचारी पीड़ित किसान के घर पहुंचे और उस पर खाते का 12 लाख रुपये से अधिक बकाया बताया गया। रईस अहमद ने बताया कि पांच साल तक बैंक द्वारा कोई नोटिस उनको नहीं दिया गया और पैसे जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि उसके द्वारा सभी पैसा बैंक में जमा करा दिया गया था। मृत किसान का पुत्र रईस अहमद बुधवार को आधा दर्जन ग्रामीण नवाब अली, मुजाहिद हुसैन, आमिर हुसैन, अलतमर को साथ लेकर बैंक में पहुंचा। रईस अहमद ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बैंक में हंगामा खड़ा कर दिया। रईस अहमद ने बैंक कर्मचारियों पर ही मिलीभगत कर खाते में लेनदेन करने का आरोप लगाया। पीड़ित द्वारा खाते की डिटेल मांगने पर शाखा प्रबंधक नीरज भारती ने खाते की जानकारी की तो 2015 में मृतक अशरफ के खाते में 15 लाख जमा किए गए और गांव काटका निवासी ब्रजवीर द्वारा निकाले गए, जबकि अशरफ की मृत्यु 2013 में हो गई थी, तो उसका अंगूठा निशान लगाकर पैसा बैंक कर्मचारियों द्वारा कैसे निकाल दिया गया। शाखा प्रबंधक नीरज भारती ने बताया कि खाते में पैसा तो कोई भी जमा कर सकता है, लेकिन खाता धारक ही पैसे निकाल सकता है। मामलृ पूर्व शाखा प्रबंधक के समय का है। उन्होंने कहा कि मामला बड़ा गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जानसठ। किसान की मृत्यु के पांच साल बाद उसके खाते से लाखों रुपयों का लेनदेन होता रहा। मृत किसान के पुत्र ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बैंक में हंगामा खड़ा कर दिया। शाखा प्रबंधक ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
ककरौली क्षेत्र के गांव जटवाड़ा निवासी अशरफ पुत्र कालू का जानसठ के पीएनबी बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड बना हुआ था। किसान की माह फरवरी 2013 को मृत्यु हो गई थी। किसान के पुत्र रईस अहमद ने बताया कि वर्ष 2014 में किसान क्रेडिट कार्ड के बकाया 25.5 हजार रुपये जमा करा करके खाता बंद करा दिया था। पीएनबी बैंक के कर्मचारी पीड़ित किसान के घर पहुंचे और उस पर खाते का 12 लाख रुपये से अधिक बकाया बताया गया। रईस अहमद ने बताया कि पांच साल तक बैंक द्वारा कोई नोटिस उनको नहीं दिया गया और पैसे जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि उसके द्वारा सभी पैसा बैंक में जमा करा दिया गया था। मृत किसान का पुत्र रईस अहमद बुधवार को आधा दर्जन ग्रामीण नवाब अली, मुजाहिद हुसैन, आमिर हुसैन, अलतमर को साथ लेकर बैंक में पहुंचा। रईस अहमद ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बैंक में हंगामा खड़ा कर दिया। रईस अहमद ने बैंक कर्मचारियों पर ही मिलीभगत कर खाते में लेनदेन करने का आरोप लगाया। पीड़ित द्वारा खाते की डिटेल मांगने पर शाखा प्रबंधक नीरज भारती ने खाते की जानकारी की तो 2015 में मृतक अशरफ के खाते में 15 लाख जमा किए गए और गांव काटका निवासी ब्रजवीर द्वारा निकाले गए, जबकि अशरफ की मृत्यु 2013 में हो गई थी, तो उसका अंगूठा निशान लगाकर पैसा बैंक कर्मचारियों द्वारा कैसे निकाल दिया गया। शाखा प्रबंधक नीरज भारती ने बताया कि खाते में पैसा तो कोई भी जमा कर सकता है, लेकिन खाता धारक ही पैसे निकाल सकता है। मामलृ पूर्व शाखा प्रबंधक के समय का है। उन्होंने कहा कि मामला बड़ा गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन