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फर्जीवाड़े के मामले में तीन भाइयों समेत पांच पर रिपोर्ट
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:56 AM IST
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फर्जीवाड़े में तीन भाइयों समेत पांच पर रिपोर्ट
चरथावल। ग्राम दूधली में संपत्ति के मामले में चकबंदी कार्यालय में फर्जी कागजात तैयार कर दाखिल खारिज कराने का मामला संज्ञान में आया है। कोर्ट के आदेश पर महिला ने तीन भाइयों समेत पांच के खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ग्राम दूधली निवासी सुधा का आरोप है कि उसके ताऊ के तीन लड़कों ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से संपत्ति हड़पने का प्रयास किया। सुधा की मां का देहांत हो गया था। आरोपियों ने फर्जी तरीके से वारिसान के कागजात तैयार कर उत्तराधिकारी दर्शाया और माता के नाम की जमीन चकबंदी दफ्तर में अपने करा ली। जबकि माता चंद्रवती की मृत्यु के बाद एकमात्र वारिस सुधा है। चकबंदी कार्यालय में कृषि भूमि को तीनों भाइयों ने कूट रचित दस्तावेज तैयार करने के बाद वर्ष 28 एवं 29 दिसंबर 2011 को धांधली कर अपने नाम दर्ज करा डाली। वादियों का मामला संज्ञान में आया, तो पीड़ित ने विभाग को असली कागजात प्रस्तुत किये। 5 जुलाई 2018 को माता के नाम की संपत्ति अपने नाम करा ली। गांव के दो अन्य लोगों ने भी फर्जी वसीयत में हस्ताक्षर करने का आरोप है। महिला ने आरोपियों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और ससुराल हरियाणा के जींद स्थित ससुराल से गांव में नहीं आने की धमकी दी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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चरथावल। ग्राम दूधली में संपत्ति के मामले में चकबंदी कार्यालय में फर्जी कागजात तैयार कर दाखिल खारिज कराने का मामला संज्ञान में आया है। कोर्ट के आदेश पर महिला ने तीन भाइयों समेत पांच के खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ग्राम दूधली निवासी सुधा का आरोप है कि उसके ताऊ के तीन लड़कों ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से संपत्ति हड़पने का प्रयास किया। सुधा की मां का देहांत हो गया था। आरोपियों ने फर्जी तरीके से वारिसान के कागजात तैयार कर उत्तराधिकारी दर्शाया और माता के नाम की जमीन चकबंदी दफ्तर में अपने करा ली। जबकि माता चंद्रवती की मृत्यु के बाद एकमात्र वारिस सुधा है। चकबंदी कार्यालय में कृषि भूमि को तीनों भाइयों ने कूट रचित दस्तावेज तैयार करने के बाद वर्ष 28 एवं 29 दिसंबर 2011 को धांधली कर अपने नाम दर्ज करा डाली। वादियों का मामला संज्ञान में आया, तो पीड़ित ने विभाग को असली कागजात प्रस्तुत किये। 5 जुलाई 2018 को माता के नाम की संपत्ति अपने नाम करा ली। गांव के दो अन्य लोगों ने भी फर्जी वसीयत में हस्ताक्षर करने का आरोप है। महिला ने आरोपियों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और ससुराल हरियाणा के जींद स्थित ससुराल से गांव में नहीं आने की धमकी दी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।