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मोरना अस्पताल में भर्ती कराई वृद्धा का शव सड़क पर पड़ा मिला
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:45 AM IST
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मोरना अस्पताल में भर्ती महिला का शव सड़क पर मिला
मोरना (मुजफ्फरनगर)। सरकारी अस्पताल में भर्ती कराई गई वृद्ध महिला का शव शुक्रताल-फिरोजपुर मार्ग पर मिलने से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। बुधवार को वृद्धा की मौत कैसे हुई यह अभी तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की मौत से अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवालिया भी निशान खड़े हो गए हैं।
मोरना अस्पताल में भर्ती बीमार वृद्ध महिला का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। शव को देखकर गांव चौकीदार रविंद्र ने शुकतीर्थ पुलिस चौकी प्रभारी चंद्रसेन सैनी को सूचना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के हाथ पर चंद्रवती भाई केहर सिंह गुदा हुआ पाया गया है। पता चला है कि इस महिला को बीमार हालत में मोरना पुलिस चौकी पर तैनात प्रमोद कुमार ने 108 एंबलेंस के द्वारा मोरना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसको प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। रेफर करने को रजिस्टर में अंकित भी किया गया है। अस्पताल से सात किलोमीटर दूर महिला शव पड़ा मिला। वहीं, गांव फिरोजपुर प्रधान नेमपाल सिंह, ब्रजपाल, मोहित, जबर सिंह आदि ने वृद्धा की मौत को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताया है। उधर, भोपा सीओ राममोहन शर्मा का कहना है कि मामला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का है, जिसकी सूचना देकर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जांच कराकर इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मोरना चिकित्सा प्रभारी डॉ अर्जुन सिंह ने बताया कि महिला का कई दिन पहले भी इलाज किया जा चुका है। महिला कमजोर होने के साथ बीड़ी पीने की आदी थी और मनोरोगी थी। बुधवार को मोरना पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसका प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर भी किया गया था। मौके पर एंबुलेंस नहीं होने पर अचानक अस्पताल से निकलकर अज्ञात युवक की बाइक पर बैठकर शुकतीर्थ की ओर चली गई थी।
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- वृद्धा की मौत का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वृद्धा को मोरना अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे रेफर भी किया गया था, फिर वृद्धा की मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी मोरना अस्पताल के डॉक्टरों से मांगी जाएगी। जांच कराई जाएगी, दोषी पाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ पीएस मिश्रा
सीएमओ
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। सरकारी अस्पताल में भर्ती कराई गई वृद्ध महिला का शव शुक्रताल-फिरोजपुर मार्ग पर मिलने से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। बुधवार को वृद्धा की मौत कैसे हुई यह अभी तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की मौत से अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवालिया भी निशान खड़े हो गए हैं।
मोरना अस्पताल में भर्ती बीमार वृद्ध महिला का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। शव को देखकर गांव चौकीदार रविंद्र ने शुकतीर्थ पुलिस चौकी प्रभारी चंद्रसेन सैनी को सूचना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के हाथ पर चंद्रवती भाई केहर सिंह गुदा हुआ पाया गया है। पता चला है कि इस महिला को बीमार हालत में मोरना पुलिस चौकी पर तैनात प्रमोद कुमार ने 108 एंबलेंस के द्वारा मोरना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसको प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। रेफर करने को रजिस्टर में अंकित भी किया गया है। अस्पताल से सात किलोमीटर दूर महिला शव पड़ा मिला। वहीं, गांव फिरोजपुर प्रधान नेमपाल सिंह, ब्रजपाल, मोहित, जबर सिंह आदि ने वृद्धा की मौत को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताया है। उधर, भोपा सीओ राममोहन शर्मा का कहना है कि मामला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का है, जिसकी सूचना देकर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जांच कराकर इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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मोरना चिकित्सा प्रभारी डॉ अर्जुन सिंह ने बताया कि महिला का कई दिन पहले भी इलाज किया जा चुका है। महिला कमजोर होने के साथ बीड़ी पीने की आदी थी और मनोरोगी थी। बुधवार को मोरना पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसका प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर भी किया गया था। मौके पर एंबुलेंस नहीं होने पर अचानक अस्पताल से निकलकर अज्ञात युवक की बाइक पर बैठकर शुकतीर्थ की ओर चली गई थी।
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- वृद्धा की मौत का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वृद्धा को मोरना अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे रेफर भी किया गया था, फिर वृद्धा की मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी मोरना अस्पताल के डॉक्टरों से मांगी जाएगी। जांच कराई जाएगी, दोषी पाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ पीएस मिश्रा
सीएमओ