{"_id":"5a79f8444f1c1bf17b8b5ed1","slug":"141517942852-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र-छात्राओं को परीक्षा दिलाने को धोखे में रखा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्र-छात्राओं को परीक्षा दिलाने को धोखे में रखा
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरना। क्षेत्र के काफी लड़के लड़कियों को बोर्ड परीक्षा दिलाने के नाम में कुछ लोगों ने धोखे में रखा। इसने पैसे लेकर परीक्षा में पास कराने तक की गारंटी ले रखी थी, लेकिन परीक्षा के दिन प्रवेशपत्र तक नहीं मिल सके।
मोरना क्षेत्र में कई गांवों के ग्रामीणों को कुछ ठेकेदारों ने गुमराह करते हुए उनके बच्चों का अलग अलग स्कूलों में पंजीकरण कराकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा दिलाने का भरोसा दिया था। इन ठेकेदारों ने ग्रामीणों से स्कूल में पंजीकरण कराने तथा परीक्षा में पास तक कराने की गारंटी लेकर पैसों की ठगी कर ली गई। ग्रामीणों के बच्चों को जब बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने भागदौड़ करनी शुरू की। ग्रामीणों के मुताबिक वे प्रवेश पत्र न मिलने की जानकारी लेने मेरठ यूनिवर्सिटी तक पहुंचे। वहां पर इन ग्रामीणों को निराशा ही हाथ लगी। स्वर्ण, हिमांशु, मनजीत, गजेंद्र, सौरभ, नीरज, निकुल, रोहित, हरेंद्र, मनीष, मीनू, दीपिका, राधिका, रुकमणि, मीनाक्षी, मोनी, रोशनी, निकिता, सुनीता निवासी मजलिसपुर तौफीर व रोबिन, स्वाति, साक्षी तथा कैड़ी निवासी अंकुर, रवि, अनुज, योगेश, रेशमा, गुड्डी, रोनिका आदि का आरोप है कि ठेकेदारों की वजह से उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर न्याय की गुहार लगाने की बात कही है। खंड शिक्षा अधिकारी भोपा जितेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच पड़ताल कराई जाएगी।
विज्ञापन
मोरना क्षेत्र में कई गांवों के ग्रामीणों को कुछ ठेकेदारों ने गुमराह करते हुए उनके बच्चों का अलग अलग स्कूलों में पंजीकरण कराकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा दिलाने का भरोसा दिया था। इन ठेकेदारों ने ग्रामीणों से स्कूल में पंजीकरण कराने तथा परीक्षा में पास तक कराने की गारंटी लेकर पैसों की ठगी कर ली गई। ग्रामीणों के बच्चों को जब बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने भागदौड़ करनी शुरू की। ग्रामीणों के मुताबिक वे प्रवेश पत्र न मिलने की जानकारी लेने मेरठ यूनिवर्सिटी तक पहुंचे। वहां पर इन ग्रामीणों को निराशा ही हाथ लगी। स्वर्ण, हिमांशु, मनजीत, गजेंद्र, सौरभ, नीरज, निकुल, रोहित, हरेंद्र, मनीष, मीनू, दीपिका, राधिका, रुकमणि, मीनाक्षी, मोनी, रोशनी, निकिता, सुनीता निवासी मजलिसपुर तौफीर व रोबिन, स्वाति, साक्षी तथा कैड़ी निवासी अंकुर, रवि, अनुज, योगेश, रेशमा, गुड्डी, रोनिका आदि का आरोप है कि ठेकेदारों की वजह से उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर न्याय की गुहार लगाने की बात कही है। खंड शिक्षा अधिकारी भोपा जितेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच पड़ताल कराई जाएगी।
विज्ञापन