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फांसी लगाने से बिगड़ी हालत से छात्र की मौत
Updated Fri, 27 Apr 2018 12:57 AM IST
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फांसी लगाने से बिगड़ी हालत से छात्र की मौत
मोरना। छात्र ने कमरे के दरवाजा का लॉक लगाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर छात्र को नीचे उतारा, लेकिन तब तक वह पूरी तरह से नीला पड़ चुका था। मेरठ अस्पताल में ले जाते हुए छात्र की मौत हो गई। छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
ककरौली क्षेत्र के गांव चौरावाला निवासी 20 वर्षीय नितिन पुत्र रामचंद्र बीए की परीक्षाएं दे रहा था। बृहस्पतिवार की शाम को छात्र ने किसी बात को लेकर कमरे को दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया और पंखे में फंदा लगाकर लटक गया। नितिन द्वारा कमरे के अंदर अनहोनी करने की आशंका हुई तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। परिजनों ने कमरे के भीतर छत से लटके नितिन को नीचे उतारा। उस वक्त नितिन बुरी तरह से नीला पड़ चुका था और धीमी सांस चल रही थी। परिजन आनन फानन में उसको लेकर अस्पताल में पहुंचे। वहां पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिए भेज दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखकर मेरठ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मेरठ अस्पताल ले जाते समय रास्ते में नितिन की मौत हो गई। नितिन की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को लेकर गांव में पहुंच गए।
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मोरना। छात्र ने कमरे के दरवाजा का लॉक लगाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर छात्र को नीचे उतारा, लेकिन तब तक वह पूरी तरह से नीला पड़ चुका था। मेरठ अस्पताल में ले जाते हुए छात्र की मौत हो गई। छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
ककरौली क्षेत्र के गांव चौरावाला निवासी 20 वर्षीय नितिन पुत्र रामचंद्र बीए की परीक्षाएं दे रहा था। बृहस्पतिवार की शाम को छात्र ने किसी बात को लेकर कमरे को दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया और पंखे में फंदा लगाकर लटक गया। नितिन द्वारा कमरे के अंदर अनहोनी करने की आशंका हुई तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। परिजनों ने कमरे के भीतर छत से लटके नितिन को नीचे उतारा। उस वक्त नितिन बुरी तरह से नीला पड़ चुका था और धीमी सांस चल रही थी। परिजन आनन फानन में उसको लेकर अस्पताल में पहुंचे। वहां पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिए भेज दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखकर मेरठ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मेरठ अस्पताल ले जाते समय रास्ते में नितिन की मौत हो गई। नितिन की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को लेकर गांव में पहुंच गए।
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