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नीरज जैन की 6.61 करोड़ की आरसी जारी
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:56 AM IST
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नीरज जैन की 6.61 करोड़ की आरसी जारी
मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री एवं जिले के मूल निवासी रहे लियाकत अली खां के तथाकथित वंशजों से नुमाइश ग्राउंड की जमीन खरीदने का मामला उल्टा गले पड़ता नजर आ रहा है। वर्ष 2001 में अरबों की इस जमीन की खरीद मात्र एक लाख रुपये के स्टांप पर करने के मामले में स्टांप चोरी की 6.61 करोड़ की आरसी जारी हो गई है। तहसील प्रशासन शहर के ठाकुरद्वारा के नीरज जैन से इस पैसे की वसूली करेगा।
मुजफ्फरनगर शहर में पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री लियाकत अली खां के परिवार का जमीदारा रहा है। देश की आजादी से पहले शहर की अधिकतम जमीन उन्हीं के परिवार के पास थी। देश की आजादी के बाद लियाकत अली खां का परिवार पाकिस्तान चला गया और वहां वह पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री बने। जिले के कुछ भू-माफिया ने लियाकत अली खां के कुछ तथाकथित वंशज तैयार कर लिए। शासन और प्रशासन की ढिलाई की वजह से उनके वंशजों की जमीन शत्रु संपत्ति घोषित नहीं की गई थी। इसका फायदा भूमाफिया को मिला और कागजों में प्रशासन को उलझाकर जमीन की खरीदारी भी कर ली गई। नुमाइश मैदान की खसरा नंबर 1356 जो 2.51 हेक्टेयर है। इस जमीन को नीरज जैन ने आदित्य कंस्ट्रक्शन के साथ मिलकर खरीदने का दावा किया। इस खेल में राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल हो गए। यह मामला 2014 में तब खुला, जब लखनऊ से जमीन को लेकर रिपोर्ट मांगी गई। तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। तत्कालीन एडीएम रामकिशन शर्मा ने जमीन के सर्किल रेट के हिसाब से खरीदार नीरज जैन को स्टांप चोरी का 6.61 करोड़ का नोटिस जारी किया। इसके बाद तहसील को आरसी जारी कर दी गई। आरसी जारी करने के विरोध में नीरज जैन हाईकोर्ट गए, जहां उसकी याचिका खारिज हो गई।
इसके बाद नीरज जैन ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली, जहां उन्हें स्टे मिल गया। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आरसी की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। स्टे का समय समाप्त होने के बाद नीरज जैन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका एसएलपी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद जिला प्रशासन ने वसूली के लिए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह ने तहसील को आरसी जारी कर दी। तहसीलदार को नीरज जैन से स्टांप चोरी का पैसा वसूलने के आदेश दिए गए हैं।
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पैसा जमा करने को 14 दिन का वक्त
मुजफ्फरनगर। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील सिंह ने बताया कि तहसीलदार सदर पैसा जमा करने के लिए 14 दिन का नोटिस जारी करेंगे। 14 दिन में नीरज जैन पैसा जमा नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति को कुर्क कर नीलामी करने और जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री एवं जिले के मूल निवासी रहे लियाकत अली खां के तथाकथित वंशजों से नुमाइश ग्राउंड की जमीन खरीदने का मामला उल्टा गले पड़ता नजर आ रहा है। वर्ष 2001 में अरबों की इस जमीन की खरीद मात्र एक लाख रुपये के स्टांप पर करने के मामले में स्टांप चोरी की 6.61 करोड़ की आरसी जारी हो गई है। तहसील प्रशासन शहर के ठाकुरद्वारा के नीरज जैन से इस पैसे की वसूली करेगा।
मुजफ्फरनगर शहर में पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री लियाकत अली खां के परिवार का जमीदारा रहा है। देश की आजादी से पहले शहर की अधिकतम जमीन उन्हीं के परिवार के पास थी। देश की आजादी के बाद लियाकत अली खां का परिवार पाकिस्तान चला गया और वहां वह पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री बने। जिले के कुछ भू-माफिया ने लियाकत अली खां के कुछ तथाकथित वंशज तैयार कर लिए। शासन और प्रशासन की ढिलाई की वजह से उनके वंशजों की जमीन शत्रु संपत्ति घोषित नहीं की गई थी। इसका फायदा भूमाफिया को मिला और कागजों में प्रशासन को उलझाकर जमीन की खरीदारी भी कर ली गई। नुमाइश मैदान की खसरा नंबर 1356 जो 2.51 हेक्टेयर है। इस जमीन को नीरज जैन ने आदित्य कंस्ट्रक्शन के साथ मिलकर खरीदने का दावा किया। इस खेल में राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल हो गए। यह मामला 2014 में तब खुला, जब लखनऊ से जमीन को लेकर रिपोर्ट मांगी गई। तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। तत्कालीन एडीएम रामकिशन शर्मा ने जमीन के सर्किल रेट के हिसाब से खरीदार नीरज जैन को स्टांप चोरी का 6.61 करोड़ का नोटिस जारी किया। इसके बाद तहसील को आरसी जारी कर दी गई। आरसी जारी करने के विरोध में नीरज जैन हाईकोर्ट गए, जहां उसकी याचिका खारिज हो गई।
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इसके बाद नीरज जैन ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली, जहां उन्हें स्टे मिल गया। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आरसी की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। स्टे का समय समाप्त होने के बाद नीरज जैन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका एसएलपी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद जिला प्रशासन ने वसूली के लिए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह ने तहसील को आरसी जारी कर दी। तहसीलदार को नीरज जैन से स्टांप चोरी का पैसा वसूलने के आदेश दिए गए हैं।
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पैसा जमा करने को 14 दिन का वक्त
मुजफ्फरनगर। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील सिंह ने बताया कि तहसीलदार सदर पैसा जमा करने के लिए 14 दिन का नोटिस जारी करेंगे। 14 दिन में नीरज जैन पैसा जमा नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति को कुर्क कर नीलामी करने और जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।